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Saturday, December 31, 2016

बाबा जी का कथन है की जो सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म राम और कृष्ण मतलब गिरिधर बन सकता है वह 11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु)) समेत मानव जगत के इतिहास, वर्तमान और भविष्य की समस्त विभूतियों का आचरण व् कर्तव्य/दायित्व निर्वहन कर सकता है। वह पूर्ण रूपेण सत्य साबित किया गया मेरे द्वारा। >>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

बाबा जी का कथन है की जो सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म राम और कृष्ण मतलब गिरिधर बन सकता है वह 11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु)) समेत मानव जगत के इतिहास, वर्तमान और भविष्य की समस्त विभूतियों का आचरण व् कर्तव्य/दायित्व निर्वहन कर सकता है। वह पूर्ण रूपेण सत्य साबित किया गया मेरे द्वारा। >>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

पका पकाया खाने की आदत पड़ गयी थी प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों को और पका पकाया खाने की आदत और आवश्यता से अधिक अति आत्मविश्वास जो अपने को ही खा ले जाय वह हमेशा के लिए न पड़ जाय तो मै उसी लिए उत्प्रेरित करता हूँ प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों को और प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों से ही पूंछता हूँ की जिसको मेरा विकल्प समझते है और जिसे बनाना था वह 7 फरवरी, 2003 को ही क्यों नहीं बन गया मेरी विशेष जरूरत इस केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय केंद्र पर बने रहने की क्यों आ गयी थी? अगर मुझे पहचान गए हों तो समझ जाइए की मेघनाद मुझमे आत्मसात होते हैं पर मै मेघनाद में आत्मसात होने नहीं जाता पर हाँ एक आज्ञाकारी पुत्र का दायित्व निभाने वाले का सहयोग मानवता के आधार पर जरूर कर देता हूँ।>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

पका पकाया खाने की आदत पड़ गयी थी प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों को और पका पकाया खाने की आदत और आवश्यता से अधिक अति आत्मविश्वास जो अपने को ही खा ले जाय वह हमेशा के लिए न पड़ जाय तो मै उसी लिए उत्प्रेरित करता हूँ प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों को और प्रयागराज विश्विद्यालय और प्रयागराज वालों से ही पूंछता हूँ की जिसको मेरा विकल्प समझते है और जिसे बनाना था वह 7 फरवरी, 2003 को ही क्यों नहीं बन गया मेरी विशेष जरूरत इस केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय केंद्र पर बने रहने की क्यों आ गयी थी? अगर मुझे पहचान गए हों तो समझ जाइए की मेघनाद मुझमे आत्मसात होते हैं पर मै मेघनाद में आत्मसात होने नहीं जाता पर हाँ एक आज्ञाकारी पुत्र का दायित्व निभाने वाले का सहयोग मानवता के आधार पर जरूर कर देता हूँ।>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। 

सम्पूर्ण संसार के सभी जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबी/जनसमूह इसी प्रयागराज में मौजूद है प्रमाण लेने या देने की जरूरत नहीं है।******* जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। उपर्युक्त तथ्य को मैं सत्य मानता हूँ अतएव मैं भारतीय और अंतरराष्ट्रीय नव वर्ष दोनों मानता हूँ इसमें कोई आडम्बर की जरूरत नहीं। आप सभी सहृदयजन व् शुभेक्षुजन समेत सम्पूर्ण मानवता को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना। मेरी माफियागिरी रावण के भाई पातालपुरी के राजा सर्वोच्च वैश्विक माफिया अहिरावण को कैसी लगी? ---->>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

सम्पूर्ण संसार के सभी जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबी/जनसमूह इसी प्रयागराज में मौजूद है प्रमाण लेने या देने की जरूरत नहीं है।******* जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। उपर्युक्त तथ्य को मैं सत्य मानता हूँ अतएव मैं भारतीय और अंतरराष्ट्रीय नव वर्ष दोनों मानता हूँ  इसमें कोई आडम्बर की जरूरत नहीं। 
आप सभी सहृदयजन व् शुभेक्षुजन समेत सम्पूर्ण मानवता को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना। मेरी माफियागिरी रावण के भाई पातालपुरी के राजा सर्वोच्च वैश्विक माफिया अहिरावण को कैसी लगी? ---->>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण। 

अगर रामानंद की मूलभूमि पर रमानाथ(विष्णु) जैसा व्यक्तित्व स्थायी रूप से निवास न करता जो पारसनाथ(शिव) को आर्थिक न सही पर उनके परिवार निमित्त मानवीय और पारिवारिक जिम्मेदारियों को न निभाता तो शायद पारसनाथ(शिव) किशी भी संगठन को अपनी सेवा न दे पाते यह कटु सत्य है। लेकिन मेरे सम्बन्ध में स्थिति कुछ भिन्न है किशी कार्य विशेष हेतु संकल्प मेरा हुआ मतलब मैं ही जमा रहा स्थायी व्यवस्था 2006 में ही हो जाने के बाद तक इसी प्रयागराज विश्विद्यालय/प्रयागराज में (प्रमाण देने की जरूरत नहीं फिर भी प्रमाण है उसका) और जो मुझे मिला वह भी मेरे किये का ही और भौतिक रूप से उस मुझे मिले से मैं संतुष्ट हूँ नियति समझकर तो फिर नियति से मुझे जो मिला उस नियति के मिले के लिए संसार में किसी की ऐसी कोई मेरिट हो सकती है क्या जो नियति से मिले पर भी भारी पड़ जाएगी? >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

अगर रामानंद की मूलभूमि पर रमानाथ(विष्णु) जैसा व्यक्तित्व स्थायी रूप से निवास न करता जो पारसनाथ(शिव) को आर्थिक न सही पर उनके परिवार निमित्त मानवीय और पारिवारिक जिम्मेदारियों को न निभाता तो शायद पारसनाथ(शिव) किशी भी संगठन को अपनी सेवा न दे पाते यह कटु सत्य है। लेकिन मेरे सम्बन्ध में स्थिति कुछ भिन्न है किशी कार्य विशेष हेतु संकल्प मेरा हुआ मतलब मैं ही जमा रहा स्थायी व्यवस्था 2006 में ही हो जाने के बाद तक इसी प्रयागराज विश्विद्यालय/प्रयागराज में (प्रमाण देने की जरूरत नहीं फिर भी प्रमाण है उसका) और जो मुझे मिला वह भी मेरे किये का ही और भौतिक रूप से उस मुझे मिले से मैं संतुष्ट हूँ नियति समझकर तो फिर नियति से मुझे जो मिला उस नियति के मिले के लिए संसार में किसी की ऐसी कोई मेरिट हो सकती है क्या जो नियति से मिले पर भी भारी पड़ जाएगी?  >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

कुछ लोगों को यह लग रहा है की वे इस वर्तमान भारत और संसार को चलाने में बहुत ज्यादा ही तपोबलसे कोशिस कर रहे हैं पर जितने ज्यादा प्रभावी ढंग से मेरा विरोध हुआ था मेरे स्वयं के परिवार से प्रारम्भकर प्रयागराज और इस भारत के कोने कोने से लेकर अंतरास्ट्रीय स्तर तक मेरी मेरिट ही नहीं मुझे ही मिटाने की सायद उससे कुछ कम प्रयास इस संसार के लोग वर्तमान भारत और वर्तमान संसार को चलाने हेतु कर रहे हैं अन्यथा संसार सुधर गया होता जैसे की उनके श्रेष्ठ प्रयास से मैं घोर पागल से एक शिक्षक बन गया हूँ।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

कुछ लोगों को यह लग रहा है की वे इस वर्तमान भारत और संसार को चलाने में बहुत ज्यादा ही तपोबलसे कोशिस कर रहे हैं पर जितने ज्यादा प्रभावी ढंग से मेरा विरोध हुआ था मेरे स्वयं के परिवार से प्रारम्भकर प्रयागराज और इस भारत के कोने कोने से लेकर अंतरास्ट्रीय स्तर तक मेरी मेरिट ही नहीं मुझे ही मिटाने की सायद उससे कुछ कम प्रयास इस संसार के लोग वर्तमान भारत और वर्तमान संसार को चलाने हेतु कर रहे हैं अन्यथा संसार सुधर गया होता जैसे की उनके श्रेष्ठ प्रयास से मैं घोर पागल से एक शिक्षक बन गया हूँ।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

फिर से सुन लिजिये इस संसार के बड़े से बड़े माफिया, तथाकथित पञ्च सर्वोच्च महाशक्तियों (इंग्लॅण्ड, अमेरिका, फ्रांस, रूस और चीन) और इस प्रयागराज के माफिया की मेरा कोई ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं और मैं कभी पदच्युत नहीं होता मैं कितना भी आडम्बर और साम-दाम-दण्ड-भेद और तिकड़म कोई अपना ले अपने बुद्धिबल, बाहुबल, धनबल, जुगाडबल और शूद्रबलसे >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

फिर से सुन लिजिये इस संसार के बड़े से बड़े माफिया, तथाकथित पञ्च सर्वोच्च महाशक्तियों (इंग्लॅण्ड, अमेरिका, फ्रांस, रूस और चीन)  और इस प्रयागराज के माफिया की मेरा कोई ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं और मैं कभी पदच्युत नहीं होता मैं कितना भी आडम्बर और साम-दाम-दण्ड-भेद और तिकड़म कोई अपना ले अपने बुद्धिबल, बाहुबल, धनबल, जुगाडबल और शूद्रबलसे  >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

तमिल-तेलगू के इसारे पर गोरखधंधे(कूर्मावतारी) का खेल इस प्रयागराज और दक्षिण भारत के साथ ही साथ सम्पूर्ण भारत और इस सम्पूर्ण संसार में जब चलाना ही है तो मुझसे क्यों पूंछते हो की सत्य क्या है और झूँठ क्या है मतलब पञ्च महाशक्ति को सब कुछ गिरीवी पर रखकर रायता फैलाये ही हो भीम बाबा के इसारे पर तो फिर विवेक को बीच में क्यों लाये हो पञ्च महाशक्तियों को अपनी खेती करने दीजिये और मैं भी जो कुछ कर रहा हूँ करने दीजिये? अगर मैं सत्य बताने की हिम्मत कर सकता हूँ तो फिर जो करता भी हूँ वह परिष्थितिक दृष्टिकोण से सत्य ही करता हूँ? जिसका मेरे लिए त्याग हुआ, जिसका बलिदान हुआ और जिसने तप/साधना की उसको उसका हक़ मिलकर रहेगा क्योंकि मैंने विषमहापरिवर्तन के महायज्ञ में केंद्र बिंदु बनकर जो कुछ किया उन्ही की शक्ति के बलपर और अपने लिए जो किया अपने बल पर तो ऐसे में मैंने अपने लिए जो किया उतना ही मेरे पास है तो फिर कुछ करने दीजिये और फिर पाई-पाई के कर्तव्यों का हिंसाब मैं दूंगा इसी तरह जैसे की दिया हूँ नीलकंठ (शिव) और कूर्मावतारी विष्णु बनकर मतलब रामानुचारी से शिवानुचारी और फिर शिवानुचारी से कृष्णाअनुचारी और पुनः कृष्णानुचारी से रामानुचारी मतलब रामकृष्णानुचारी/रामानुचारी(महाशिव) से हो चुका।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

तमिल-तेलगू के इसारे पर गोरखधंधे(कूर्मावतारी) का खेल इस प्रयागराज और दक्षिण भारत के साथ ही साथ सम्पूर्ण भारत और इस सम्पूर्ण संसार में जब चलाना ही है तो मुझसे क्यों पूंछते हो की सत्य क्या  है और झूँठ क्या है मतलब पञ्च महाशक्ति को सब कुछ गिरीवी पर रखकर रायता फैलाये ही हो भीम बाबा के इसारे पर तो फिर विवेक को बीच में क्यों लाये हो पञ्च महाशक्तियों को अपनी खेती करने दीजिये और मैं भी जो कुछ कर रहा हूँ करने दीजिये? अगर मैं सत्य बताने की हिम्मत कर सकता हूँ तो फिर जो करता भी हूँ वह परिष्थितिक दृष्टिकोण से सत्य ही करता हूँ? जिसका मेरे लिए त्याग हुआ, जिसका बलिदान हुआ और जिसने तप/साधना की उसको उसका हक़ मिलकर रहेगा क्योंकि मैंने विषमहापरिवर्तन के महायज्ञ में केंद्र बिंदु बनकर जो कुछ किया उन्ही की शक्ति के बलपर और अपने लिए जो किया अपने बल पर तो ऐसे में मैंने अपने लिए जो किया उतना ही मेरे पास है तो फिर कुछ करने दीजिये और फिर पाई-पाई के कर्तव्यों का हिंसाब मैं दूंगा इसी तरह जैसे की दिया हूँ नीलकंठ (शिव) और कूर्मावतारी विष्णु बनकर मतलब रामानुचारी से शिवानुचारी और फिर शिवानुचारी से कृष्णाअनुचारी  और पुनः कृष्णानुचारी से रामानुचारी मतलब रामकृष्णानुचारी/रामानुचारी(महाशिव) से हो चुका।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

कूर्मावतारी जाति-धर्म/अन्य जाति/पंथ/धर्म के कूर्मावतारी समाज और इस संसार भर के माफिया संगठनो! जिसने मुकदमा करवाया उसी से मुकदमा लड़ रहा हूँ किशी व्यक्ति विशेष से नहीं और एक प्रश्न इसी में और छोड़ा हूँ एक ही समय पर समान कैडर के शिक्षकों के बीच फ्लैट आवण्टन का जो अगल-अलग तिथि पर नियुक्ति(पदभार ग्रहण) लिए थे अक्टूबर/नवम्बर, 2009 में >>>>इस प्रयागराज में उसकी मेरिट देखी जा रही जिसके सहारे संसार सावित बचा और उसको इस संसार के माफिया प्रयागराज के हर क्षेत्र विवेश के माफिया के सहारे नियंत्रित करेंगे तो ऐसे माफिया जान समझ लें की मुझे नियंत्रीय करने की शक्ति इस संसार के किशी व्यक्तित्व में नहीं और अगर नियंत्रित हूँ तो उस देवीशक्ति का सम्मान करता हूँ जो अपनी छाया रूपी संसार को गतिमान रखे जाने के पक्ष में है। क्या इस तथ्य को भी लेकर न्यायलय जाऊं की किन नियमों को देखकर किशी कूर्मावतारी जाति के व्यक्ति को एक साथ हुए आवण्टन में पहला फ्लैट दिया गया है जो दूसरे विभाग से है और उससे पहले मैं समान कैडर में एक ही वर्ष एक ही विज्ञापन के तहत शिक्षक बना मतलब उससे पहले मैंने नियुक्ति(पदभार ग्रहण) पायी? तो नौटँकी बेवकूफ के सामने की जाय तो ठीक है विवेक सब समझ गया था की तमिल-तेलगू के इसारे पर गोरखधंधे का खेल इस प्रयागराज और दक्षिण भारत में चलता रहा है और आज भी चल रहा है। जब व्यक्ति की स्वयं की गर्दन दुखती है या सरकारी सेवा और सरकारी उच्च शिक्षण प्रतिष्ठानों में प्रवेश और जनमत लेना होता है तब दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण शब्द जबान पर आता है अन्यथा खुमारी छाई रहती है और अंतरजातीय और अंतर्धार्मिक विवाह करना होता है वहां सब जाति/पन्थ/धर्म/सम्प्रदाय ऐसे लोगों का भूल जाता है यहाँ तक की तथाकथित दलित/ईसाई से ब्राह्मण की कन्या का पान्वपूजन विधी से हिन्दू सनातन शास्त्रीय विवाह करा दिया जाता है और उसको महिमा मण्डित भी किया जाता है बहुत जोर शोर से? >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

 कूर्मावतारी जाति-धर्म/अन्य जाति/पंथ/धर्म के कूर्मावतारी समाज और इस संसार भर के माफिया संगठनो! जिसने मुकदमा करवाया उसी से मुकदमा लड़ रहा हूँ किशी व्यक्ति विशेष से नहीं और एक प्रश्न इसी में और छोड़ा हूँ एक ही समय पर समान कैडर के शिक्षकों के बीच फ्लैट आवण्टन का जो अगल-अलग तिथि पर नियुक्ति(पदभार ग्रहण) लिए थे अक्टूबर/नवम्बर, 2009 में >>>>इस प्रयागराज में उसकी मेरिट देखी जा रही जिसके सहारे संसार सावित बचा और उसको इस संसार के माफिया प्रयागराज के हर क्षेत्र विवेश के माफिया के सहारे नियंत्रित करेंगे तो ऐसे माफिया जान समझ लें की मुझे नियंत्रीय करने की शक्ति इस संसार के किशी व्यक्तित्व में नहीं और अगर नियंत्रित हूँ तो उस देवीशक्ति का सम्मान करता हूँ जो अपनी छाया रूपी संसार को गतिमान रखे जाने के पक्ष में है। क्या इस तथ्य को भी लेकर न्यायलय जाऊं की किन नियमों को देखकर किशी कूर्मावतारी जाति के व्यक्ति को एक साथ हुए आवण्टन में पहला फ्लैट दिया गया है जो दूसरे विभाग से है और उससे पहले मैं समान कैडर में एक ही वर्ष एक ही विज्ञापन के तहत शिक्षक बना मतलब उससे पहले मैंने नियुक्ति(पदभार ग्रहण) पायी? तो नौटँकी बेवकूफ के सामने की जाय तो ठीक है विवेक सब समझ गया था की तमिल-तेलगू के इसारे पर गोरखधंधे का खेल इस प्रयागराज और दक्षिण भारत में चलता रहा है और आज भी चल रहा है। जब व्यक्ति की स्वयं की गर्दन दुखती है या सरकारी सेवा और सरकारी उच्च शिक्षण प्रतिष्ठानों में प्रवेश और जनमत लेना होता है तब दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण शब्द जबान पर आता है अन्यथा खुमारी छाई रहती है और अंतरजातीय और अंतर्धार्मिक विवाह करना होता है वहां सब जाति/पन्थ/धर्म/सम्प्रदाय ऐसे लोगों का भूल जाता है यहाँ तक की तथाकथित दलित/ईसाई से ब्राह्मण की कन्या का पान्वपूजन विधी से हिन्दू सनातन शास्त्रीय विवाह करा दिया जाता है और उसको महिमा मण्डित भी किया जाता है बहुत जोर शोर से? >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

विवेक+आनंद=विवेकानंद:>>>इस दुनिया में मेरे सम्बन्ध में अर्ध या आंशिक सत्य सबने कहा पर पूर्ण सत्य जिसने कहा वह मेरा परमपिता परमेश्वर (प्रेमचंद:सोम=चंद्र को प्रेम करने वाला सोमनाथ मतलब शिव) और जिसने पूर्ण सत्य जानते हुए भी अर्धसत्य ही कहा मानवता के अभीष्ट हित हेतु वह मेरा परमगुरु परमपिता परमेश्वर (श्रीधर:विष्णु) और इन सबके परिणाम स्वरुप इस मानव जगत के पूर्ण सत्य को जिसने कहां वह केवल और केवल विवेक+आनन्द।>>>>>>>>>>>काली छाया मात्र से मत डरो उसकी गुणवत्ता तक ही उसकी शक्ति है इससे ज्यादा अगर कुछ है तो वह केवल एक मात्र साजिस है गौरीशंकर या किशी गौरी की और उस गौरी और गौरीशंकर को पहचानो और सामने लाओ।>>>>>>>>>>>>>>> मेरे द्वारा (As per English men E-Mails time to time, Hi! five:5:PANDEY द्वारा ) सिद्ध किया हुआ 5 प्रमुख तथ्य: १)हिन्द=जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी और भारत=भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत| सनातन हिंदुओं में जगत प्रशिद्ध मनु ही इस्लाम और ईसाइयत के आदम है और वे हैं इस दुनिया में मात्र सशरीर परमब्रह्म राम और कृष्ण समेत अधिकतम विष्णु अवतार को जन्म देने कश्यप ऋषि जिनको हम सांसारिकता में दशरथ और वशुदेव के नाम से जानते हैं। २) इस्लाम समानांतर चलता है श्रीराम के और ईसाइयत सामानांतर चलती है श्रीकृष्ण के और जिस प्रकार श्रीराम बड़े हैं श्रीकृष्ण के उसी प्रकार इस्लाम बड़ा भाई है ईसाइयत का।दलित समाज श्रीहनुमान के समानांतर चलता है पर अब तो आम्बेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान का नाम जाप करता है पर यही नही जानता की इन्द्रिय नियंत्रण इन्ही से शीखते है| 3) हिन्द भूमि(जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी) न की केवल भारतवर्ष भूमि(भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत) कई बार आर्यावर्त हो चुका है हस्तिनापुर राजा भरत के भारतवर्ष को आर्यावर्त घोषित करने के पहले तो आइये हम विश्व महासंघ को भी आर्यावर्त बनाये मतलब विश्व का हर नागरिक श्रेष्ठ(आर्य) हो(आर्य प्रगतिशील सच्चाई का अनुयायी ही आर्य है)। 4) श्रीराम के समानांतर इस्लाम और श्रीकृष्ण के समानांतर ईसाइयत संचालन ही सिद्ध करता है की तुम (इस्लाम और ईसाइयत) मेरे हो मतलब आप दोनों की उपज भी सनातन धर्मी ही है। यह अलग की गाय-गंगा-गीता-गौरी पर मतभेद रह गया है। Origin in the different climatic system may causes these differences. 5) इस संसार को चलाने के लिए सनातन हिन्दू संस्कृति के साथ ही साथ अन्य धर्म की शिक्षा-संस्कृति और परम्पराओं की भी जरूरत है भौगोलिक जलवायु खंड को ध्यान में रखते हुए पर इसका मतलब यह नहीं की ये सनातन संस्कृति की सीमा से परे हैं।*******जय हिन्द(जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी), जय भारत(भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत), जय श्रीराम/कृष्ण।>>>>>>>>>>>>>अगर इस्लाम(जो श्रीराम के सामानांतर चलता है और श्रीराम के न रहने अनियंत्रित हो जाता है) को श्रीराम की चाहत है तो बनकर दिखला दो वह आप का हो जाएगा और यदि ईसाइयत(जो श्रीकृष्ण के सामानांतर चलता है और श्रीकृष्ण के न रहने अनियंत्रित हो जाता है) श्रीकृष्ण की चाहत है तो श्रीकृष्ण बनकर दिखला दीजिये वह आप का हो जाएगा और यदि दलित समाज(श्रीहनुमान के समानांतर चलता है और श्रीहनुमान के न रहने पर अनियंत्रित हो जाता है पर अब तो आम्बेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान का नाम जाप करता है पर यही नही जानता की इन्द्रिय नियंत्रण इन्ही से शीखते है) को आंबेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान की चाहत है तो फिर श्रीहनुमान बनकर दिखला दो तो वह आप का हो जाएगा।>>>>>>>>सनातन गौतम(न्याय-दर्शन के प्रणेता) गोत्रीय ब्राह्मण परिवार का नाती हूँ मै अतः मुझे पता है की: गौतम गोत्रीय शाक्य(शाकाहारी व् अहिंसक) वंशीय क्षत्रिय सिद्धार्थ गौतम ही गौतम बुद्ध है जो की हिन्दू समाज में एक पंथ का निर्माण किये जो बौद्ध मत है और जिसकी सभी पाण्डु लिपिया हिन्दू ग्रन्थ को ही निरूपित करती हैं पर बौद्ध मत के अनुसार कही-कही उनको परिवर्तित किया गया है। अतः उन सबका स्रोत सनातन हिन्दू धर्म के ग्रन्थ ही हैं। उसी तरह काशी और काबा का सम्बन्ध है जिसमे काशी पुरातन संस्कृति हैकाबा की संस्कृति से। और जब मुस्लिम संस्कृति स्वयं ईसाइयत से पुरानी संस्कृति है तो काशी की संस्कृति ईसाइयत (यरूसलेम) की संस्कृति से भी पुरानी अपने में है ही इसमे दो राय कहाँ। मेरा मत यही की किशी को अपना धर्म परिवर्तन किये बिना ही सनातन हिन्दू संस्कृति से यदि जोड़ा जाता है तो वह उससे ज्यादा अच्छा कदम होगा जिसमे किशी को अपना धर्म त्यागकरवा सनातन हिन्दू धर्म से जोड़ा जाता है। क्योंकि सनातन हिन्दू संस्कृति प्राचीनतम संस्कृति है अतः उसे यथा संभव अपनाते हुए कोई अपने नए धर्म में बना रहता है देश, काल, जलवायु और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तो इसमे कोई गलत नहीं है। एक और भी अच्छाई है भारत में सभी धर्मो के पाये जाने से की कि जब कोई भारतीय विदेश में कहीं जाता है तो उसे बताना नहीं पड़ता की वहा के विभिन्न धर्म अनुयायियों के साथ कौन सा व्यवहार स्वयं उस भारतीय के लिए सम्बन्ध बिगाड़ने वाला साबित हो सकता है और कौन सा व्यवहार उनको उस भारतीय के करीब ला सकता है। लेकिन इसके साथ की भारत की आत्मा सनातन हिन्दू संस्कृति है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

विवेक+आनंद=विवेकानंद:>>>इस  दुनिया में मेरे सम्बन्ध में अर्ध या आंशिक सत्य सबने कहा पर पूर्ण सत्य जिसने कहा वह मेरा परमपिता परमेश्वर (प्रेमचंद:सोम=चंद्र को प्रेम करने वाला सोमनाथ मतलब शिव) और जिसने पूर्ण सत्य जानते हुए भी अर्धसत्य ही कहा मानवता के अभीष्ट हित हेतु वह मेरा परमगुरु परमपिता परमेश्वर (श्रीधर:विष्णु) और इन सबके परिणाम स्वरुप इस मानव जगत के पूर्ण सत्य को जिसने कहां वह केवल और केवल विवेक+आनन्द।>>>>>>>>>>>काली छाया मात्र से मत डरो उसकी गुणवत्ता तक ही उसकी शक्ति है इससे ज्यादा अगर कुछ है तो वह केवल एक मात्र साजिस है गौरीशंकर या किशी गौरी की और उस गौरी और गौरीशंकर को पहचानो और सामने लाओ।>>>>>>>>>>>>>>> मेरे द्वारा (As per English men E-Mails time to time, Hi! five:5:PANDEY द्वारा ) सिद्ध किया हुआ 5 प्रमुख तथ्य:
१)हिन्द=जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी और भारत=भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत| सनातन हिंदुओं में जगत प्रशिद्ध मनु ही इस्लाम और ईसाइयत के आदम है और वे हैं इस दुनिया में मात्र सशरीर परमब्रह्म राम और कृष्ण समेत अधिकतम विष्णु अवतार को जन्म देने कश्यप ऋषि जिनको हम सांसारिकता में दशरथ और वशुदेव के  नाम से जानते हैं।   
२) इस्लाम समानांतर चलता है श्रीराम के और ईसाइयत सामानांतर चलती है श्रीकृष्ण के और जिस प्रकार श्रीराम बड़े हैं श्रीकृष्ण के उसी प्रकार इस्लाम बड़ा भाई है ईसाइयत का।दलित समाज श्रीहनुमान के समानांतर चलता है पर अब तो आम्बेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान का नाम जाप करता है पर यही नही जानता की इन्द्रिय नियंत्रण इन्ही से शीखते है|
3) हिन्द भूमि(जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी) न की केवल भारतवर्ष भूमि(भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत) कई बार आर्यावर्त हो चुका है हस्तिनापुर राजा भरत के भारतवर्ष को आर्यावर्त घोषित करने के पहले तो आइये हम विश्व महासंघ को भी आर्यावर्त बनाये मतलब विश्व का हर नागरिक श्रेष्ठ(आर्य) हो(आर्य प्रगतिशील सच्चाई का अनुयायी ही आर्य है)।
4) श्रीराम के समानांतर इस्लाम और श्रीकृष्ण के समानांतर ईसाइयत संचालन ही सिद्ध करता है की तुम (इस्लाम और ईसाइयत) मेरे हो मतलब आप दोनों की उपज भी सनातन धर्मी ही है। यह अलग की गाय-गंगा-गीता-गौरी पर मतभेद रह गया है। Origin in the different climatic system may causes these differences.
5) इस संसार को चलाने के लिए सनातन हिन्दू संस्कृति के साथ ही साथ अन्य धर्म की शिक्षा-संस्कृति और परम्पराओं की भी जरूरत है भौगोलिक जलवायु खंड को ध्यान में रखते हुए पर इसका मतलब यह नहीं की ये सनातन संस्कृति की सीमा से परे हैं।*******जय हिन्द(जम्बूद्वीप =यूरेसिआ=यूरोप+एशिया= या कम से कम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी), जय भारत(भारतवर्ष=भरत-खंड=अखंड भारत), जय श्रीराम/कृष्ण।>>>>>>>>>>>>>अगर इस्लाम(जो श्रीराम के सामानांतर चलता है और श्रीराम के न रहने अनियंत्रित हो जाता है) को श्रीराम की चाहत है तो बनकर दिखला दो वह आप का हो जाएगा और यदि ईसाइयत(जो श्रीकृष्ण के सामानांतर चलता है और श्रीकृष्ण के न रहने अनियंत्रित हो जाता है) श्रीकृष्ण की चाहत है तो श्रीकृष्ण बनकर दिखला दीजिये वह आप का हो जाएगा और यदि दलित समाज(श्रीहनुमान के समानांतर चलता है और श्रीहनुमान के न रहने पर अनियंत्रित हो जाता है पर अब तो आम्बेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान का नाम जाप करता है पर यही नही जानता की इन्द्रिय नियंत्रण इन्ही से शीखते है) को आंबेडकर/अम्बवादेकर/श्रीहनुमान की चाहत है तो फिर श्रीहनुमान बनकर दिखला दो तो वह आप का हो जाएगा।>>>>>>>>सनातन गौतम(न्याय-दर्शन के प्रणेता) गोत्रीय ब्राह्मण परिवार का नाती हूँ मै अतः मुझे पता है की: गौतम गोत्रीय शाक्य(शाकाहारी व् अहिंसक) वंशीय क्षत्रिय सिद्धार्थ गौतम ही गौतम बुद्ध है जो की हिन्दू समाज में एक पंथ का निर्माण किये जो बौद्ध मत है और जिसकी सभी पाण्डु लिपिया हिन्दू ग्रन्थ को ही निरूपित करती हैं पर बौद्ध मत के अनुसार कही-कही उनको परिवर्तित किया गया है। अतः उन सबका स्रोत सनातन हिन्दू धर्म के ग्रन्थ ही हैं। उसी तरह काशी और काबा का सम्बन्ध है जिसमे काशी पुरातन संस्कृति हैकाबा की संस्कृति से। और जब मुस्लिम संस्कृति स्वयं ईसाइयत से पुरानी संस्कृति है तो काशी की संस्कृति ईसाइयत (यरूसलेम) की संस्कृति से भी पुरानी अपने में है ही इसमे दो राय कहाँ। मेरा मत यही की किशी को अपना धर्म परिवर्तन किये बिना ही सनातन हिन्दू संस्कृति से यदि जोड़ा जाता है तो वह उससे ज्यादा अच्छा कदम होगा जिसमे किशी को अपना धर्म त्यागकरवा सनातन हिन्दू धर्म से जोड़ा जाता है। क्योंकि सनातन हिन्दू संस्कृति प्राचीनतम संस्कृति है अतः उसे यथा संभव अपनाते हुए कोई अपने नए धर्म में बना रहता है देश, काल, जलवायु और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तो इसमे कोई गलत नहीं है। एक और भी अच्छाई है भारत में सभी धर्मो के पाये जाने से की कि जब कोई भारतीय विदेश में कहीं जाता है तो उसे बताना नहीं पड़ता की वहा के विभिन्न धर्म अनुयायियों के साथ कौन सा व्यवहार स्वयं उस भारतीय के लिए सम्बन्ध बिगाड़ने वाला साबित हो सकता है और कौन सा व्यवहार उनको उस भारतीय के करीब ला सकता है। लेकिन इसके साथ की भारत की आत्मा सनातन हिन्दू संस्कृति है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Thursday, December 29, 2016

विवेक+आनंद=विवेकानंद>>>>>>>>>>>>>>>>>तो काली छाया बनने मात्र से किशी के सर्वशक्तिमान हो जाने की बात मैं अपने गाँव, रामापुर-223103, प्रयागराज और संसार के हर किशी स्थान में लिए खंडित करता हूँ।>>>>>>>>>तो आज से मैं अपने गाँव रामापुर- 223103 से लेकर प्रयागराज वालों, सम्पूर्ण भारत वालों और पुनः सम्पूर्ण संसार वालों को सन्देश देना चाहता हूँ की आप को अपने घर में काली छाया मात्र या काली छायामात्र की अधिकता या घर के बाहर काली छाया मात्र या काली छाया की अधिकता होनें से आप को किशी को परेशान करने का अधिकार या शक्ति नहीं मिल जाती है (ईस्वर सबका अवलंबन है) और न उस व्यक्ति के जीने का अधिकार आप छीन सकते है जिसके घर में कोई काला न कभी था, न काला आज भी है, न काला कभी होगा और अगर आप की शक्ति आवश्यकता से अधिक बढ़ गयी भी है तो उसके पीछे किशी गौरी या गौरीशंकर की ही शक्ति है या कोई अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पन्थ/मतावलंबन/कुटुंब/व्यक्तिसमूह/संगठन/पार्टी/दल की प्रायोजित शक्ति है जो एक दिन आप का भी मान मर्दन करेगी और ऐसा हुआ भी है और होता रहता है और आगे भी होगा क्योंकि रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली भी स्वयं ही महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जिसमे तीनो गौरवर्णीय है (जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है) तो उनके भी पीछे तीन गौर वर्णीय शक्तियां है। लेकिन मैं काली छाया वालों का किंचिद अपमान, तिरस्कार, द्वेष, अहित और मानवीय व्यवहार करने की भी सलाह कदापि नहीं देता हूँ मतलब किशी प्रकार की अमानवीय गतिविधी का समर्थक भी नहीं हूँ।>>>>>मैंने काली छाया मात्र को केवल सर्वोच्च शक्ति न कभी माना है, न वह सर्वोच्चशक्ति हो सका/सकी और न कभी भी होगा/होगी वरन रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली(=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है) उनके जैसे आचरण कर्ता या कालीछाया को सर्वोच्च शक्ति हम सदा से माने है और आगे भी मानते रहेंगे | मेरे गाँव से लेकर प्रयागराज और दुनिया के किशी कोने में मुझे कालीछाया से कभी न डर था, न लगा है, न लगेगा पर जरूर था की मैंने उद्दण्डता करने पर सीधे प्रतिकार भी नहीं किया है क्योंकि उस अवस्था में मैं कूर्मावतारी अवस्था और नीलकंठ अवस्था में स्वयं था फिर भी इस सबके साथ इस कथन को पूर्णतः सत्य किया हूँ की जो गिरिधर हो चुका है मतलब राम/कृष्ण हो चुका है उसके लिए 11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान:नीलकण्ठ/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु)) हो जाना कौन सा असंभव कार्य है? अतः गुरुदेवों के मानवता हित के अभीष्ट कार्य में जो लीन था उसके प्रति जो गलत किया उसे दण्ड देना राम/कृष्ण का कार्य था तो समर्पण की अवस्था में उसे दण्ड देना जिस प्रकृति/सृष्टि/जगतजननी जगदम्बा/सीता:जानकी की छाया का काम था उसने स्वयं उसे दण्ड दिया।>>>>>>> >>>>>>>>>तो आज से मैं मेरे अपने गाँव रामापुर-223103 से लेकर प्रयागराज वालों, सम्पूर्ण भारत वालों और पुनः सम्पूर्ण संसार वालों को सन्देश देना चाहता हूँ की आप को अपने घर में काली छाया मात्र या काली छायामात्र की अधिकता या घर के बाहर काली छाया मात्र या काली छाया की अधिकता होनें से आप को किशी को परेशान करने का अधिकार या शक्ति नहीं मिल जाती है (ईस्वर सबका अवलंबन है) और न उस व्यक्ति के जीने का अधिकार आप छीन सकते है जिसके घर में कोई काला न कभी था, न काला आज भी है, न काला कभी होगा और अगर आप की शक्ति आवश्यकता से अधिक बढ़ गयी भी है तो उसके पीछे किशी गौरी या गौरीशंकर की ही शक्ति है या कोई अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पन्थ/मतावलंबन/कुटुंब/व्यक्तिसमूह/संगठन/पार्टी/दल की प्रायोजित शक्ति है जो एक दिन आप का भी मान मर्दन करेगी और ऐसा हुआ भी है और होता रहता है और आगे भी होगा क्योंकि रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली भी स्वयं ही महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जिसमे तीनो गौरवर्णीय है (जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है) तो उनके भी पीछे तीन गौर वर्णीय शक्तियां है। लेकिन मैं काली छाया वालों का किंचिद अपमान, तिरस्कार, द्वेष, अहित और मानवीय व्यवहार करने की भी सलाह कदापि नहीं देता हूँ मतलब किशी प्रकार की अमानवीय गतिविधी का समर्थक भी नहीं हूँ।>>>>>>>>>>तो काली छाया बनने मात्र से किशी के सर्वशक्तिमान हो जाने की बात मैं अपने गाँव, रामापुर-223103, प्रयागराज और संसार के हर किशी स्थान में लिए खंडित करता हूँ।>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

विवेक+आनंद=विवेकानंद>>>>>>>>>>>>>>>>>तो काली छाया बनने मात्र से किशी के सर्वशक्तिमान हो जाने की बात मैं अपने गाँव, रामापुर-223103, प्रयागराज और संसार के हर किशी स्थान में लिए खंडित करता हूँ।>>>>>>>>>तो आज से मैं अपने गाँव रामापुर- 223103 से लेकर प्रयागराज वालों, सम्पूर्ण भारत वालों और पुनः सम्पूर्ण संसार वालों को सन्देश देना चाहता हूँ की आप को अपने घर में काली छाया मात्र या काली छायामात्र की अधिकता या घर के बाहर काली छाया मात्र या काली छाया की अधिकता होनें से आप को किशी को परेशान करने का अधिकार या शक्ति नहीं मिल जाती है (ईस्वर सबका अवलंबन है) और न उस व्यक्ति के जीने का अधिकार आप छीन सकते है जिसके घर में कोई काला न कभी था, न काला आज भी है, न काला कभी होगा और अगर आप की शक्ति आवश्यकता से अधिक बढ़ गयी भी है तो उसके पीछे किशी गौरी या गौरीशंकर की ही शक्ति है या कोई अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पन्थ/मतावलंबन/कुटुंब/व्यक्तिसमूह/संगठन/पार्टी/दल की प्रायोजित शक्ति है जो एक दिन आप का भी मान मर्दन करेगी और ऐसा हुआ भी है और होता रहता है और आगे भी होगा क्योंकि रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली भी स्वयं ही महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जिसमे तीनो गौरवर्णीय है (जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है) तो उनके भी पीछे तीन गौर वर्णीय शक्तियां है। लेकिन मैं काली छाया वालों का किंचिद अपमान, तिरस्कार, द्वेष, अहित और मानवीय व्यवहार करने की भी सलाह कदापि नहीं देता हूँ मतलब किशी प्रकार की अमानवीय गतिविधी का समर्थक भी नहीं हूँ।>>>>>मैंने काली छाया मात्र को केवल सर्वोच्च शक्ति न कभी माना है, न वह सर्वोच्चशक्ति हो सका/सकी और न कभी भी होगा/होगी वरन रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली(=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है) उनके जैसे आचरण कर्ता या कालीछाया को सर्वोच्च शक्ति हम सदा से माने है और आगे भी मानते रहेंगे | मेरे गाँव से लेकर प्रयागराज और दुनिया के किशी कोने में मुझे कालीछाया से कभी न डर था, न लगा है, न लगेगा पर जरूर था की मैंने उद्दण्डता करने पर सीधे प्रतिकार भी नहीं किया है क्योंकि उस अवस्था में मैं कूर्मावतारी अवस्था और नीलकंठ अवस्था में स्वयं था फिर भी इस सबके साथ इस कथन को पूर्णतः सत्य किया हूँ की जो गिरिधर हो चुका है मतलब राम/कृष्ण हो चुका है उसके लिए 11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान:नीलकण्ठ/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु)) हो जाना कौन सा असंभव कार्य है? अतः गुरुदेवों के मानवता हित के अभीष्ट कार्य में जो लीन था उसके प्रति जो गलत किया उसे दण्ड देना राम/कृष्ण का कार्य था तो समर्पण की अवस्था में उसे दण्ड देना जिस प्रकृति/सृष्टि/जगतजननी जगदम्बा/सीता:जानकी की छाया का काम था उसने स्वयं उसे दण्ड दिया।>>>>>>> >>>>>>>>>तो आज से मैं मेरे अपने गाँव रामापुर-223103 से लेकर प्रयागराज वालों, सम्पूर्ण भारत वालों और पुनः सम्पूर्ण संसार वालों को सन्देश देना चाहता हूँ की आप को अपने घर में काली छाया मात्र या काली छायामात्र की अधिकता या घर के बाहर काली छाया मात्र या काली छाया की अधिकता होनें से आप को किशी को परेशान करने का अधिकार या शक्ति नहीं मिल जाती है (ईस्वर सबका अवलंबन है) और न उस व्यक्ति के जीने का अधिकार आप छीन सकते है जिसके घर में कोई काला न कभी था, न काला आज भी है, न काला कभी होगा और अगर आप की शक्ति आवश्यकता से अधिक बढ़ गयी भी है तो उसके पीछे किशी गौरी या गौरीशंकर की ही शक्ति है या कोई अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पन्थ/मतावलंबन/कुटुंब/व्यक्तिसमूह/संगठन/पार्टी/दल की प्रायोजित शक्ति है जो एक दिन आप का भी मान मर्दन करेगी और ऐसा हुआ भी है और होता रहता है और आगे भी होगा क्योंकि रामापुर-223103 की कुलदेवी देवकाली भी स्वयं ही महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जिसमे तीनो गौरवर्णीय है (जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है) तो उनके भी पीछे तीन गौर वर्णीय शक्तियां है। लेकिन मैं काली छाया वालों का किंचिद अपमान, तिरस्कार, द्वेष, अहित और मानवीय व्यवहार करने की भी सलाह कदापि नहीं देता हूँ मतलब किशी प्रकार की अमानवीय गतिविधी का समर्थक भी नहीं हूँ।>>>>>>>>>>तो काली छाया बनने मात्र से किशी के सर्वशक्तिमान हो जाने की बात मैं अपने गाँव, रामापुर-223103, प्रयागराज और संसार के हर किशी स्थान में लिए खंडित करता हूँ।>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

"जिस जनक पुत्री जानकी/सीता का आचरण इस भौतिक जगत हेतु सर्वोच्च हो उसका पिता और माता कौन नहीं बनाना चाहेगा?" तो सीता के कितने बाप यह उसी प्रश्न का उत्तर है? >>>>>>>>>जो गिरिधर स्वयं प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा और पुष्पा=पुष्प+आ=पुष्प आसीन=वह देविया जो पुष्प पर आसीन हो/गायत्री:सविता:सूर्य भार्या:पत्नी/सरस्वती/लक्ष्मी/गौरी दुर्गा का नौवा सिद्धदात्री स्वरुप का पुत्र हो वह गिरिधर मतलब राम/कृष्ण/सशरीर परमब्रह्म/सशरीर ब्रह्म किसका पुत्र नहीं है? पर हाँ यह गिरिधर उत्तराधिकारी रूप से तो नहीं कर्तव्य दृष्टि से अपने परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय प्रेमचंद(शिव) के पुत्र होने का दायित्व गुरुदेव जोशी की व्यूह रचना के तहत मानवता सञ्चालन हेतु और साथ ही साथ स्थानीय और स्थानीय शिक्षण संस्थान हेतु निभा दिया है । अब केवल जरूरत रह गयी है मानवता सञ्चालन की ही। तो वह गिरिधर रामवत आचरण से शिववत(/जगतजननी जगदम्बा::सम्पूर्ण सृष्टि जिसकी छाया समान हो) आचरण भी किया फिर कृष्णवत और फिर राधा/जानकी (जानकी ::सम्पूर्ण सृष्टि जिसकी छाया समान हो) के हेतु राम/कृष्णवत/राम(महाशिव)वत आचरण चल रहा है। मेरा जीवन तो स्वयं त्यागमय, बलिदानमय और साधना/तपोमय है मुझे किशी से क्या लेना और देना वस मानवता सञ्चालन हेतु कर्तव्य निर्वहन केवल मेरा दायित्व है। >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

"जिस जनक पुत्री जानकी/सीता का आचरण इस भौतिक जगत हेतु सर्वोच्च हो उसका पिता और माता कौन नहीं बनाना चाहेगा?" तो सीता के कितने बाप यह उसी प्रश्न का उत्तर है? >>>>>>>>>जो गिरिधर स्वयं प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा और पुष्पा=पुष्प+आ=पुष्प आसीन=वह देविया जो पुष्प पर आसीन हो/गायत्री:सविता:सूर्य भार्या:पत्नी/सरस्वती/लक्ष्मी/गौरी दुर्गा का नौवा सिद्धदात्री स्वरुप का पुत्र हो वह गिरिधर मतलब राम/कृष्ण/सशरीर परमब्रह्म/सशरीर ब्रह्म किसका पुत्र नहीं है? पर हाँ यह गिरिधर उत्तराधिकारी रूप से तो नहीं कर्तव्य दृष्टि से अपने परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय प्रेमचंद(शिव) के पुत्र होने का दायित्व गुरुदेव जोशी की व्यूह रचना के तहत मानवता सञ्चालन हेतु और साथ ही साथ स्थानीय और स्थानीय शिक्षण संस्थान हेतु निभा दिया है । अब केवल जरूरत रह गयी है मानवता सञ्चालन की ही। तो वह गिरिधर रामवत आचरण से शिववत(/जगतजननी जगदम्बा::सम्पूर्ण सृष्टि जिसकी छाया समान हो) आचरण भी किया फिर कृष्णवत और फिर राधा/जानकी (जानकी ::सम्पूर्ण सृष्टि जिसकी छाया समान हो) के हेतु राम/कृष्णवत/राम(महाशिव)वत आचरण चल रहा है। मेरा जीवन तो स्वयं त्यागमय, बलिदानमय और साधना/तपोमय है मुझे किशी से क्या लेना और देना वस मानवता सञ्चालन हेतु कर्तव्य निर्वहन केवल मेरा दायित्व है। >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Wednesday, December 28, 2016

परोपकारी,सदाचारी, सुसंस्कृत और संस्कारित बनकर जिओगे मतलब त्यागमय जीवन जियोगे तो मन और बुद्धि पर कुछ लगाम अवश्य लगेगी पर और हो सकता है की आप अपनी क्षमता से कुछ कम हाँसिल करें जीवन में पर जो हाँसिल करेंगे उसमे आप को आनन्द की अनुभूति होंगे और चिरस्थायी जीवन होगा पर इसके विपरीत जाकर केवल स्वार्थपूर्ण विधियों/तिकड़म से आप जीवन में बहुत ऊंचाई पर भी पंहुँच गए तो उससे न आप को आनन्द के अनुभूति हो सकेगी और न आप इसे चिरस्थायी कर सकेंगे आने वाली पीढी की दृष्टि से। ऐसे ही कुछ तथ्यों से आप समझ सकते है भारत और हर भारतीयों की त्याग की पीर जो संसार में मानवता को गतिमान बनाये रखने हेतु प्रत्यक्ष और परोक्ष हर प्रकार से अपना कर्तव्य निभाये जा रहे और अदृश्य त्याग की मूर्ती बने हुए हैं। और इसी लिए विपत्तिकाल में यह दुनिया पीछे मुडकर काशी-प्रयाग मतलब भारत ही आती है नवजीवन की ऊर्जा हांसिल करने हेतु? >>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

परोपकारी,सदाचारी, सुसंस्कृत और संस्कारित बनकर जिओगे मतलब त्यागमय जीवन जियोगे तो मन और बुद्धि पर कुछ लगाम अवश्य लगेगी पर और हो सकता है की आप अपनी क्षमता से कुछ कम हाँसिल करें जीवन में पर जो हाँसिल करेंगे उसमे आप को आनन्द की अनुभूति होंगे और चिरस्थायी जीवन होगा पर इसके विपरीत जाकर केवल स्वार्थपूर्ण विधियों/तिकड़म से आप जीवन में बहुत ऊंचाई पर भी पंहुँच गए तो उससे न आप को आनन्द के अनुभूति हो सकेगी और न आप इसे चिरस्थायी कर सकेंगे आने वाली पीढी की दृष्टि से। ऐसे ही कुछ तथ्यों से आप समझ सकते है भारत और हर भारतीयों की त्याग की पीर जो संसार में मानवता को गतिमान बनाये रखने हेतु प्रत्यक्ष और परोक्ष हर प्रकार से अपना कर्तव्य निभाये जा रहे और अदृश्य त्याग की मूर्ती बने हुए हैं। और इसी लिए विपत्तिकाल में यह दुनिया पीछे मुडकर काशी-प्रयाग मतलब भारत ही आती है नवजीवन की ऊर्जा हांसिल करने हेतु? >>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

प्रयागराज में या दक्षिण(तमिल-तेलगू) या भारत के अंदर या विश्व में किशी को सर्वाधिकार है यह कहने या करने का की जिस घर में केवल गोरे ही गोरे पारिवारिक सदस्य हो उन लोगों को सम्मान पूर्वक रहने का कोई अधिकार नहीं है और अगर यदि ऐसा है तो इस संसार को चलने का और चलाने का किशी के पास कोई अधिकार नहीं है और तब केवल यह चिन्ता की जाय की इस संसार का अस्तित्व कितने दिन का शेष बचा है? क्योंकि इस संसार का सर्वशक्तिमान शिव केवल और केवल गौर वर्णीय ही होता रहा है सदा सर्वदा "कर्पूर गौरं करुणावतारं, संसार सारं भुजगेन्द्र हारं। सदा वसंतम हृदयारविंदे, भवम भवानी सहितं नमामी। भारत ही नहीं संसार का यह आदिमानव विशाल जल प्रवाह में काशी की भूमिसहित सबसे पहले पानी की सतह से ऊपर आया और केदारेश्वर(+महामृत्युंजय+विश्वेश्वर:विश्वनाथ):महादेव:शिव कहलाया। तो भारत ही नहीं विश्व का पहला आदिमानव गौरवर्णीय है और इस संसार को अनेकों बार प्रलय के मुख में डाल दिया है अनर्थ होने पर ब्रह्मा और विष्णु की एक नहीं चली है कितनी भी सफाई दिए हों फिर भी करुणेश मतलब करुणावतारी कहा गया है तो विष्णु के धर्मचक्र की रक्षा करने वाला शिव सत्यानुचरण न होने पर विश्वविध्वंश भी करदेता है तब भी करुणावतारी मतलब करुणेश मतलब करूणानिधि ही कहलाता है।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

प्रयागराज में या दक्षिण(तमिल-तेलगू) या भारत के अंदर या विश्व में किशी को सर्वाधिकार है यह कहने या करने का की जिस घर में केवल गोरे ही गोरे पारिवारिक सदस्य हो उन लोगों को सम्मान पूर्वक रहने का कोई अधिकार नहीं है और अगर यदि ऐसा है तो इस संसार को चलने का और चलाने का किशी के पास कोई अधिकार नहीं है और तब केवल यह चिन्ता की जाय की इस संसार का अस्तित्व कितने दिन का शेष बचा है? क्योंकि इस संसार का सर्वशक्तिमान शिव केवल और केवल गौर वर्णीय ही होता रहा है सदा सर्वदा "कर्पूर गौरं करुणावतारं, संसार सारं भुजगेन्द्र हारं। सदा वसंतम हृदयारविंदे, भवम भवानी सहितं नमामी। भारत ही नहीं संसार का यह आदिमानव विशाल जल प्रवाह में काशी की भूमिसहित सबसे पहले पानी की सतह से ऊपर आया और केदारेश्वर(+महामृत्युंजय+विश्वेश्वर:विश्वनाथ):महादेव:शिव कहलाया। तो भारत ही नहीं विश्व का पहला आदिमानव गौरवर्णीय है और इस संसार को अनेकों बार प्रलय के मुख में डाल दिया है अनर्थ होने पर ब्रह्मा और विष्णु की एक नहीं चली है कितनी भी सफाई दिए हों फिर भी करुणेश मतलब करुणावतारी कहा गया है तो विष्णु के धर्मचक्र की रक्षा करने वाला शिव सत्यानुचरण न होने पर विश्वविध्वंश भी करदेता है तब भी करुणावतारी मतलब करुणेश मतलब करूणानिधि ही कहलाता है।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैं मामा जी के गाँव में छोटे नाना, एमरजेंसी/आपातकाल के दौर के नैनी, प्रयागराज जेल की प्रथम दिन की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा लगवाने के कुशल नेतृत्वकर्ता, श्रध्देय पारसनाथ(शिव) जो पूर्ण गौरवर्णीय व् अतीव सुन्दर थे ( और कैलाशी नानी जो कृष्णकाय हैं ) के पुत्र शशिधर मामा जो कृष्णकाय है जिनको गांववाले भीम की उपाधि दिए हैं का जोड़ीदार था घरेलू और सामाजिक कार्यों में उम्र में जब छोटा था तो कुछ कम जरूर था बड़े होने पर उनसे पीछे नहीं हटता था? मामा जी पशुचारण नहीं करते थे उसमे भी मुझे विशेष कौसल हांसिल था और वे हल चलाना भी नहीं जानते थे वह भी मैं सकुसल कर लेता था। हाँ वे नाटक में वेमिसाल अभिनय करते थे जिसका परिणाम है उनका नाम जो द्रौपदी चीर हरण नाटक में उन्हें मिला था। वे नाटक, फिल्मो और क्रिकेट के भी शौकीन थे। पर यहाँ दृढ़ निश्चय इतना की आज जब स्वयं सक्षम हूँ तब भी टाकीज में प्रवेश नहीं किया हूँ बचपन से तो कभी प्रवेश ही नहीं हुआ है टाकीज में और नाटक में केवल वही "द्रौपदी चीर हरण" नाटक मैं देखने गया था जिसमे मेरे गुरुवर भी अभिनय किये थे। और जब 2007-2009 के दौर में भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर, कर्णाटक में जब 2008 के मध्य में अशोकचक्र टूटा था तो तमिल-तेलगू के कूर्मावतारी हद एक बार पार कर गए तो केवल इतना कहा था गुरुवर (परमगुरु परमपिता परमेश्वर मामा जी श्रध्धेय श्रीधर:विष्णु) से की आप के आने की जरूरत नहीं केवल शशिधर मामा को ही भेज दीजिये सब ठन्डे पड़ जाएंगे की भीमकाय शरीर वाला भी सनातन गौतम गोत्रीय व्यासी (वशिष्ठ के पौत्र व्याश) मिश्र ब्राह्मण रामानंद मूल भूमि पर स्थित अपने घर पर नियंत्रित होकर ही रहता है और उसकी बुद्धि भी मन्द पड़ जाती है जब पूरी मानवता के रक्षा का बोझ पड़ता है या उसका कुछ अंश अप्रत्यक्ष रूप से हर पारिवारिक सदस्य की तरह पड़ता है। लेकिन अभी प्रयागराज वालों को समझ में सायद नहीं आ रहा है? >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैं मामा जी के गाँव में छोटे नाना, एमरजेंसी/आपातकाल के दौर के नैनी, प्रयागराज जेल की प्रथम दिन की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा लगवाने के कुशल नेतृत्वकर्ता, श्रध्देय पारसनाथ(शिव) जो पूर्ण गौरवर्णीय व् अतीव सुन्दर थे ( और कैलाशी नानी जो कृष्णकाय हैं ) के पुत्र शशिधर मामा जो कृष्णकाय है जिनको गांववाले भीम की उपाधि दिए हैं का जोड़ीदार था घरेलू और सामाजिक कार्यों में उम्र में जब छोटा था तो कुछ कम जरूर था बड़े होने पर उनसे पीछे नहीं हटता था? मामा जी पशुचारण नहीं करते थे उसमे भी मुझे विशेष कौसल हांसिल था और वे हल चलाना भी नहीं जानते थे वह भी मैं सकुसल कर लेता था। हाँ वे नाटक में वेमिसाल अभिनय करते थे जिसका परिणाम है उनका नाम जो द्रौपदी चीर हरण नाटक में उन्हें मिला था। वे नाटक, फिल्मो और क्रिकेट के भी शौकीन थे। पर यहाँ दृढ़ निश्चय इतना की आज जब स्वयं सक्षम हूँ तब भी टाकीज में प्रवेश नहीं किया हूँ बचपन से तो कभी प्रवेश ही नहीं हुआ है टाकीज में और नाटक में केवल वही "द्रौपदी चीर हरण" नाटक मैं देखने गया था जिसमे मेरे गुरुवर भी अभिनय किये थे।  और जब 2007-2009 के दौर में भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर, कर्णाटक में जब 2008 के मध्य में अशोकचक्र टूटा था तो तमिल-तेलगू के कूर्मावतारी हद एक बार पार कर गए तो केवल इतना कहा था गुरुवर (परमगुरु परमपिता परमेश्वर मामा जी श्रध्धेय श्रीधर:विष्णु) से की आप के आने की जरूरत नहीं केवल शशिधर मामा को ही भेज दीजिये सब ठन्डे पड़ जाएंगे की भीमकाय शरीर वाला भी सनातन गौतम गोत्रीय व्यासी (वशिष्ठ के पौत्र व्याश) मिश्र ब्राह्मण रामानंद मूल भूमि पर स्थित अपने घर पर नियंत्रित होकर ही रहता है और उसकी बुद्धि भी मन्द पड़ जाती है जब पूरी मानवता के रक्षा का बोझ पड़ता है या उसका कुछ अंश अप्रत्यक्ष रूप से हर पारिवारिक सदस्य की तरह पड़ता है।  लेकिन अभी प्रयागराज वालों को समझ में सायद नहीं आ रहा है? >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने दो बात और कही थी की 1) मेरे गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ पौत्र व्यासः) मिश्र ब्राह्मण बाबा निवाजी जो कैलाश मूल के गोरक्षपुर/गोरखपुर से आये और क्षत्रिय जागीरदार से मात्र 300 बीघा के विष्णु को आदर्शित गाँव बिशुनपुर-223103 को दान में पाए और उस गाँव के कुलदेवता महादेव:महेश:शिव हैं और वह शिव मैं ही था( जो राम से शिव और शिव से होते हुए शिवरामकृष्ण//श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव) हो चुकाहै) तो मैं पूरे गाँव का पूज्य हूँ पर मैं अपनी स्वयं की दृष्टि में रामानंद की कुल भूमि के वर्तमान वासियों का पूज्य नहीं वरन वे मेरे पूज्य यह सर्वकालिक सत्य है तो ऐसे में उस बिशुनपुर-223103 गाँव वासी अपनी शक्ति पहचान लें उस रामानंद कुल के सामने। और 2 ) यही नहीं गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ पौत्र व्यासः) मिश्र ब्राह्मण मामा के गाँव बिशुनपुर-223103 का उस रामानंद कुल ही केवल गौतम गोत्रीय इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय जागीरदार से बस्तीजनपद से आये कश्मीर मूल के कश्यप गोत्रीय त्रिफला (त्रिफला:त्रिपत्र:बेलपत्र जो शिव व् शिवा:सती:गौरी:उमा:अपर्णा:पार्वती:गौरी पर अर्पित/अपनेय/आभूषित/भोज्य हो जिसका सीधा आहार सती करती थी शिव हेतु तप के दिनों में जिसे प्रथम अर्पण माना जाता है शिव हेतु गंगा जल/दूध या आम जल की साथ) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर को जो पांच गाँव (जिसमे में से रामापुर-223103:मात्र 500 बीघा का गाँव एक है:जिस राम को आदर्शित गाँव की कुलदेवी देवकाली=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है) दान में मिले थे उसके वाशिंदों का आदर्श होगा और बिशुनपुर का और कोई कुल नहीं होंगे। यह अन्यान्योश्रित सम्बन्ध है बिशुनपुर223103 और रामापुर-223225। (उनका >>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने दो बात और कही थी की 1) मेरे गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ पौत्र व्यासः) मिश्र ब्राह्मण बाबा निवाजी जो कैलाश मूल के गोरक्षपुर/गोरखपुर से आये और क्षत्रिय जागीरदार से मात्र 300 बीघा के विष्णु को आदर्शित गाँव बिशुनपुर-223103 को दान में पाए और उस गाँव के कुलदेवता महादेव:महेश:शिव हैं और वह शिव मैं ही था( जो राम से शिव और शिव से होते हुए शिवरामकृष्ण//श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव) हो चुकाहै) तो मैं पूरे गाँव का पूज्य हूँ पर मैं अपनी स्वयं की दृष्टि में रामानंद की कुल भूमि के वर्तमान वासियों का पूज्य नहीं वरन वे मेरे पूज्य यह सर्वकालिक सत्य है तो ऐसे में उस बिशुनपुर-223103 गाँव वासी अपनी शक्ति पहचान लें उस रामानंद कुल के सामने। और 2 ) यही नहीं गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ पौत्र व्यासः) मिश्र ब्राह्मण मामा के गाँव बिशुनपुर-223103 का उस रामानंद कुल ही केवल गौतम गोत्रीय इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय जागीरदार से बस्तीजनपद से आये कश्मीर मूल के कश्यप गोत्रीय त्रिफला (त्रिफला:त्रिपत्र:बेलपत्र जो शिव व् शिवा:सती:गौरी:उमा:अपर्णा:पार्वती:गौरी पर अर्पित/अपनेय/आभूषित/भोज्य हो जिसका सीधा आहार सती करती थी शिव हेतु तप के दिनों में जिसे प्रथम अर्पण माना जाता है शिव हेतु गंगा जल/दूध या आम जल की साथ) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर को जो पांच गाँव (जिसमे में से रामापुर-223103:मात्र 500 बीघा का गाँव एक है:जिस राम को आदर्शित गाँव की कुलदेवी देवकाली=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है) दान में मिले थे उसके वाशिंदों का आदर्श होगा और बिशुनपुर का और कोई कुल नहीं होंगे। यह अन्यान्योश्रित सम्बन्ध है बिशुनपुर223103 और रामापुर-223225। (उनका >>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मेरे कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ समाज को आगाह करने के बावजूद और यह बता देने के बावजूद की आप मेरे गुनाहगार हो और उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है की काली माई का प्रियपुत्र मतलब द्वितीया का चन्द्रमा नहीं रह गया जो मेरे समकक्ष पुरुषार्थ रखता था और इसे ही प्रमाण मान लीजिये फिर भी वर्तमान स्वयंसेवकत्व जिस कूर्मावतारी महानुभाव को मेरा मामा बनाये हुए था/है उनको भी कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ समाज मेरे विरुध्ध प्रयोग कर काली माई की आख़िरी आस ख़त्म करना चाह रहे हैं ऐसे गठजोड़ वाले तो फिर इसमे मेरा दोष क्या रहा? जिसका सर्वकालिक कोई ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ जन्म नहीं लिया/उद्भव में नहीं आया उसका ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ आप किशी की भौतिक वस्तुए जैसे फ्लैट नंबर, कार और कार नम्बर, व्यवसायगत पद, प्रतिष्ठा और पँहुच/ओहदा बढ़ाकर प्राप्त नहीं कर सकते यह तो केवल समय समय की बात हो सकती है पर जो सर्वकालिक सत्य स्वयं में है उसे कैसे आप मिटा सकते हैं?>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मेरे कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ समाज को आगाह करने के बावजूद और यह बता देने के बावजूद की आप मेरे गुनाहगार हो और उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है की काली माई का प्रियपुत्र मतलब द्वितीया का चन्द्रमा नहीं रह गया जो मेरे समकक्ष पुरुषार्थ रखता था और इसे ही प्रमाण मान लीजिये फिर भी वर्तमान स्वयंसेवकत्व जिस कूर्मावतारी महानुभाव को मेरा मामा बनाये हुए था/है उनको भी कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म/सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ समाज मेरे विरुध्ध प्रयोग कर काली माई की आख़िरी आस ख़त्म करना चाह रहे हैं ऐसे गठजोड़ वाले तो फिर इसमे मेरा दोष क्या रहा? जिसका सर्वकालिक कोई ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ जन्म नहीं लिया/उद्भव में नहीं आया उसका ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ आप किशी की भौतिक वस्तुए जैसे फ्लैट नंबर, कार और कार नम्बर, व्यवसायगत पद, प्रतिष्ठा और पँहुच/ओहदा बढ़ाकर प्राप्त नहीं कर सकते यह तो केवल समय समय की बात हो सकती है पर जो सर्वकालिक सत्य स्वयं में है उसे कैसे आप मिटा सकते हैं?>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।http://vandemataramvivekananddrvkprssbhupuau.blogspot.in/

तो ऐसे में मुझे अभी तक दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक क्या पढ़ाया जा रहा है ? हाँ मैं पढ़ रहा इसी लिए की "इसी भारत में जीना है और इसी भारत में मरना है"। >>>>>>>>>>>मैं आप लोगों से बता चुका हूँ की कक्षा 5 से कक्षा 8 तक मैं 60 प्रतिसत पिछड़ों, 30 प्रतिसत दलितों, 5/6 मुस्लिमों, 4 क्षत्रियों, तीन वैश्यों के साथ लगभग 100 छात्रों के बीच अकेला ब्राह्मण परिवार से छात्र था जिसमे किशी कम मेधावी नही था न किशी से कम विनम्र था और न किशी से कम सभ्य न किशी से कम संस्कारित और सुसंस्कृत था। और विश्वगुरु जौनपुर का दलित और पिछड़ा दुनिया के किस भाग के दलित और पिछड़े से कम सुसंस्कृत, सभ्य और मेधावी/प्रतिभावान हो सकता है ? तो ऐसे में मुझे अभी तक दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक क्या पढ़ाया जा रहा है ? हाँ मैं पढ़ रहा इसी लिए की "इसी भारत में जीना है और इसी भारत में मरना है। >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

तो ऐसे में मुझे अभी तक दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक क्या पढ़ाया जा रहा है ? हाँ मैं पढ़ रहा इसी लिए की "इसी भारत में जीना है और इसी भारत में मरना है"। >>>>>>>>>>>मैं आप लोगों से बता चुका हूँ की कक्षा 5 से कक्षा 8 तक मैं 60 प्रतिसत पिछड़ों, 30 प्रतिसत दलितों, 5/6 मुस्लिमों, 4 क्षत्रियों, तीन वैश्यों के साथ लगभग 100 छात्रों के बीच अकेला ब्राह्मण परिवार से छात्र था जिसमे किशी कम मेधावी नही था न किशी से कम विनम्र था और न किशी से कम सभ्य न किशी से कम संस्कारित और सुसंस्कृत था। और विश्वगुरु जौनपुर का दलित और पिछड़ा दुनिया के किस भाग के दलित और पिछड़े से कम सुसंस्कृत, सभ्य और मेधावी/प्रतिभावान हो सकता है ? तो ऐसे में मुझे अभी तक दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक क्या पढ़ाया जा रहा है ? हाँ मैं पढ़ रहा इसी लिए की "इसी भारत में जीना है और इसी भारत में मरना है। >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने यह सिद्ध किया है की जिसके घर में कोई स्त्री या कोई पुरुष काला नहीं है मतलब जो मेरे सदृश है उसको भी मेरे गाँव रामापुर-223225 (जिस गाँव की कुलदेवी देवकाली=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है) और प्रयागराज तथा दक्षिण (तमिल-तेलगु) में स्वाभिमान और स्वतंत्रतापूर्वक जीवन जीने का अधिकार है और अगर वह सुकर्मी है तो उसे बिना अपना सम्मान खोये जीवन जीने से कोई रोक नहीं सकता। >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने यह सिद्ध किया है की जिसके घर में कोई स्त्री या कोई पुरुष काला नहीं है मतलब जो मेरे सदृश है उसको भी मेरे गाँव रामापुर-223225 (जिस गाँव की कुलदेवी  देवकाली=महासरस्वती+महालक्ष्मी+महागौरी की सम्मिलित स्वरूपा है जो अपने एक ही रूप में दुष्कर्मियों के ऊपर अपने स्वयं के क्रोध से उत्पन्न ऊर्जा से काली हुई है और अन्य में जगदम्बा दुर्गा की तरह गौर वर्णीय है)  और प्रयागराज तथा दक्षिण (तमिल-तेलगु) में  स्वाभिमान और स्वतंत्रतापूर्वक जीवन जीने का अधिकार है और अगर वह सुकर्मी है तो उसे बिना अपना सम्मान खोये जीवन जीने से कोई रोक नहीं सकता। >>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

*******"सत्यमेव जयते"आत्मरक्षा का हक हर नागरिक को है अतः मैं अपने समान अन्य स्त्री/पुरुष गौर वर्णीयों को प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ की राजनीती से सदैव सावधान रहने की जरूरत को उजागर किया। मेरी मेरिट को पहचानने वाले ही मेरी मेरिट से 1991 में ही घबरा गए थे हाई स्कूल का अंक देखकर ही और पड़ोस से लेकर शिक्षा माफिया तक राजनैतिक तिकड़म प्रारम्भ हुआ सब कुछ आँखों के सामने आ चुका है नियंत्रिय रहिये मानवता से पेश आइये अन्यथा सब सामने आ जाएगा >>>>>>>>>>>मैंने प्रयागराज में अगर स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवताहित में अद्वितीय कार्य में आदि से लेकर अन्त तक की सहभागिता की वही प्रयागराज में ही रहकर हो सकता है की कुछ लोगों को परोक्ष हानि भी पंहुंचायी हो जैसे कूर्मावतारी-इस्लामानुयायी गठजोड़, कूर्मावतारी-ईसायतानुयाई गठजोड़, कूर्मावतारी-ब्राह्मण गठजोड़, कूर्मावतारी-क्षत्रिय गठजोड़, कूर्मावतारी-वैश्य गठजोड़, और कूर्मावतारी-अन्यजाति/धर्म गठजोड़ को बेनकाब किया और कुछ भारती समाज के संगठनो और दलों/पार्टियों में भी दक्षिण भारत और प्रयागराज की तरह के कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ आधारित राजनीती वालों का भंडाफोड़ करते हुए वह भी भी ऐसे ही नहीं वरन स्वयं ही मानवता के इतिहास का आज तक का सबसे बड़ा गौरवर्णीय कूर्मावतारी बनकर। जब भगवान् राम और कृष्ण के समर्थन में सम्पूर्ण समाज न आ सका तो मेरे समर्थन में सम्पूर्ण समाज या बहुमत समाज को आने की जरूरत ही क्या है जिस समाज में बहुमत ही ऐसे अनगिनत गठजोड़ अनगिनत शहरों में चलायेजाने के बदौलत अस्तित्व में रहता है पर एकै-साधे सधै की तर्ज पर मैंने प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ से पर्दा उठाकर ही रहा जिससे मैं प्रभावित किया गया। आत्मरक्षा का हक हर नागरिक को है अतः मैं अपने समान अन्य स्त्री/पुरुष गौर वर्णीयों को प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ की राजनीती से सदैव सावधान रहने की जरूरत को उजागर किया।*******"सत्यमेव जयते"।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

*******"सत्यमेव जयते"आत्मरक्षा का हक हर नागरिक को है अतः मैं अपने समान अन्य स्त्री/पुरुष गौर वर्णीयों को  प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ की राजनीती से सदैव सावधान रहने की जरूरत को उजागर किया। मेरी मेरिट को पहचानने वाले ही मेरी मेरिट से 1991 में ही घबरा गए थे हाई स्कूल का अंक देखकर ही और पड़ोस से लेकर शिक्षा माफिया तक राजनैतिक तिकड़म प्रारम्भ हुआ सब कुछ आँखों के सामने आ चुका है नियंत्रिय रहिये मानवता से पेश आइये अन्यथा सब सामने आ जाएगा >>>>>>>>>>>मैंने प्रयागराज में अगर स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवताहित में अद्वितीय कार्य में आदि से लेकर अन्त तक की सहभागिता की वही प्रयागराज में ही रहकर हो सकता है की कुछ लोगों को परोक्ष हानि भी पंहुंचायी हो जैसे कूर्मावतारी-इस्लामानुयायी गठजोड़, कूर्मावतारी-ईसायतानुयाई गठजोड़, कूर्मावतारी-ब्राह्मण गठजोड़, कूर्मावतारी-क्षत्रिय गठजोड़, कूर्मावतारी-वैश्य गठजोड़, और कूर्मावतारी-अन्यजाति/धर्म गठजोड़ को बेनकाब किया और कुछ भारती समाज के संगठनो और दलों/पार्टियों में भी दक्षिण भारत और प्रयागराज की तरह के कूर्मावतारी-अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ आधारित राजनीती वालों का भंडाफोड़ करते हुए वह भी भी ऐसे ही नहीं वरन स्वयं ही मानवता के इतिहास का आज तक का सबसे बड़ा गौरवर्णीय कूर्मावतारी बनकर। जब भगवान् राम और कृष्ण के समर्थन में सम्पूर्ण समाज न आ सका तो मेरे समर्थन में सम्पूर्ण समाज या बहुमत समाज को आने की जरूरत ही क्या है जिस समाज में बहुमत ही ऐसे अनगिनत गठजोड़ अनगिनत शहरों में चलायेजाने के बदौलत अस्तित्व में रहता है पर एकै-साधे सधै की तर्ज पर मैंने प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ से पर्दा उठाकर ही रहा जिससे मैं प्रभावित किया गया। आत्मरक्षा का हक हर नागरिक को है अतः मैं अपने समान अन्य स्त्री/पुरुष गौर वर्णीयों को  प्रयागराज और दक्षिण भारत (तमिल-तेलगु) में चलने वाली कूर्मावतारी- अन्य जाति/धर्म।सम्प्रदाय/पंथ/मतावलंबन गठजोड़ की राजनीती से सदैव सावधान रहने की जरूरत को उजागर किया।*******"सत्यमेव जयते"।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Tuesday, December 27, 2016

जो यौवन आने से पूर्व या अपरिपक्व अवस्था में ही कई बार कौमार्य भंग कर चुके होते है और अपने को आधुनिक युग के व्यवहारिक जीवन वाला कहलाते है वे कम से कम उस व्यक्ति जो कम से कम विवाह पूर्व तक अखण्ड ब्रह्मचर्य रहा हो और हनुमान/अम्बावाडेकर/अम्बेडकर की तर्ज पर आज भी "जिसकी एक नारी, सदा ब्रह्मचारी" आज भी हो उसके बारे में कोई टिप्पणी न करें तो मानवता हित हेतु कुछ ज्यादा ही ठीक रहेगा ।जिसका मानवता के अभीष्ट हित हेतु उसके हेतु संकल्पित अभीष्ट लक्ष्यपूर्ति हेतु साधना/तप में प्रयोग में लाया गया, जिसका इस हेतु बलिदान किया गया और इस हेतु जिसका त्याग करवाया गया उस पवित्र सम्बन्ध के प्रति संवेदनशील मानवीय व्यवहार की औपचारिकता पूर्ती और कर्तव्य निर्वहन से स्वयं परमसत्य/पूर्ण परमब्रह्म/ब्रह्म/अदृश्य ब्रह्म भी मना नहीं कर सकता सशरीर परमसत्य/सशरीर परमब्रह्म (ब्रह्मा+विष्णु+महेश:महादेव:शिव)/ब्रह्म की कौन सी बात की जाय अन्यथा यह पुनर्गतिमान दुनिया पुनः या तो ठहर सकती है या पुनः विखर सकती है?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

जो यौवन आने से पूर्व या अपरिपक्व अवस्था में ही कई बार कौमार्य भंग कर चुके होते है और अपने को आधुनिक युग के व्यवहारिक जीवन वाला कहलाते है वे कम से कम उस व्यक्ति जो कम से कम विवाह पूर्व तक अखण्ड ब्रह्मचर्य रहा हो और हनुमान/अम्बावाडेकर/अम्बेडकर की तर्ज पर आज भी "जिसकी एक नारी, सदा ब्रह्मचारी" आज भी हो उसके बारे में कोई टिप्पणी न करें तो मानवता हित हेतु कुछ ज्यादा ही ठीक रहेगा ।जिसका मानवता के अभीष्ट हित हेतु उसके हेतु संकल्पित अभीष्ट लक्ष्यपूर्ति हेतु साधना/तप में प्रयोग में लाया गया, जिसका इस हेतु बलिदान किया गया और इस हेतु जिसका त्याग करवाया गया उस पवित्र सम्बन्ध के प्रति संवेदनशील मानवीय व्यवहार की औपचारिकता पूर्ती और कर्तव्य निर्वहन से स्वयं परमसत्य/पूर्ण परमब्रह्म/ब्रह्म/अदृश्य ब्रह्म भी मना नहीं कर सकता सशरीर परमसत्य/सशरीर परमब्रह्म (ब्रह्मा+विष्णु+महेश:महादेव:शिव)/ब्रह्म की कौन सी बात की जाय अन्यथा यह पुनर्गतिमान दुनिया पुनः या तो ठहर सकती है या पुनः विखर सकती है?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

अपना स्थान और हित सुरक्षित करके और अधिक अधिकार के लिए मैदान में उतारना स्वार्थपूर्ण रणनीति मात्र है पर जब अपना ही स्थान और हित सुरक्षित नहीं हो और आप मानवता हित में अपना स्थान और हित सब कुछ दाँव पर लगा रन में उतरे हों तो यह त्याग, बलिदान और तपस्या तीनों की श्रेणी में एक साथ आता है। >>>>>>>>>>प्रयागराज प्रवास सितम्बर, 2000 से ही है और केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय पर मार्च, 2001 में ही आया था जानकारी हेतु (जहाँ मुझे मेरे एक ही परिवार के चार लोगों के दर्शन हुए वे किशी भी जाति समूह से रहे हों तो कुछ विचार ऐसा था की अगर इन परिवार वालों में ही मैं शामिल हुआ तो फिर जीवन में कुछ नया क्या होगा?) पर 4 सितम्बर, 2001, 11 सितम्बर, 2001, 7 फरवरी, 2003, 16, 29 मई, 2006 और 11 मार्च, 2007, 11 सितम्बर, 2007, 18 सितम्बर, 2007 और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहार, 2009 यहाँ मेरे लिए उल्लेखनीय तिथियाँ हैं जिसमे 7 फरवरी, 2003, 16, 29 मई, 2006 और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहर, 2009 मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से परिक्षा की घड़ी थी जिसके लिए एकल निर्णय मुझे लेना था और मैंने लिया था व्यक्तिगत रिस्क लेकर जिसमे 7 फरवरी, 2003, 16 मई, 2006 शैक्षिक समाज के बड़े समूह के लिए और इस प्रकार आम मानव समाज की आने वाली पीढ़ी हित के लिए मेरा समर्पण था जबकि मेरे स्वयं के लिए विकल्प और भी थे अगर मई जोखिम न भी उठाता और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहार, 2009 जो कालचक्र/समयचक्र का अकाट्य और अक्षुण्य मील का स्थापित पत्थर है जो अब ब्रह्मलीक हो चुका है। यह स्वयं मेरे लिए यह घटना चक्र भी नियती की तरह नाटकीय था मेरी उस यात्रा का जिसका टिकट मै एक दिन पूर्व निरस्त करने जा रहा था मेरे विज्ञान परियोजना के निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान के वायुमंडलीय एवम महासागरीय विज्ञानं केंद्र के प्रोफेसर देवाशीष सेनगुप्ता गुरु जी के निर्देशानुसार, पर सुबह वे ही यसवंतपुर के रेलवे स्टेशन जाने वाली गली में ही मिल गए और कहे की जब टिकट कटा ही लिए हो तो चले जाओ पदभार ग्रहण करने लेकिन अगर पदभार ग्रहण न होने की स्थिति आएगी तो क्या करोगे? तो उद्यम और जोखिम उठाने पर ही यह कालचक्र/समयचक्र का अकाट्य और अक्षुण्य मील का पत्थर है स्थापित हो सका है जो ब्रह्मलीक हो चुका है तो उसे कोई नहीं मिटा सकता है अनवरत निरर्थक प्रयास कर लेने पर भी।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

अपना स्थान और हित सुरक्षित करके और अधिक अधिकार के लिए मैदान में उतारना स्वार्थपूर्ण रणनीति मात्र है पर जब अपना ही स्थान और हित सुरक्षित नहीं हो और आप मानवता हित में अपना स्थान और हित सब कुछ दाँव पर लगा रन में उतरे हों तो यह त्याग, बलिदान और तपस्या तीनों की श्रेणी में एक साथ आता है। >>>>>>>>>>प्रयागराज प्रवास सितम्बर, 2000 से ही है और केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय पर मार्च, 2001 में ही आया था जानकारी हेतु (जहाँ मुझे मेरे एक ही परिवार के चार लोगों के दर्शन हुए वे किशी भी जाति समूह से रहे हों तो कुछ विचार ऐसा था की अगर इन परिवार वालों में ही मैं शामिल हुआ तो फिर जीवन में कुछ नया क्या होगा?) पर 4 सितम्बर, 2001, 11 सितम्बर, 2001, 7 फरवरी, 2003, 16, 29 मई, 2006 और 11 मार्च, 2007, 11 सितम्बर, 2007, 18 सितम्बर, 2007 और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहार, 2009 यहाँ मेरे लिए उल्लेखनीय तिथियाँ हैं जिसमे 7 फरवरी, 2003, 16, 29 मई, 2006 और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहर, 2009 मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से परिक्षा की घड़ी थी जिसके लिए एकल निर्णय मुझे लेना था और मैंने लिया था व्यक्तिगत रिस्क लेकर जिसमे 7 फरवरी, 2003, 16 मई, 2006 शैक्षिक समाज के बड़े समूह के लिए और इस प्रकार आम मानव समाज की आने वाली पीढ़ी हित के लिए मेरा समर्पण था जबकि मेरे स्वयं के लिए विकल्प और भी थे अगर मई जोखिम न भी उठाता और अक्टूबर 29 रात किन्तु वास्तविक रूप में 30 का प्रथम प्रहार, 2009 जो कालचक्र/समयचक्र का अकाट्य और अक्षुण्य मील का स्थापित पत्थर है जो अब ब्रह्मलीक हो चुका है। यह स्वयं मेरे लिए यह घटना चक्र भी नियती की तरह नाटकीय था मेरी उस यात्रा का जिसका टिकट मै एक दिन पूर्व निरस्त करने जा रहा था मेरे विज्ञान परियोजना के निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान के वायुमंडलीय एवम महासागरीय विज्ञानं केंद्र के प्रोफेसर देवाशीष सेनगुप्ता गुरु जी के निर्देशानुसार, पर सुबह वे ही यसवंतपुर के रेलवे स्टेशन जाने वाली गली में ही मिल गए और कहे की जब टिकट कटा ही लिए हो तो चले जाओ पदभार ग्रहण करने लेकिन अगर पदभार ग्रहण न होने की स्थिति आएगी तो क्या करोगे? तो उद्यम और जोखिम उठाने पर ही यह कालचक्र/समयचक्र का अकाट्य और अक्षुण्य मील का पत्थर है स्थापित हो सका है जो ब्रह्मलीक हो चुका है तो उसे कोई नहीं मिटा सकता है अनवरत निरर्थक प्रयास कर लेने पर भी।>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

When there was no merit suitable to become a unique central power at the place which is the central point of World humanity i. e. Prayagraj/Allaha-Abaad/Allah-AwashTri-Sangam/Triveni/Ella-Awash/Ella-Abaad/Prak-Yagya place/Prakrishtha-Yagya place/The place where Seven Brahmarshi-Saptarshi born/prakate in the Yagya organized by Lord Brahma and performed by Lord Vishnu and Shiv, so that the Great Thruth of the Universe can be re-established for the people entering in the NEW SAHASRABDI/WORLD AFTER GREAT REFORME/NEW MILLENNIUM and in such condition which merit successfully played this important role till date, the people of Prayagraj wants to know his merit when everything finished. NOTE: HIS MERIT ON PAPER AFTER HIGH SCHOOL TO TILL DATE IS A FALSE MERIT WHICH IS RESULTANT OF SO CALLED SOCIAL JUSTICE. People of this world may be agree or not its no matter and could not affect him as because he remained alone during these days many times due to materialistic World's selfishness prevented peoples to accompanied him.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

When there was no merit suitable to become a unique central power at the place which is the central point of World humanity i. e. Prayagraj/Allaha-Abaad/Allah-AwashTri-Sangam/Triveni/Ella-Awash/Ella-Abaad/Prak-Yagya place/Prakrishtha-Yagya place/The place where Seven Brahmarshi-Saptarshi born/prakate in the Yagya organized by Lord Brahma and performed by Lord Vishnu and Shiv, so that the Great Thruth of the Universe can be re-established for the people entering in the NEW SAHASRABDI/WORLD AFTER GREAT REFORME/NEW MILLENNIUM and in such condition which merit successfully played this important role till date, the people of Prayagraj wants to know his merit when everything finished. NOTE: HIS MERIT ON PAPER AFTER HIGH SCHOOL TO TILL DATE IS A FALSE MERIT WHICH IS RESULTANT OF SO CALLED SOCIAL JUSTICE. People of this world may be agree or not its no matter and could not affect him as because he remained alone during these days many times due to materialistic World's selfishness prevented peoples to accompanied him.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Monday, December 26, 2016

सत्याचरण में न ला सके तो यह आपकी अज्ञानता या मजबूरी केवल हो सकती है किसी कारन वश पर आप ने सत्य को पहचानते और जानते हुए भी उस सत्य को अपमानित जब कर दिया बिना किसी सम्यक मानवता हित पालन को ध्यान में रखते हुए तो उससे बड़ा अपराध और अमर्यादित आचरण कुछ नहीं है इस ब्रह्माण्ड/मानव जगत में ?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

सत्याचरण में न ला सके तो यह आपकी अज्ञानता या मजबूरी केवल हो सकती है किसी कारन वश पर आप ने सत्य को पहचानते और जानते हुए भी उस सत्य को अपमानित जब कर दिया बिना किसी सम्यक मानवता हित पालन को ध्यान में रखते हुए तो उससे बड़ा अपराध और अमर्यादित आचरण कुछ नहीं है इस ब्रह्माण्ड/मानव जगत में ?>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती: पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण श्रध्धेय बाबा सारंगधर(अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो चंद्र को धारण करने वाले चंद्रशेखर:चंद्रधर:शशांकधर:राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव ; अगर सारँग मतलब गंगा से भावार्थित हो तो गंगा को धारण करने वाले गंगाधर मतलब शिव ही और अगर सारंग मतलबी धनुष से भावार्थित हो तो सारंग धनुष धारण करने वाले विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी (वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण श्रध्धेय निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर :विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।