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Wednesday, October 18, 2017

आप मेरा साक्षत्कार करना चाह रहे थे तो इसी प्रयागराज स्थित प्रयागराज विश्विद्यालय में ही सैध्दांतिक रूप में मई, 2006 में ही हो चुका था, फिर मार्च/सितम्बर/अक्टूबर, 2007 में पुनः प्रमाणित रूप से 29/30 अक्टूबर, 2009 में तथा 19/20 जुलाई, 2011 (संस्थागत), जुलाई/अगस्त, 2014 (सामाजिक, संवैधानिक) और 29/30 नवम्बर, 2016 को मानवता के इतिहास में वर्णित हर विधि और सिद्धांत से साक्षात्कार हो चुका है क्योंकि मै वह हूँ जो ब्रह्मा की संचार प्रणाली का अगर स्रोत और आश हूँ तो जगताधार व् संरक्षक/पोषक विष्णु के विष्णुवत्व का भी स्रोत हूँ और जगत रक्षक और जगत जीवन मोचक शिव का शिवत्व का भी स्रोत हूँ तो फिर जिसपर इन तीनो जगत नियंता का भी कोई ऋण शेष नहीं रहता है तो फिर गुरु, माता-पिता और किसी अन्य सम्बन्धी का कोई ऋण कहाँ शेष रहेगा? और एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ मेरा न कोई था और न है और न होगा; और होगा भी तो उसमे और मुझमे कोई अंतर नहीं होगा वैयक्तिक परिस्थितियों के अनुकूलन से इतर तो फिर भी जगत धर्म का पालन करना और करना मेरा कर्तव्य और अधिकार है और ब्रह्मा की इक्षा को बलवती रखना मेरा प्रथम दायित्व है की जगत जननी जानकी:सीता की छाया रूपी सृष्टि (सीता स्वयं सामाजिक स्वरुप है जगत जननी जगदम्बा:दुर्गा को जो स्वयं एकल स्वरुप है महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की) अनवरत अबाधगति से संचालित रहे तो इस हेतु मेरा समर्पण था, है और रहेगा भी|

आप मेरा साक्षत्कार करना चाह रहे थे तो इसी प्रयागराज स्थित प्रयागराज विश्विद्यालय में ही सैध्दांतिक रूप में मई, 2006 में ही हो चुका था, फिर मार्च/सितम्बर/अक्टूबर, 2007 में पुनः प्रमाणित रूप से 29/30 अक्टूबर, 2009 में तथा 19/20 जुलाई, 2011 (संस्थागत), जुलाई/अगस्त, 2014 (सामाजिक, संवैधानिक) और 29/30 नवम्बर, 2016 को मानवता के इतिहास में वर्णित हर विधि और सिद्धांत से साक्षात्कार हो चुका है क्योंकि मै वह हूँ जो ब्रह्मा की संचार प्रणाली का अगर स्रोत और आश हूँ तो जगताधार व् संरक्षक/पोषक विष्णु के विष्णुवत्व का भी स्रोत हूँ और जगत रक्षक और जगत जीवन मोचक शिव का शिवत्व का भी स्रोत हूँ तो फिर जिसपर इन तीनो जगत नियंता का भी कोई ऋण शेष नहीं रहता है तो फिर गुरु, माता-पिता और किसी अन्य सम्बन्धी का कोई ऋण कहाँ शेष रहेगा? और एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ मेरा न कोई था और न है और न होगा; और होगा भी तो उसमे और मुझमे कोई अंतर नहीं होगा वैयक्तिक परिस्थितियों के अनुकूलन से इतर तो फिर भी जगत धर्म का पालन करना और करना मेरा कर्तव्य और अधिकार है और ब्रह्मा की इक्षा को बलवती रखना मेरा प्रथम दायित्व है की जगत जननी जानकी:सीता की छाया रूपी सृष्टि (सीता स्वयं सामाजिक स्वरुप है जगत जननी जगदम्बा:दुर्गा को जो स्वयं एकल स्वरुप है महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की) अनवरत अबाधगति से संचालित रहे तो इस हेतु मेरा समर्पण था, है और रहेगा भी| >>>>>>>Hi Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfectBrahman.>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण|

जो हमारे जीवन संजीविनी/संचारक, जीवन आधार और जीवन संरक्षक रहे हैं, आज भी है और आगे भी होंगे उनपर आरोप मढ़ना बहुत सरल है पर स्वयं निभाना और अपनो से अनुसरण करवाना बहुत ही कठिन और दुरूह है: ----------हर जाति/धर्म का आचार्य, सेनापति व् उद्योगपति, राजनायिक व् संविधान अध्यक्ष/संविधान के तहत जिसको शासन स्थापित करने की जिसकी जिम्मेदारी है एक बार पद पाए नहीं की पुनः ग्रामीण अंचल के वनवासी और ग्रांमवासी जीवन शैली तथा सुविधा और धन अभाव में शारीरिक श्रम कर जीवन जीने से स्वयं कतरा रहे और आने वाली पीढ़ी को भी उससे दूर करने का उपाय जीवन के अंतिमदिन तक सोच रहे है और इस प्रकार मत्स्य न्याय और बन्दर बाँट कर रहा है तो फिर इसमें इस राम को दोष क्यों देते हो अगर दोष देना है तो उनको दोष और सजा दो जो केवल आर्थिक और सामाजिक ही नहीं आप के घर ले लेकर बाहर तक चारित्रिक और नैतिक गन्दगी फैलाककर उसकी भयानक लपटों के बीच बलपूर्वक सम्पूर्ण भारत पर कब्जा कर लिए हैं| और अगर ऐसा हो रहा है तो जाहिर से बात है की हमारी संवैधानिक व्यवस्था जिन लोगों और जिन पांच देशों से उधार लेकर रची गयी है और परोक्ष किन्तु पूर्णसमर्थन और सहयोग से यह पंचमेल खिचड़ी तैयार की गयी है ऐसी व्यवस्था दूरदर्शी नहीं थी और न उसको निकट भविष्य के विज्ञान के संभावित चमत्कार का पूर्णतः ज्ञान और भान था|

जो हमारे जीवन संजीविनी/संचारक, जीवन आधार और जीवन संरक्षक रहे हैं, आज भी है और आगे भी होंगे उनपर आरोप मढ़ना बहुत सरल है पर स्वयं निभाना और अपनो से अनुसरण करवाना बहुत ही कठिन और दुरूह है: ----------हर जाति/धर्म का आचार्य, सेनापति व् उद्योगपति, राजनायिक व् संविधान अध्यक्ष/संविधान के तहत जिसको शासन स्थापित करने की जिसकी जिम्मेदारी है एक बार पद पाए नहीं की पुनः ग्रामीण अंचल के वनवासी और ग्रांमवासी जीवन शैली तथा सुविधा और धन अभाव में शारीरिक श्रम कर जीवन जीने से स्वयं कतरा रहे और आने वाली पीढ़ी को भी उससे दूर करने का उपाय जीवन के अंतिमदिन तक सोच रहे है और इस प्रकार मत्स्य न्याय और बन्दर बाँट कर रहा है तो फिर इसमें इस राम को दोष क्यों देते हो अगर दोष देना है तो उनको दोष और सजा दो जो केवल आर्थिक और सामाजिक ही नहीं आप के घर ले लेकर बाहर तक चारित्रिक और नैतिक गन्दगी फैलाककर उसकी भयानक लपटों के बीच बलपूर्वक सम्पूर्ण भारत पर कब्जा कर लिए हैं| और अगर ऐसा हो रहा है तो जाहिर से बात है की हमारी संवैधानिक व्यवस्था जिन लोगों और जिन पांच देशों से उधार लेकर रची गयी है और परोक्ष किन्तु पूर्णसमर्थन और सहयोग से यह पंचमेल खिचड़ी तैयार की गयी है ऐसी व्यवस्था दूरदर्शी नहीं थी और न उसको निकट भविष्य के विज्ञान के संभावित चमत्कार का पूर्णतः ज्ञान और भान था|>>>>>>>Hi Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfectBrahman.>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण|

CAN YOU IMAGINE ABOUT THAT RAM/VIVEK(GIRIDHAR)/ TRAYAMBAK /TRINETRA /TRILOCHAN/SHIVRAMKRISHN /SHRIRAMKRISHN /RAMKRISHNA/ SHRIRAM/RAM (MAHASHIV) WHO NOT SLEPT (MENTALLY) IN MORE THAN 16 YEAR BATTLE OF CULTURAL, SOCIAL, RELIGIOUS, EDUCATIONAL, PHILOSOPHICAL AND THUS A BATTEL OF HUMAN CONSERVATION/ PRESERVATION/ EFFORT FOR EASILY MOOVING HUMANITY; LIKE WISE RAGHUVANSHI RAM(WHILE SLEEPING WHO WAS KIDNAPPED BY AHIRAVAN: A GREATEST MAFIA OF THE WORLD AND RESIDENT OF THE SO CALLED WORLD SUPER POWER COUNTRY AND UNDERGROUND BROTHER OF LANKESH ~ RAVAN ) WHO SLEPT UNDER THE SECURITY OF MONKEY GUARDS.

CAN YOU IMAGINE ABOUT THAT RAM/VIVEK(GIRIDHAR)/ TRAYAMBAK /TRINETRA /TRILOCHAN/SHIVRAMKRISHN /SHRIRAMKRISHN /RAMKRISHNA/ SHRIRAM/RAM (MAHASHIV) WHO NOT SLEPT (MENTALLY) IN MORE THAN 16 YEAR BATTLE OF CULTURAL, SOCIAL, RELIGIOUS, EDUCATIONAL, PHILOSOPHICAL AND THUS A BATTEL OF HUMAN CONSERVATION/ PRESERVATION/ EFFORT FOR EASILY MOOVING HUMANITY; LIKE WISE RAGHUVANSHI RAM(WHILE SLEEPING WHO WAS KIDNAPPED BY AHIRAVAN: A GREATEST MAFIA OF THE WORLD AND RESIDENT OF THE SO CALLED WORLD SUPER POWER COUNTRY AND UNDERGROUND BROTHER OF LANKESH ~ RAVAN ) WHO SLEPT UNDER THE SECURITY OF MONKEY GUARDS.>>>>>>>>Hi Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfectBrahman.>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण|

Monday, October 16, 2017

सशरीर सनातन परमबह्म/ब्रह्म राम(कृष्ण)= शिव(ज्येष्ठ)+विष्णु (मध्यम)+ ब्रह्मा(कनिष्ठ) + सरस्वती(ज्येष्ठ)+लक्ष्मी(मध्यम)+सती:गौरी (कनिष्ठ) = समस्त मानवता, तो इससे परे संसार का अस्तित्व कहा से सम्भव है|

सशरीर सनातन परमबह्म/ब्रह्म राम(कृष्ण)= शिव(ज्येष्ठ)+विष्णु (मध्यम)+ ब्रह्मा(कनिष्ठ) + सरस्वती(ज्येष्ठ)+लक्ष्मी(मध्यम)+सती:गौरी (कनिष्ठ) = समस्त मानवता, तो इससे परे संसार का अस्तित्व कहा से सम्भव है|

ब्रह्मा, विष्णु व महेश :
शिक्षण-प्रशिक्षण और सुरक्षा बंद हो जाने पर कोई उद्दयम (आपूर्ति, भरण-पोषण,व्यवसाय और उद्योग) अधिक दिनों तक जारी रह सकता है क्या?
आपूर्ति (भरण- पोषण)/उद्यम/योग और सुरक्षा बंद हो जाने पर कोई शिक्षण-प्रशिक्षण और अनुसंधान अधिक दिनों तक जारी रह पायेगा क्या?
आपूर्ति (भरण- पोषण)/योग/उद्यम और शिक्षण-प्रशिक्षण बंद कर हो जाने पर सुरक्षा का काम अधिक दिनों तक जारी रहेगा क्या?



Friday, October 13, 2017

परसासूमाँ (सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी) और सासुमाँ बड़ी या क्रमसः दामाद या परदामाद(देवादिदेव महादेव) बड़ा होता है यह तो स्थान स्थान की संस्कृति और संस्कार पर निर्भर करता है पर सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि), राम से स्वयं सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी का प्रादुर्भाव ठीक वैसे होता है जैसे देवादिदेव महादेव का तो फिर जिस देवी सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी का मानस पुत्र विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) स्वयं को मानते हैं वे देवी सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी अपने आप वास्तविक रूप में देवादिदेव महादेव से बड़ी होंगी क्योंकि विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) स्वयं देवादिदेव महादेव के प्रादुर्भावकर्ता के साथ साथ देवादिदेव महादेव के मानसपुत्र नहीं हैं जैसा की वे सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी के प्रादुर्भावकर्ता के साथ साथ मानस पुत्र भी हैं और उनको ही मानस पुत्र योग्य पाती है अपने कसौटी के सर्वोच्च नियमानुसार| टिप्पणी:---जो व्यक्तित्व, स्वयं सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी[ जिस देवी का प्रादुर्भाव परमब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि)/ब्रह्म से ठीक वैसे ही होता है जैसे की उसी देवी के परदामाद देवादिदेव महादेव (ब्रह्मा और सरस्वती के भौतिक पुत्र काशीराज दक्ष प्रजापति की पुत्री सती:गौरी:पार्वती:उमा :गिरिजा:अपर्णा के पति)] का भौतिक पुत्र तो नहीं किन्तु मानस पुत्र, विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) है तो फिर उसका एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ संभव ही नहीं है और यह भी की ऐसा न कभी था, न है और न कभी होगा| अब यहाँ भी आप को माया दिखाई दे रही होगी की आदिदेवी:आद्या:सरस्वती: महादेवी:आदिदेवी के परदामाद स्वयं आदिदेव:आदितृदेव: देवादिदेव: महादेव स्वयं है और स्वयं जिस ब्रह्मदेवी:आदिदेवी:आद्या:सरस्वती:महादेवी:आदिदेवी का प्रादुर्भाव राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म से होता है वही राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म स्वयं ब्रह्मदेवी:आदिदेवी:आद्या:सरस्वती:महादेवी:आदिदेवी के मानस पुत्र हैं जैसे की ब्रह्मा के मानसपुत्र कश्यप/मारीच(सूर्य), गौतम, वशिष्ठ, आंगिरस, भृगु, अत्रि, कौसिक (और इनसातो के सम्मिलित गुण वाले अगस्त्य/कुम्भज और इसप्रकार आठ ऋषि मतलब सप्तर्षि से अष्टक(आठ ऋषि परम्परा) जिसके आगे 24 मानक ऋषि परम्परा होते हुए वर्तमान में वासुदेव कृष्ण के सुदर्शन चक्र की 108 आरियों के बराबर 108 मानक ऋषि परम्परा तक किन्तु मूल 7 ऋषि प्रारंभिक रूप से ब्रह्मा के मानस संतान है)| लेकिन क्या सरस्वती या ब्रह्मा का कोई मानस पुत्र सरस्वती और ब्रह्मा के भौतिक पुत्र काशिराज के अस्तित्व को नकार सकता है या मिटा सकता है? काशिराज को मिटाना या उनके अस्तित्व को नकारना स्वयं राम से भी नहीं हो सकता क्या? वे भी उनके किसी दुस्साहसिक कार्य हेतु उनको मात्र अस्थायी दण्ड ही दे सकते हैं|

परसासूमाँ (सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी) और सासुमाँ बड़ी या क्रमसः दामाद या परदामाद(देवादिदेव महादेव) बड़ा होता है यह तो स्थान स्थान की संस्कृति और संस्कार पर निर्भर करता है पर सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि), राम से स्वयं सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी का प्रादुर्भाव ठीक वैसे होता है जैसे देवादिदेव महादेव का तो फिर जिस देवी सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी का मानस पुत्र विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) स्वयं को मानते हैं वे देवी सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी अपने आप वास्तविक रूप में देवादिदेव महादेव से बड़ी होंगी क्योंकि विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) स्वयं देवादिदेव महादेव के प्रादुर्भावकर्ता के साथ साथ देवादिदेव महादेव के मानसपुत्र नहीं हैं जैसा की वे सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी के प्रादुर्भावकर्ता के साथ साथ मानस पुत्र भी हैं और उनको ही मानस पुत्र योग्य पाती है अपने कसौटी के सर्वोच्च नियमानुसार|
टिप्पणी:---जो व्यक्तित्व, स्वयं सरस्वती/महादेवी/आदितृदेवी/आद्या/आदिदेवी/ब्रह्मदेवी[ जिस देवी का प्रादुर्भाव परमब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि)/ब्रह्म से ठीक वैसे ही होता है जैसे की उसी देवी के परदामाद देवादिदेव महादेव (ब्रह्मा और सरस्वती के भौतिक पुत्र काशीराज दक्ष प्रजापति की पुत्री सती:गौरी:पार्वती:उमा :गिरिजा:अपर्णा के पति)] का भौतिक पुत्र तो नहीं किन्तु मानस पुत्र, विवेक(+ विवेक की संगत बहन प्रज्ञा+ भाई ज्ञान + ज्ञान की संगत बहन विद्या)/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचल/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म(एकल स्वरुप में ब्रह्मा+विष्णु+महेश समेत समस्त सृष्टि) है तो फिर उसका एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ संभव ही नहीं है और यह भी की ऐसा न कभी था, न है और न कभी होगा| अब यहाँ भी आप को माया दिखाई दे रही होगी की आदिदेवी:आद्या:सरस्वती: महादेवी:आदिदेवी के परदामाद स्वयं आदिदेव:आदितृदेव: देवादिदेव: महादेव स्वयं है और स्वयं जिस ब्रह्मदेवी:आदिदेवी:आद्या:सरस्वती:महादेवी:आदिदेवी का प्रादुर्भाव राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म से होता है वही राम(महाशिव)/सशरीर परमब्रह्म स्वयं ब्रह्मदेवी:आदिदेवी:आद्या:सरस्वती:महादेवी:आदिदेवी के मानस पुत्र हैं जैसे की ब्रह्मा के मानसपुत्र कश्यप/मारीच(सूर्य), गौतम, वशिष्ठ, आंगिरस, भृगु, अत्रि, कौसिक (और इनसातो के सम्मिलित गुण वाले अगस्त्य/कुम्भज और इसप्रकार आठ ऋषि मतलब सप्तर्षि से अष्टक(आठ ऋषि परम्परा) जिसके आगे 24 मानक ऋषि परम्परा होते हुए वर्तमान में वासुदेव कृष्ण के सुदर्शन चक्र की 108 आरियों के बराबर 108 मानक ऋषि परम्परा तक किन्तु मूल 7 ऋषि प्रारंभिक रूप से ब्रह्मा के मानस संतान है)| लेकिन क्या सरस्वती या ब्रह्मा का कोई मानस पुत्र सरस्वती और ब्रह्मा के भौतिक पुत्र काशिराज के अस्तित्व को नकार सकता है या मिटा सकता है? काशिराज को मिटाना या उनके अस्तित्व को नकारना स्वयं राम से भी नहीं हो सकता क्या? वे भी उनके किसी दुस्साहसिक कार्य हेतु उनको मात्र अस्थायी दण्ड ही दे सकते हैं|>>>>>HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप(सूर्य की ऊर्जा का भी स्वयं में आतंरिक स्रोत):सूर्यकांत: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।जय श्रीराम/कृष्ण।

Thursday, October 12, 2017

कहा जाता है की साहसी बनना ठीक है पर दुष्साहसी बनना हानिकारक होता है उसी तरह से आज के इस आधुनिक/अतिवैज्ञानिक युग में चाहे जिस जाति/धर्म से आप हों आपका सम्मानित/इज्जाजतदार/मान-पद-प्रतिष्ठायुक्त और सज्जनं बनना तो ठीक है पर अगर आप अपनी आधी आबादी के सम्बन्ध में किसी प्रसंग में आप संवेदनशील और दूरदृष्टि रखने के बजाय अतिसय सम्मानित/इज्जाजतदार/मान-सम्मान-पद-प्रतिष्ठायुक्त और सज्जन बने रहे और अगर आप कठोर निर्णय न लेते हुए इस सम्बन्ध/प्रसंग में अपने और अपने कुल के वर्षो और युगों-युगों के अपने पारिवारिक संस्कार से समझौता किये तो यह भी आपका दुष्साहसी बनना है या आपकी कमजोरी है और इस प्रकार की कमजोरी से आप की आधी आबादी आप से निरंतर धीरे-धीरे आप से दूर जा आपको कमजोर करती रहेगी और आपका सम्मान/इज्जत/मान-पद-प्रतिष्ठा और सज्जनता पूर्णरूप से तो चली जाएगी या धीरे-धीरे दूर जाती रहेगी|

कहा जाता है की साहसी बनना ठीक है पर दुष्साहसी बनना हानिकारक होता है उसी तरह से आज के इस आधुनिक/अतिवैज्ञानिक युग में चाहे जिस जाति/धर्म से आप हों आपका सम्मानित/इज्जाजतदार/मान-पद-प्रतिष्ठायुक्त और सज्जनं बनना तो ठीक है पर अगर आप अपनी आधी आबादी के सम्बन्ध में किसी प्रसंग में आप संवेदनशील और दूरदृष्टि रखने के बजाय अतिसय सम्मानित/इज्जाजतदार/मान-सम्मान-पद-प्रतिष्ठायुक्त और सज्जन बने रहे और अगर आप कठोर निर्णय न लेते हुए इस सम्बन्ध/प्रसंग में अपने और अपने कुल के वर्षो और युगों-युगों के अपने पारिवारिक संस्कार से समझौता किये तो यह भी आपका दुष्साहसी बनना है या आपकी कमजोरी है और इस प्रकार की कमजोरी से आप की आधी आबादी आप से निरंतर धीरे-धीरे आप से दूर जा आपको कमजोर करती रहेगी और आपका सम्मान/इज्जत/मान-पद-प्रतिष्ठा और सज्जनता पूर्णरूप से तो चली जाएगी या धीरे-धीरे दूर जाती रहेगी|>>>>>HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप(सूर्य की ऊर्जा का भी स्वयं में आतंरिक स्रोत):सूर्यकांत: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।जय श्रीराम/कृष्ण।

विज्ञान कहता है की प्रयागराज में अगर मक्खी पंख फड़फड़ाती है तो उसका स्थानीय से लेकर सात समुद्र पार तक असर होता है तो उसके विपरीत क्रिया का भी स्थानीय से लेकर सातवें समुद्रपार असर होता मतलब अगर पंख फड़फड़ाने के बाद अपना पंख फड़फड़ाना बन्द कर देगी तो भी उसका असर स्थानीय से लेकर सातवे समुद्र के पार तक असर होता तो मैंने पंख फड़फड़ाया तो भी उसका अगर स्थानीय से लेकर सात समुद्र पार तक हुआ तो उसके विपरीत परमपिता परमेश्वर, प्रेमचंद(सोमनाथ:सोमेश्वर:शिव) के कहने पर 09-09-2001 से और परमपिता परमेश्वर, प्रेमचंद(सोमनाथ:सोमेश्वर:शिव) और विशेष रूप से परमगुरु परमपिता परमेश्वर श्रीधर(विष्णु) के कहने पर 7 फरवरी, 2003 से अपना पंख फड़फड़ाना बंद कर अपने को प्रयागराज में पूर्णमनोयोग और समर्पणभाव से 29/30-11-2016 तक अपने को केंद्रित किये रखा पूर्ण मर्यादित रूप से तो उसका भी आज एक वर्ष से स्थानीय से लेकर सात समुन्द्र पार तक असर हो चुका है|

विज्ञान कहता है की प्रयागराज में अगर मक्खी पंख फड़फड़ाती है तो उसका स्थानीय से लेकर सात समुद्र पार तक असर होता है तो उसके विपरीत क्रिया का भी स्थानीय से लेकर सातवें समुद्रपार असर होता मतलब अगर पंख फड़फड़ाने के बाद अपना पंख फड़फड़ाना बन्द कर देगी तो भी उसका असर स्थानीय से लेकर सातवे समुद्र के पार तक असर होता तो मैंने पंख फड़फड़ाया तो भी उसका अगर स्थानीय से लेकर सात समुद्र पार तक हुआ तो उसके विपरीत परमपिता परमेश्वर, प्रेमचंद(सोमनाथ:सोमेश्वर:शिव) के कहने पर 09-09-2001 से और परमपिता परमेश्वर, प्रेमचंद(सोमनाथ:सोमेश्वर:शिव) और विशेष रूप से परमगुरु परमपिता परमेश्वर श्रीधर(विष्णु) के कहने पर 7 फरवरी, 2003 से अपना पंख फड़फड़ाना बंद कर अपने को प्रयागराज में पूर्णमनोयोग और समर्पणभाव से 29/30-11-2016 तक अपने को केंद्रित किये रखा पूर्ण मर्यादित रूप से तो उसका भी आज एक वर्ष से स्थानीय से लेकर सात समुन्द्र पार तक असर हो चुका है| >>>>>HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप(सूर्य की ऊर्जा का भी स्वयं में आतंरिक स्रोत):सूर्यकांत: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।जय श्रीराम/कृष्ण।