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Wednesday, August 31, 2016

एक ब्राह्मण को या किशी प्रबुद्ध को जाति मानने की क्या जरूरत अगर परिवार, समाज, देश/राज्य और अंतरास्ट्रीय परिवार बिना जाति/धर्म माने चल सकता और पारिवारिक संस्कार व् पारिवारिक रीति- रिवाज , संस्कृति आचरण और कर्म सबके आधार पर ऊंचा और नीचा की परिकल्पना के बिना निम्नमार्गी समाज को संतुलित किया जा सकता? मैं सब कुछ सामाजिक सुसंचालन के लिए मानता हूँ स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक के संचालन को ध्यान में रखकर पर खेतों में पाटा चलाने तर्ज पर समाज चलाना है तो चलाकर दिखाइए सामाजिक न्याय के पैरोकार और वर्तमान संवैधानिक व्यस्था के उस दौर में भी पोषक जब वैश्वीकरण/भूमंडलीकरक हो चुका है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो इस संसार से सभी वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन लोग मिट जाएंगे और उनके साथ यह संसार भी मिट जाएगा तो कम से कम ग्रामीण क्षेत्र के ब्राह्मणों/सज्जनों के संरक्षण के बारे में सोचो मैं तो पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए क्षत्रिय और वैश्य बन लिया जो उदहारण है की हर सनातन ब्राह्मण भी चाहे तो ऐसा कर अपना जीवन जी सकता है पर तब ब्राह्मण बने रहने का कस्ट कौन झेलेगा और जब ब्राह्मण ही नहीं तो तो मानवता का मूल बीज ही नहीं रहेगा और जब मानवता का मूल बीज जब नहीं तो संसार पुनः उसी परंब्रह्न/ब्रह्म में समाहित होगा जिसे मुझे ब्रह्मास्त्र बना बचा लिया गया था आज से ठीक 15 वर्ष पूर्व। >>>>>>>>>>>>>>सांसारिक रूप से प्रयागराज में नाना के नेतृत्व में काम करने आया था बड़े भाई और जीजा तथा एक मामा के दिशानिर्देश पर कार्यकिया और अब एक मामा के नेतृत्व के छात्रावास अधीक्षक व् विश्विद्यालय सह कुलानुशासक हूँ तो जिस अब सामाजिक न्याय और संविधान की मैं रक्षा किया जीवन भर और उसने उसके बाद उसकी रक्षा करने की कीमत पर उलझाया स्वयं अपने में जब की मैं बता चुका हूँ की मैं सशरीर परमब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश)/ब्रह्म बन चुका हूँ मतलब शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव) हो चुका हूँ पर विष्णु और ब्रह्मा के अधिकार का अधिग्रहण कभी भी नहीं किया हूँ और न ब्राह्मण धर्म कभी भी छोड़ा हूँ मतलब व्यवहारिक रूप से पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए ही पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य हो चुका हूँ तो अब वह सामाजिक न्याय के करता धरता और संविधान निर्माता व् उसके पालनहार स्वयम प्रभावित हों मेरे तथ्यों से। कारण स्पस्ट है >>>>>>>>>>>>>>>>>जौनपुर के एक भाई ने मातृ पक्ष पर प्रकाश डालने को कहा है: तो सबसे पहले हम यह बता दे की ""बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव"" का विवाह जिस दादी मतलब पाँचों गाँवों की कुल माता से हुआ था वे जौनपुर/जमदग्निपुर से ही थी तो हम सभी पांच + एक मूल गाँव ओरिल के समकुलीन वंसजों के गाँव का मातृकुल जौनपुर/जमदग्निपुर ही है ((भृगु ऋषी जिनकी मूल भूमि बलिया है के पुत्र जमदग्निऋषि की भूमि मतलब इस संसार में वह विष्णु अवतार जो ब्रह्मक्षत्रिय हो सबसे बड़ा और विस्तृत क्षेत्र का गुरु कहलाया उस परशुराम जो देवादिदेव महादेव के सबसे प्रिय शिष्य थे के पिता की कर्म भूमि मतलब जिस परशुराम को क्षत्रिय कुल द्रोही हो जाने पर भृगु ऋषी द्वारा जौनपुर/जमदग्निपुर निकाला हुआ था और कभी वापस जौनपुर/जमदग्निपुर नहीं आने को कहा गया था और वे आज तक वहां नहीं आये पर केरल से लेकर कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा, गुजरात होते हुए उत्तराँचल होते हुए हिमालय श्रृंखला पकड़े पूर्वोत्तर भारत और ओडिशा/आंध्र/तेलंगाना के महेंद्र गिरी/पर्वत तक के क्षेत्र के गुरु बन शैक्षणिक व् सांस्कृतिक संरक्षण व् संवर्धन किये यह जरूर है की अपने क्रोध पर नियंत्रण न सकने की वजह से सशरीर परमब्रह (ब्रह्मा+विष्णु+महेश) का परमपद श्रीराम (आचरण द्वारा) और श्रीकृष्ण (16 कलाओं द्वारा) का पद प्राप्त नहीं कर सके जो भगवान् विष्णु (प्रथम गुरु वृहस्पति या त्रिदेवों में गुरु वृहस्पति का परमपद) की तरह जगत गुरु कहे जाते हैं फिर भी परशुराम ने अद्वितीय सघन विश्वाधारीय वैयक्तिक उपस्थिति द्वारा में देश व्यापी शैक्षिक व् सांस्कृतिक सम्वर्धन जरूर किया जो है))। यही नहीं मेरे स्वयं के बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/..../देवव्रत(गंगापुत्र) कुल की 80% माताएं जौनपुर/जमदग्निपुर की ही हैं जिसमे से वरिष्ठ माताओं में प्रमुख हैं मेरे स्वयं की माता का मायका और मेरी ही दादी का ननिहाल बिशुनपुर (पट्टीनरेंद्रपुर/शाहगंज क्षेत्र) और घराने की एक वरिष्ठ दिवंगत दादी का मायका जगदीशपुर (पट्टीनरेंद्रपुर /शाहगंज क्षेत्र) और दूसरी प्रमुख वर्तमान दिवंगत दादी का मायका रामनगर (पट्टीनरेंद्रपुर /शाहगंज क्षेत्र) और कई वर्तमान माताओं का भी मायका जौनपुर ही है। >>>>>>>>> अब आती हैं बात मेरी माता की तो मेरी माता रामानंद/.../रामप्रसाद/रमानाथ(विष्णु) कुल की सनातन गौतम गोत्रीय व्यासी मिश्रा ब्राह्मण (वर्तमान में पाण्डेय) और दादी सनातन रमाकांत(+लालता प्रसाद) कुल की वशिष्ठ गोत्रीय मिश्रा ब्राह्मण (मेरे कुल में आने के बाद पांडेय)। >>>>>>हिन्दू रीती में नाम की अपनी धार्मिक महिमा और महत्त्व है और इसी प्रकार मेरी स्वयं की माता का नाम पुष्पा है जिस नाम के अर्थ पर बहुत से लोगों को भ्रम होता है तो मैं उनका भ्रम दूर कर देता हूँ: पुष्प या कुसुम शब्द कह देने मात्र से नर व् मादा दोनों पुष्प का बोध होता है उसके लिए पुष्पा शब्द अलग से नहीं है पर पुष्पा का हिंदी साहित्य के अनुसार शाब्दिक अर्थ पुष्प पर आसीन देवी होता है अतएव इससे सरस्वती (ब्रह्मा), लक्ष्मी(विष्णु), गायत्री/सविता(सूर्य) व् दुर्गा का नौवा अवतार सिद्धदात्री देवी का बोध होता है जिनसे आशीर्वाद लिए बिना नौरात्रि की सिध्धी (फल) ही नहीं मिलता है। >>>>>>>और मेरी नानी का नाम है ब्रह्मादेवी जिसका शाब्दिक अर्थ है सरस्वती और मेरी सासु माँ सीधा नाम ही "सरस्वती" है तो अब मेरा सरस्वती नाम से क्या सम्बन्ध जन्म जन्मान्तर है यह अब आप स्वयं समझ सकते हैं। >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

एक ब्राह्मण को या किशी प्रबुद्ध को जाति मानने की क्या जरूरत अगर परिवार, समाज, देश/राज्य और अंतरास्ट्रीय परिवार बिना जाति/धर्म माने चल सकता और पारिवारिक संस्कार व् पारिवारिक रीति- रिवाज , संस्कृति आचरण और कर्म सबके आधार पर ऊंचा और नीचा की परिकल्पना के बिना निम्नमार्गी समाज को संतुलित किया जा सकता? मैं सब कुछ सामाजिक सुसंचालन के लिए मानता हूँ स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक के संचालन को ध्यान में रखकर पर खेतों में पाटा चलाने तर्ज पर समाज चलाना है तो चलाकर दिखाइए सामाजिक न्याय के पैरोकार और वर्तमान संवैधानिक व्यस्था के उस दौर में भी पोषक जब वैश्वीकरण/भूमंडलीकरक हो चुका है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो इस संसार से सभी वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन लोग मिट जाएंगे और उनके साथ यह संसार भी मिट जाएगा तो कम से कम ग्रामीण क्षेत्र के ब्राह्मणों/सज्जनों के संरक्षण के बारे में सोचो मैं तो पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए क्षत्रिय और वैश्य बन लिया जो उदहारण है की हर सनातन ब्राह्मण भी चाहे तो ऐसा कर अपना जीवन जी सकता है पर तब ब्राह्मण बने रहने का कस्ट कौन झेलेगा और जब ब्राह्मण ही नहीं तो तो मानवता का मूल बीज ही नहीं रहेगा और जब मानवता का मूल बीज जब नहीं तो संसार पुनः उसी परंब्रह्न/ब्रह्म में समाहित होगा जिसे मुझे ब्रह्मास्त्र बना बचा लिया गया था आज से ठीक 15 वर्ष पूर्व। >>>>>>>>>>>>>>सांसारिक रूप से प्रयागराज में नाना के नेतृत्व में काम करने आया था बड़े भाई और जीजा तथा एक मामा के दिशानिर्देश पर कार्यकिया और अब एक मामा के नेतृत्व के छात्रावास अधीक्षक व् विश्विद्यालय सह कुलानुशासक हूँ तो जिस अब सामाजिक न्याय और संविधान की मैं रक्षा किया जीवन भर और उसने उसके बाद उसकी रक्षा करने की कीमत पर उलझाया स्वयं अपने में जब की मैं बता चुका हूँ की मैं सशरीर परमब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश)/ब्रह्म बन चुका हूँ मतलब शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव) हो चुका हूँ पर विष्णु और ब्रह्मा के अधिकार का अधिग्रहण कभी भी नहीं किया हूँ और न ब्राह्मण धर्म कभी भी छोड़ा हूँ मतलब व्यवहारिक रूप से पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए ही पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य हो चुका हूँ तो अब वह सामाजिक न्याय के करता धरता और संविधान निर्माता व् उसके पालनहार स्वयम प्रभावित हों मेरे तथ्यों से। कारण स्पस्ट है >>>>>>>>>>>>>>>>>जौनपुर के एक भाई ने मातृ पक्ष पर प्रकाश डालने को कहा है: तो सबसे पहले हम यह बता दे की ""बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव"" का विवाह जिस दादी मतलब पाँचों गाँवों की कुल माता से हुआ था वे जौनपुर/जमदग्निपुर से ही थी तो हम सभी पांच + एक मूल गाँव ओरिल के समकुलीन वंसजों के गाँव का मातृकुल जौनपुर/जमदग्निपुर ही है ((भृगु ऋषी जिनकी मूल भूमि बलिया है के पुत्र जमदग्निऋषि की भूमि मतलब इस संसार में वह विष्णु अवतार जो ब्रह्मक्षत्रिय हो सबसे बड़ा और विस्तृत क्षेत्र का गुरु कहलाया उस परशुराम जो देवादिदेव महादेव के सबसे प्रिय शिष्य थे के पिता की कर्म भूमि मतलब जिस परशुराम को क्षत्रिय कुल द्रोही हो जाने पर भृगु ऋषी द्वारा जौनपुर/जमदग्निपुर निकाला हुआ था और कभी वापस जौनपुर/जमदग्निपुर नहीं आने को कहा गया था और वे आज तक वहां नहीं आये पर केरल से लेकर कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा, गुजरात होते हुए उत्तराँचल होते हुए हिमालय श्रृंखला पकड़े पूर्वोत्तर भारत और ओडिशा/आंध्र/तेलंगाना के महेंद्र गिरी/पर्वत तक के क्षेत्र के गुरु बन शैक्षणिक व् सांस्कृतिक संरक्षण व् संवर्धन किये यह जरूर है की अपने क्रोध पर नियंत्रण न सकने की वजह से सशरीर परमब्रह (ब्रह्मा+विष्णु+महेश) का परमपद श्रीराम (आचरण द्वारा) और श्रीकृष्ण (16 कलाओं द्वारा) का पद प्राप्त नहीं कर सके जो भगवान् विष्णु (प्रथम गुरु वृहस्पति या त्रिदेवों में गुरु वृहस्पति का परमपद) की तरह जगत गुरु कहे जाते हैं फिर भी परशुराम ने अद्वितीय सघन विश्वाधारीय वैयक्तिक उपस्थिति द्वारा में देश व्यापी शैक्षिक व् सांस्कृतिक सम्वर्धन जरूर किया जो है))। यही नहीं मेरे स्वयं के बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/..../देवव्रत(गंगापुत्र) कुल की 80% माताएं जौनपुर/जमदग्निपुर की ही हैं जिसमे से वरिष्ठ माताओं में प्रमुख हैं मेरे स्वयं की माता का मायका और मेरी ही दादी का ननिहाल बिशुनपुर (पट्टीनरेंद्रपुर/शाहगंज क्षेत्र) और घराने की एक वरिष्ठ दिवंगत दादी का मायका जगदीशपुर (पट्टीनरेंद्रपुर /शाहगंज क्षेत्र) और दूसरी प्रमुख वर्तमान दिवंगत दादी का मायका रामनगर (पट्टीनरेंद्रपुर /शाहगंज क्षेत्र) और कई वर्तमान माताओं का भी मायका जौनपुर ही है। >>>>>>>>> अब आती हैं बात मेरी माता की तो मेरी माता रामानंद/.../रामप्रसाद/रमानाथ(विष्णु) कुल की सनातन गौतम गोत्रीय व्यासी मिश्रा ब्राह्मण (वर्तमान में पाण्डेय) और दादी सनातन रमाकांत(+लालता प्रसाद) कुल की वशिष्ठ गोत्रीय मिश्रा ब्राह्मण (मेरे कुल में आने के बाद पांडेय)। >>>>>>हिन्दू रीती में नाम की अपनी धार्मिक महिमा और महत्त्व है और इसी प्रकार मेरी स्वयं की माता का नाम पुष्पा है जिस नाम के अर्थ पर बहुत से लोगों को भ्रम होता है तो मैं उनका भ्रम दूर कर देता हूँ: पुष्प या कुसुम शब्द कह देने मात्र से नर व् मादा दोनों पुष्प का बोध होता है उसके लिए पुष्पा शब्द अलग से नहीं है पर पुष्पा का हिंदी साहित्य के अनुसार शाब्दिक अर्थ पुष्प पर आसीन देवी होता है अतएव इससे सरस्वती (ब्रह्मा), लक्ष्मी(विष्णु), गायत्री/सविता(सूर्य) व् दुर्गा का नौवा अवतार सिद्धदात्री देवी का बोध होता है जिनसे आशीर्वाद लिए बिना नौरात्रि की सिध्धी (फल) ही नहीं मिलता है। >>>>>>>और मेरी नानी का नाम है ब्रह्मादेवी जिसका शाब्दिक अर्थ है सरस्वती और मेरी सासु माँ सीधा नाम ही "सरस्वती" है तो अब मेरा सरस्वती नाम से क्या सम्बन्ध जन्म जन्मान्तर है यह अब आप स्वयं समझ सकते हैं। >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र >>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा समेत 5 गाँव ((शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]]:---------आज के लगभग 15 वर्ष पूर्ण अगर मई विजयनगरम हाल, विज्ञान संकाय, प्रयागराज विश्विद्यालय (तत्कालीन राज्य विश्विद्यालय) जहाँ मेरे केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय महासागरीय अध्ययन केंद्र से आवास (किराए के कक्ष) को जाते समय कई बार विज्ञान संकाय में सायं स्वस्थ्य संरक्षण हेतु विचरण करने वाले गौतम गोत्रीय क्षत्रिय, बड़े भाई श्री विष्णु प्रताप सिंह से कई बार सामना हुआ था तो उनसे एक बार भी अभिवादन कर बात किया होता और एक दूसरे को समझा होता (मैं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भी न कभी ऐसा किया न यहां भी और यहां तो जानबूझकर नहीं मिला क्योंकि अगर मिलता तो मेरा अभीष्ट लक्ष्य "केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र :Kedareshwar (K.) Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Stuidies" कभी भी न प्राप्त होता) तो सितंबर, 2001 के बाद भी आज यह दिन दुनिया न देखती और न हर जाती/धर्म अनुयायी अपना स्वयं के जाती/धर्मवाद से सामाजिक अनाचार स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर किस प्रकार बढ़ता है वह नजर आता और न उनको अपनी स्वयं की गलतियों से साक्षात्कार होता और न इस दुनिया का लगभग सम्पूर्ण भूमंडलीकरण होता है। अगर मैं सही समझता हूँ तो चारित्रिक गलतियों से साक्षात्कार करने की प्रक्रिया से ही हर जाती/धर्म का संरक्षण होता है और हुआ भी है और हो भी रहा है अन्यथा यह सृष्टि (सीता=जननी=जानकी=जगत जननी= सामाजिक स्वरूपा जगदम्बा=दुर्गा =सरस्वती+लक्ष्मी+पार्वती:सती:उमा:गिरिजा:गौरी:अपर्णा) दृष्टिगत न होती और न उसका ही स्वरुप यह समाज ही होता । >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र >>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा समेत 5 गाँव ((शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]]:---------आज के लगभग 15 वर्ष पूर्ण अगर मई विजयनगरम हाल, विज्ञान संकाय, प्रयागराज विश्विद्यालय (तत्कालीन राज्य विश्विद्यालय) जहाँ मेरे केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय महासागरीय अध्ययन केंद्र से आवास (किराए के कक्ष) को जाते समय कई बार विज्ञान संकाय में सायं स्वस्थ्य संरक्षण हेतु विचरण करने वाले गौतम गोत्रीय क्षत्रिय, बड़े भाई श्री विष्णु प्रताप सिंह से कई बार सामना हुआ था तो उनसे एक बार भी अभिवादन कर बात किया होता और एक दूसरे को समझा होता (मैं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भी न कभी ऐसा किया न यहां भी और यहां तो जानबूझकर नहीं मिला क्योंकि अगर मिलता तो मेरा अभीष्ट लक्ष्य "केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र :Kedareshwar (K.) Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Stuidies" कभी भी न प्राप्त होता) तो सितंबर, 2001 के बाद भी आज यह दिन दुनिया न देखती और न हर जाती/धर्म अनुयायी अपना स्वयं के जाती/धर्मवाद से सामाजिक अनाचार स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर किस प्रकार बढ़ता है वह नजर आता और न उनको अपनी स्वयं की गलतियों से साक्षात्कार होता और न इस दुनिया का लगभग सम्पूर्ण भूमंडलीकरण होता है। अगर मैं सही समझता हूँ तो चारित्रिक गलतियों से साक्षात्कार करने की प्रक्रिया से ही हर जाती/धर्म का संरक्षण होता है और हुआ भी है और हो भी रहा है अन्यथा यह सृष्टि (सीता=जननी=जानकी=जगत जननी= सामाजिक स्वरूपा जगदम्बा=दुर्गा =सरस्वती+लक्ष्मी+पार्वती:सती:उमा:गिरिजा:गौरी:अपर्णा) दृष्टिगत न होती और न उसका ही स्वरुप यह समाज ही होता । >>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Monday, August 29, 2016

Shiva and Shri Krishna knows the truth and need not seek the suggestion, view and support of others but in the form of Shri Ram, even if they know the truth but they needed consensus of the public and others too in his favor and thus he filed a petition in the court for his seniority list: Filing a petition in honorable High Allahabad Court two times against the tentative and final seniority list in the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies in 2014, I fixed and achieved my most prestigious goal/Target since 2001 in full/all legal aspects too that I entered in the Prayagraj Vishvidyalay through this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) and awarded 1st D. Phil from this centre, appointed as lecture in this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) only, confirmed service in this centre only, my lecturer post converted to the Assistant Professor in this centre only, promoted from stage I to stage II Assistant Professor in this centre only and also at present working in this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) only because the respondents of this petition including the Prayagraj Vishvidyalay have accepted the notice of the honorable Allahabad High Court considering petition of the seniority list in the Kedareswar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies and registered/ ENGAGED their LEGAL COUNSELOR FOR PROSECUTION this petition/case against the seniority list of the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies, Prayagraj Vishvidyalay.>>>>>>>>> It means I achieved my greatest target/greatest target of this world assigned before the present world i.e. the target assigned for me in the world before period of September, 2001 (i.e. the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies as full fledged faculty permanent centre of Prayagraj Vishvidyalay i.e. centre with perfect life having developing nature with full of needful resources and having permanent source of energy) before (in August, 2014) the Death of my father, Shri Pradeep Kumar Pandey i.e. before as on 08-09-2014. >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।


Shiva and Shri Krishna knows the truth and need not seek the suggestion, view and support of others but in the form of Shri Ram, even if they know the truth but they needed consensus of the public and others too in his favor and thus he filed a petition in the court for his seniority list:
Filing a petition in honorable High Allahabad Court two times against the tentative and final seniority list in the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies in 2014, I fixed and achieved my most prestigious goal/Target since 2001 in full/all legal aspects too that I entered in the Prayagraj Vishvidyalay through this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) and awarded 1st D. Phil from this centre, appointed as lecture in this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) only, confirmed service in this centre only, my lecturer post converted to the Assistant Professor in this centre only, promoted from stage I to stage II Assistant Professor in this centre only and also at present working in this centre (Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies) only because the respondents of this petition including the Prayagraj Vishvidyalay have accepted the notice of the honorable Allahabad High Court considering petition of the seniority list in the Kedareswar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies and registered/ ENGAGED their LEGAL COUNSELOR FOR PROSECUTION this petition/case against the seniority list of the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies, Prayagraj Vishvidyalay.>>>>>>>>> It means I achieved my greatest target/greatest target of this world assigned before the present world i.e. the target assigned for me in the  world before period of September, 2001 (i.e. the Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies as full fledged faculty permanent centre of Prayagraj Vishvidyalay i.e. centre with perfect life having developing nature with full of needful resources and having permanent source of energy) before (in August, 2014) the Death of my father, Shri Pradeep Kumar Pandey i.e. before as on 08-09-2014. >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Wednesday, August 24, 2016

आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं! व्यक्ति और व्यक्तित्व में कृष्ण का मतलब काली काया वाला व्यक्ति नहीं बल्कि कृष्ण वह वह है जो व्यक्ति/सम्पूर्ण जगत/व्यक्ति समूह के कलुष/कालिमा को स्वयं हर कर व्यक्ति/जगत को कलुष मुक्त कर स्वच्छ करे और उसे ज्योतिर्मान करे। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं!   व्यक्ति और व्यक्तित्व में कृष्ण का मतलब काली काया वाला व्यक्ति नहीं बल्कि कृष्ण वह वह है जो व्यक्ति/सम्पूर्ण जगत/व्यक्ति समूह के कलुष/कालिमा को स्वयं हर कर व्यक्ति/जगत को कलुष मुक्त कर स्वच्छ करे और उसे ज्योतिर्मान करे।   >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज 2001 में मेरे नजर में यह था नाना, मामा, सगोत्री बड़े भाई और जीजा, ममेरे भाई, छोटे मामा और सगोत्रीय छोटे भाई (सावर्ण=केवल ब्राह्मण कुल सम्भव स्वयं सूर्यउपासक सावर्ण ऋषी के कथनानुसार जिनकी व्युत्पत्ति कश्यप द्वारा ही हुई है सूर्यवंश के प्रणेता सूर्यबल और चंद्रवंश के प्रणेता चन्द्रबल समकालीन और कश्यप और उनकी द्वितीय पत्नी अदिति के पुत्र आदित्य से इन तीनो की उत्पत्ति उसी तरह हुई जैसे की इंद्र और विश्वकर्मा और समस्त पञ्च देवता)। इस पर टिप्पणी करे कोई समाजिक न्यायवादी या न्यायलय तो मैं उत्तर दूंगा पहचान समेत? मेरे दृष्टि और क्षमता-मेधा-कुशाग्रता आप पहचानिये? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज 2001 में मेरे नजर में यह था नाना, मामा, सगोत्री बड़े भाई और जीजा, ममेरे भाई, छोटे मामा और सगोत्रीय छोटे भाई (सावर्ण=केवल ब्राह्मण कुल सम्भव स्वयं सूर्यउपासक सावर्ण ऋषी के कथनानुसार जिनकी व्युत्पत्ति कश्यप द्वारा ही हुई है सूर्यवंश के प्रणेता सूर्यबल और चंद्रवंश के प्रणेता चन्द्रबल समकालीन और कश्यप और उनकी द्वितीय पत्नी अदिति के पुत्र आदित्य से इन तीनो की उत्पत्ति उसी तरह हुई जैसे की इंद्र और विश्वकर्मा और समस्त पञ्च देवता)। इस पर टिप्पणी करे कोई समाजिक न्यायवादी या न्यायलय तो मैं उत्तर दूंगा पहचान समेत? मेरे दृष्टि और क्षमता-मेधा-कुशाग्रता आप पहचानिये? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Tuesday, August 23, 2016

कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/अल्लाह आबाद/ अल्लाह आवास/ इला आवास/ इला आबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बहुत चली बन्दर बाँट आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) को शर्म और भय के आगोस लेकर पर अब इस प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी पर प्राक्यज्ञ युग की तरह पुनः सातों ब्रह्मर्षियों=सातो सप्तर्षियों के हर जाति/धर्म के लोगों का बराबर बराबर प्रतिनिधित्व व् अधिकार प्राप्त हो चुका है तो अब वह पुरानी कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बंदरबांट नहीं चलेगी वरन कश्यप, गौतम, वशिष्ठ (व्यासः, शांडिल्य, उपमन्यु), आंगिरस (भरद्वाज), भृगु (जमदग्नि), अत्रि(कृष्णात्रेय:दुर्वाशा, दत्तात्रेय, सोमात्रेय) और कौशिक (विश्वरथ:विश्वामित्र) सबके बीच बराबर बंटवारा होगा। क्योंकि ब्रह्मा द्वारा आहूत और विष्णु और शिव द्वारा पूरित इस सृष्टि के सबसे प्राचीन प्रकृष्टा=सप्तर्षि प्राकट्य यज्ञ में ये सभी सातो ब्रह्मर्षि प्रकट हुए थे तो इन सभी के हर जाति/धर्म के लोगों के बीच समान हिस्सा लगेगा इस प्रयागराज में। कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/अल्लाह आबाद/ अल्लाह आवास/ इला आवास/ इला आबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बहुत चली बन्दर बाँट आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) को शर्म और भय के आगोस लेकर पर अब इस प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी पर प्राक्यज्ञ युग की तरह पुनः सातों ब्रह्मर्षियों=सातो सप्तर्षियों के हर जाति/धर्म के लोगों का बराबर बराबर प्रतिनिधित्व व् अधिकार प्राप्त हो चुका है तो अब वह पुरानी कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बंदरबांट नहीं चलेगी वरन कश्यप, गौतम, वशिष्ठ (व्यासः, शांडिल्य, उपमन्यु), आंगिरस (भरद्वाज), भृगु (जमदग्नि), अत्रि(कृष्णात्रेय:दुर्वाशा, दत्तात्रेय, सोमात्रेय) और कौशिक (विश्वरथ:विश्वामित्र) सबके बीच बराबर बंटवारा होगा। क्योंकि ब्रह्मा द्वारा आहूत और विष्णु और शिव द्वारा पूरित इस सृष्टि के सबसे प्राचीन प्रकृष्टा=सप्तर्षि प्राकट्य यज्ञ में ये सभी सातो ब्रह्मर्षि प्रकट हुए थे तो इन सभी के हर जाति/धर्म के लोगों के बीच समान हिस्सा लगेगा इस प्रयागराज में। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/अल्लाह आबाद/ अल्लाह आवास/ इला आवास/ इला आबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बहुत चली बन्दर बाँट आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) को शर्म और भय के आगोस लेकर पर अब इस प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी पर प्राक्यज्ञ युग की तरह पुनः सातों ब्रह्मर्षियों=सातो सप्तर्षियों के हर जाति/धर्म के लोगों का बराबर बराबर प्रतिनिधित्व व् अधिकार प्राप्त हो चुका है तो अब वह पुरानी कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बंदरबांट नहीं चलेगी वरन कश्यप, गौतम, वशिष्ठ (व्यासः, शांडिल्य, उपमन्यु), आंगिरस (भरद्वाज), भृगु (जमदग्नि), अत्रि(कृष्णात्रेय:दुर्वाशा, दत्तात्रेय, सोमात्रेय) और कौशिक (विश्वरथ:विश्वामित्र) सबके बीच बराबर  बंटवारा होगा। क्योंकि ब्रह्मा द्वारा आहूत और विष्णु और शिव द्वारा पूरित इस सृष्टि के सबसे प्राचीन प्रकृष्टा=सप्तर्षि प्राकट्य यज्ञ में ये सभी सातो ब्रह्मर्षि प्रकट हुए थे तो इन सभी के हर जाति/धर्म के लोगों के बीच समान हिस्सा लगेगा इस प्रयागराज में। कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/अल्लाह आबाद/ अल्लाह आवास/ इला आवास/ इला आबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बहुत चली बन्दर बाँट आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) को शर्म और भय के आगोस लेकर पर अब इस प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी पर प्राक्यज्ञ युग की तरह पुनः सातों ब्रह्मर्षियों=सातो सप्तर्षियों के हर जाति/धर्म के लोगों का बराबर बराबर प्रतिनिधित्व व् अधिकार प्राप्त हो चुका है तो अब वह पुरानी कूर्मावतारियों की स्वयं कूर्मावतारी और आंगिरास पुत्र भरद्वाज (उनके शिष्य गर्ग) के बीच प्रयागराज/अल्लाहाबाद/त्रिसंगम/त्रिवेणी में बंदरबांट नहीं चलेगी वरन कश्यप, गौतम, वशिष्ठ (व्यासः, शांडिल्य, उपमन्यु), आंगिरस (भरद्वाज), भृगु (जमदग्नि), अत्रि(कृष्णात्रेय:दुर्वाशा, दत्तात्रेय, सोमात्रेय) और कौशिक (विश्वरथ:विश्वामित्र) सबके बीच बराबर बंटवारा होगा। क्योंकि ब्रह्मा द्वारा आहूत और विष्णु और शिव द्वारा पूरित इस सृष्टि के सबसे प्राचीन प्रकृष्टा=सप्तर्षि प्राकट्य यज्ञ में ये सभी सातो ब्रह्मर्षि प्रकट हुए थे तो इन सभी के हर जाति/धर्म के लोगों के बीच समान हिस्सा लगेगा इस प्रयागराज में। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

कुर्मावतारी समाज ! जब मैं ही डॉन (भगवा=सशरीर परमब्रह्म=सशरीर ब्रह्म)) और मैं ही तिरंगा (त्रिदेव=ब्रह्मा, विष्णु और महेश)) तो फिर मेरे स्वयंसेवकत्व और ब्राह्मणत्व-क्षत्रित्व-वैष्णवत्व की कौन सी परिक्षा कोई लेगा? और मेरी परिक्षा लेने वाला कौन शेष बचता है ? मतलब कोई भी ऐसा व्यक्ति जो इस संसार ((सृष्टि (सीता=जगत जननी=जगदम्बा=दुर्गा) के संरक्षण में जीवित चर)) को चलने देना चाहता है या नहीं भी चलने देना चाहता है वह मेरी परिक्षा लेने के काबिल तब होगा जो उस गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+ श्रीप्रकाश) कुल रामानंद कुल के मूल घर जहां अदृश्य भगवा निर्बाधगति से लहराता रहता है पर मेरी तरह 11 वर्ष रहकर मेरे जैसा ही सात्विक जीवन का निर्वहन किया हो? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

कुर्मावतारी समाज ! जब मैं ही डॉन (भगवा=सशरीर परमब्रह्म=सशरीर ब्रह्म)) और मैं ही तिरंगा (त्रिदेव=ब्रह्मा, विष्णु और महेश)) तो फिर मेरे स्वयंसेवकत्व और ब्राह्मणत्व-क्षत्रित्व-वैष्णवत्व की कौन सी परिक्षा कोई लेगा? और मेरी परिक्षा लेने वाला कौन शेष बचता है ? मतलब कोई भी ऐसा व्यक्ति जो इस संसार ((सृष्टि (सीता=जगत जननी=जगदम्बा=दुर्गा) के संरक्षण में जीवित चर)) को चलने देना चाहता है या नहीं भी चलने देना चाहता है वह मेरी परिक्षा लेने के काबिल तब होगा जो उस गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+ श्रीप्रकाश) कुल रामानंद कुल के मूल घर जहां अदृश्य भगवा निर्बाधगति से लहराता रहता है पर मेरी तरह 11 वर्ष रहकर मेरे जैसा ही सात्विक जीवन का निर्वहन किया हो? >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

कूर्मावतारी समाज का कुछ कुनबा विशेष सक्रियता मेरे विरोध दिखा रहा है तो वह भी समझ ले की काली माई को विशेष रूप से प्रिय पुत्र द्वितीया का चन्द्रमा होता है जो अत्यंत ही चमकीला होता है (जिसे महादेव शिवशंकर अपने मस्तक पर धारण करते हैं) पर आप लोगों का पक्ष लेने के कारण वह द्वितीया का चन्द्रमा (पर नामतः सूर्य था) मेरे लाख शुभकामनाओं और सहायता के बावजूद अब जीवित नहीं रह सका जिनका की काली माई अथाह दुःख है और मुझे भी दुःख है और उस स्थान को आप अपने कुकृत्यों से खाली कर दिए है और उसके जिम्मेदार आप लोग और आप के समर्थक लोग ही हैं। अब ठीक से अपने कर्मों पर विचार कीजिये किशी स्थानीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय राजनैतिक शक्ति का सह प्राप्त कर ज्यादा उछलिये नहीं अपने कर्मों पर प्रायश्चित कीजिये और सद्कर्म कीजिये। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

कूर्मावतारी समाज का कुछ कुनबा विशेष सक्रियता मेरे विरोध दिखा रहा है तो वह भी समझ ले की काली माई को विशेष रूप से प्रिय पुत्र द्वितीया का चन्द्रमा होता है जो अत्यंत ही चमकीला होता है (जिसे महादेव शिवशंकर अपने मस्तक पर धारण करते हैं) पर आप लोगों का पक्ष लेने के कारण वह द्वितीया का चन्द्रमा (पर नामतः सूर्य था) मेरे लाख शुभकामनाओं और सहायता के बावजूद अब जीवित नहीं रह सका जिनका की काली माई अथाह दुःख है और मुझे भी दुःख है और उस स्थान को आप अपने कुकृत्यों से खाली कर दिए है और उसके जिम्मेदार आप लोग और आप के समर्थक लोग ही हैं। अब ठीक से अपने कर्मों पर विचार कीजिये किशी स्थानीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय राजनैतिक शक्ति का सह प्राप्त कर ज्यादा उछलिये नहीं अपने कर्मों पर प्रायश्चित कीजिये और सद्कर्म कीजिये। >>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

वह पंडित रमानाथ:विष्णु जी जो प्रयागराज के सभी गुरुकुल प्रणाली से चलने वाले गुरुकुल समूह में प्रथम स्थान प्राप्त संस्कृत विषय (व्याकरण शास्त्र) के अभीष्ट विद्वान थे और जो सप्ताह में केवल रविवार तो दाढी (बाल) बनवाते थे और सोमवार को विद्यलाय में अपने शिष्यों के सप्ताह भर के कार्यों की सुधि लेते थे मैं उस दाढ़ी वाले पंडित जी की बातों/दिशानिर्देशों का अपनी पूरी कोशिस से अक्षर सह पालन करने वाला नाती हूँ और जिस आधुनिकतम से पुरातन समाज के समारोह या मिलन में गया हूँ वहाँ भी उनके निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का प्रयास करते हुए व्यवहारिक तौर पर उस सामाजिक स्तर पर एक उच्चतम ब्राह्मण चरित्र का निर्वहन किया हूँ। लेकिन इस तथ्य से इनकार नहीं किया सकता की मेरे लिए जो आधार निर्धारित किये गए उनका मैं हृदय से सम्मान करता हूँ और उनमे से जो आधार मेरे लिए परोक्ष सेवारत और आस्थागत रहे और आज भी हैं उनको मैं अपने से अलग भी नहीं समझ सकता पर जो चुनौती दिया उसकी हर प्रकार से हार हुई और वह मेरे योग्य नहीं रहा और यह की वः मेरा सामना भी इस जन्म नहीं कर सकता औरजो मेरा सामना किया और मेरा साथ दिया मेरा ही है और हमेशा मेरा ही रहेगा। >>>>>>>>अगर सृष्टि सुरक्षित रही और इस सृष्टि की ओट में यह संसार सुरक्षित रहा 2001 से मेरे प्रयागराज में रूक जाने से तो वह सृष्टि स्वयं सीता ही है जो जगत जननी है और जननी जगदम्बा का ही सामाजिक स्वरुप है जिसने इस वर्तमान संसार को नवजीवन/जीवन दिया।>>>>>विष्णु आस्था में नामित गाँव बिशुनपुर-223103 जिनके इष्टदेव महादेव शिवशंकर है तो वह शिवशंकर मैं ही हूँ और यह मेरा ननिहाल रहा और रामानंद (रामप्रसाद/रमानाथ/श्रीकांत+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का आश्रित था तो कृष्ण भी मैं ही हूँ, और रामजानकी(=रामा=सीता (सृष्टि) वह एक मात्र नाम जो राम के नाम से ही लिया जाय मतलब राम और सीता दोनों का बोध हो) की आश्था में नामित गाँव रामापुर-223225 से मूलतः सम्बंधित हूँ जिनकी कुलदेवी देवकाली (महासरस्वती+महालक्ष्मी+ महागौरी :पारवती :उमा:गिरिजा:अपर्णा मतलब तेजोमय देवी दुर्गा स्वरुप जिसमे वे दुष्टो पर कुपित हो अपनी ही ऊर्जा से काली पड़ गयी हो) है तो मैं उस गाँव में सारंगधर/चंद्रशेखर/महादेव कुल के देवीव्रत/.../रामप्रशाद/बेचनराम/प्रदीप=सूर्यकांत=रविकांत=सुर्यस्वामी=आदित्यनाथ/सत्यनारायण/रामजानकी/रामा कुल से हूँ तो इस हेतु मैं राम स्वयं हूँ और इस प्रकार शिवरामकृष्ण=श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम=राम=महाशिव स्वयं हूँ। >>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

वह पंडित रमानाथ:विष्णु जी जो प्रयागराज के सभी गुरुकुल प्रणाली से चलने वाले गुरुकुल समूह में प्रथम स्थान प्राप्त संस्कृत विषय (व्याकरण शास्त्र) के अभीष्ट विद्वान थे और जो सप्ताह में केवल रविवार तो दाढी (बाल) बनवाते थे और सोमवार को विद्यलाय में अपने शिष्यों के सप्ताह भर के कार्यों की सुधि लेते थे मैं उस दाढ़ी वाले पंडित जी की बातों/दिशानिर्देशों का अपनी पूरी कोशिस से अक्षर सह पालन करने वाला नाती हूँ और जिस आधुनिकतम से पुरातन समाज के समारोह या मिलन में गया हूँ वहाँ भी उनके निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का प्रयास करते हुए व्यवहारिक तौर पर उस सामाजिक स्तर पर एक उच्चतम ब्राह्मण चरित्र का निर्वहन किया हूँ। लेकिन इस तथ्य से इनकार नहीं किया सकता की मेरे लिए जो आधार निर्धारित किये गए उनका मैं हृदय से सम्मान करता हूँ और उनमे से जो आधार मेरे लिए परोक्ष सेवारत और आस्थागत रहे और आज भी हैं उनको मैं अपने से अलग भी नहीं समझ सकता पर जो चुनौती दिया उसकी हर प्रकार से हार हुई और वह मेरे योग्य नहीं रहा और यह की वः मेरा सामना भी इस जन्म नहीं कर सकता औरजो मेरा सामना किया और मेरा साथ दिया मेरा ही है और हमेशा मेरा ही रहेगा। >>>>>>>>अगर सृष्टि सुरक्षित रही और इस सृष्टि की ओट में यह संसार सुरक्षित रहा 2001 से मेरे प्रयागराज में रूक जाने से तो वह सृष्टि स्वयं सीता ही है जो जगत जननी है और जननी जगदम्बा का ही सामाजिक स्वरुप है जिसने इस वर्तमान संसार को नवजीवन/जीवन दिया।>>>>>विष्णु आस्था में नामित गाँव बिशुनपुर-223103 जिनके इष्टदेव महादेव शिवशंकर है तो वह शिवशंकर मैं ही हूँ और यह मेरा ननिहाल रहा और रामानंद (रामप्रसाद/रमानाथ/श्रीकांत+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का आश्रित था तो कृष्ण भी मैं ही हूँ, और रामजानकी(=रामा=सीता (सृष्टि) वह एक मात्र नाम जो राम के नाम से ही लिया जाय मतलब राम और सीता दोनों का बोध हो) की आश्था में नामित गाँव रामापुर-223225 से मूलतः सम्बंधित हूँ जिनकी कुलदेवी देवकाली (महासरस्वती+महालक्ष्मी+ महागौरी :पारवती :उमा:गिरिजा:अपर्णा मतलब तेजोमय देवी दुर्गा स्वरुप जिसमे वे दुष्टो पर कुपित हो अपनी ही ऊर्जा से काली पड़ गयी हो) है तो मैं उस गाँव में सारंगधर/चंद्रशेखर/महादेव कुल के देवीव्रत/.../रामप्रशाद/बेचनराम/प्रदीप=सूर्यकांत=रविकांत=सुर्यस्वामी=आदित्यनाथ/सत्यनारायण/रामजानकी/रामा कुल से हूँ तो इस हेतु मैं राम स्वयं हूँ और इस प्रकार शिवरामकृष्ण=श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम=राम=महाशिव स्वयं हूँ। >>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Monday, August 22, 2016

इतनी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता और क्षमता/धारण शक्ति जरूर है मुझमे की यह दुनिया कम से कम 2001 से टिकी है मतलब यह सृष्टि जो 2001 में ही समाप्त हो सकती थी वह अब भी पूर्व की तरह अनवरत चल रही है (अज्ञान लोगों के सन्दर्भ में बहुत फल फूल रही है पर वास्तविकता यह है की मानवीय स्वभाव इतना संकुचित होता जा रहा है की यह आज भी क्षरण की और अग्रसर है)। कोई भी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता और उद्यमशील व्यक्ति अपने पर गुमान तभी तक कर सकता है जब तक की वह इस सृष्टि के साथ सुरक्षित है तो अब आप उसके भी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता, क्षमता/धारणशक्ति, पुरुषार्थ और सामर्थ्य की भी परिकल्पना कभी कर लीजिये जिसकी वजह से आप का स्वयं का भौतिक अस्तित्व कायम है और आप कार्य अवसर पाकर अपने किये और मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता पर गुमान किये हुए हैं ।>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

इतनी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता और क्षमता/धारण शक्ति जरूर है मुझमे की यह दुनिया कम से कम 2001 से टिकी है मतलब यह सृष्टि जो 2001 में ही समाप्त हो सकती थी वह अब भी पूर्व की तरह अनवरत चल रही है (अज्ञान लोगों के सन्दर्भ में बहुत फल फूल रही है पर वास्तविकता यह है की मानवीय स्वभाव इतना संकुचित होता जा रहा है की यह आज भी क्षरण की और अग्रसर है)। कोई भी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता और उद्यमशील व्यक्ति अपने पर गुमान तभी तक कर सकता है जब तक की वह इस सृष्टि के साथ सुरक्षित है तो अब आप उसके भी मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता, क्षमता/धारणशक्ति, पुरुषार्थ और सामर्थ्य की भी परिकल्पना कभी कर लीजिये जिसकी वजह से आप का स्वयं का भौतिक अस्तित्व कायम है और आप कार्य अवसर पाकर अपने किये और मेरिट/मेधा, इंटेलिजेंसी/कुशाग्रता पर गुमान किये हुए हैं ।>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

महोदय? मैं जब उस स्थिति पंहुच चुका जिसका वास्तविक ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ कोई नहीं रहा तो फिर भी व्यहारिक संबंधों के सन्दर्भ में व्यवहारिक होते हुए मैं अपने लिखे, पढ़े और किये सब क्रियाकलापों के प्रति जबाब देह हूँ और सबका उत्तर है लेकिन मेरे प्रश्नों पर यदि आप मेरी स्थिति में नहीं आये हैं तो आप अवश्य अनुत्तरित होंगे? अतः अनायास परोक्ष प्रश्न न करें सीधा प्रश्न करें और सीधा जबाब लें और मुझे आशा है मेरे पूर्व पोस्ट में निहित शब्दों से आप संतुस्ट हो गए होंगे? >>>>>>>>>>>>>>सच्चाई क्यों कहलवाते हो? मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध की कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है। उच्च स्तर के पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले दूसरे के घर पल रहे एक भतीजे के उज्जवल भविष्य के लिए और हाई स्कूल की परिक्षा के मेरे अंक को देखकर बौखला मेरी शिक्षा में बाधा पहुचाने के प्रयास के तहत अपने उस भतीजे जिसका कोई धनात्मक और ऋणात्मक भविष्य नहीं था उसकी गुंडागर्दी भरी मुझे उत्तेजित करने वाली हरकते करवाना और तब से लेकर अब तक उसके माध्यम से और अब 16 वर्ष से उसी भतीजे जिसको दूसरे के घर में पलने का मौक़ा मिला था उसके माध्यम से बाधा पंहुंचाया जा रहा है और मैं उसके स्थान और मान को सदा से लेकर आज तक सुरक्षित रखा हूँ तो उसका कारन है की अंदर से तो वह आप का है आप जैसी क्रियाशीलता दिखा दानव समाज की मदद कर रहा पर लबादा और कवच मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) रूप में ही जानती है और मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है।>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

महोदय? मैं जब उस स्थिति पंहुच चुका जिसका वास्तविक ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ कोई नहीं रहा तो फिर भी व्यहारिक संबंधों के सन्दर्भ में व्यवहारिक होते हुए मैं अपने लिखे, पढ़े और किये सब क्रियाकलापों के प्रति जबाब देह हूँ और सबका उत्तर है लेकिन मेरे प्रश्नों पर यदि आप मेरी स्थिति में नहीं आये हैं तो आप अवश्य अनुत्तरित होंगे? अतः अनायास परोक्ष प्रश्न न करें सीधा प्रश्न करें और सीधा जबाब लें और मुझे आशा है मेरे पूर्व पोस्ट में निहित शब्दों से आप संतुस्ट हो गए होंगे? >>>>>>>>>>>>>>सच्चाई क्यों कहलवाते हो? मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध की कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है। उच्च स्तर के पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले दूसरे के घर पल रहे एक भतीजे के उज्जवल भविष्य के लिए और हाई स्कूल की परिक्षा के मेरे अंक को देखकर बौखला मेरी शिक्षा में बाधा पहुचाने के प्रयास के तहत अपने उस भतीजे जिसका कोई धनात्मक और ऋणात्मक भविष्य नहीं था उसकी गुंडागर्दी भरी मुझे उत्तेजित करने वाली हरकते करवाना और तब से लेकर अब तक उसके माध्यम से और अब 16 वर्ष से उसी भतीजे जिसको दूसरे के घर में पलने का मौक़ा मिला था उसके माध्यम से बाधा पंहुंचाया जा रहा है और मैं उसके स्थान और मान को सदा से लेकर आज तक सुरक्षित रखा हूँ तो उसका कारन है की अंदर से तो वह आप का है आप जैसी क्रियाशीलता दिखा दानव समाज की मदद कर रहा पर लबादा और कवच मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) रूप में ही जानती है और मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है।>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

ऐसे बेसर्म ब्राह्मण जिस भी घर, गाँव, पार्टी या संगठन के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक होंगे उस घर, गाँव, पार्टी संगठन का बंटाधार कैसे नहीं होगा जो उस व्यक्तित्व को भी मिटा देना जाना चाहते थे (पर वस् नहीं चला) /हैं जो इनको तब भी आधार दिया जबकि वह यह जानता था उसके लिए आस्तीन के साँप यहीं मौजूद हैं। >>>>>>>>>>>>>सच्चाई क्यों कहलवाते हो? मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध की कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है। उच्च स्तर के पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले दूसरे के घर पल रहे एक भतीजे के उज्जवल भविष्य के लिए और हाई स्कूल की परिक्षा के मेरे अंक को देखकर बौखला मेरी शिक्षा में बाधा पहुचाने के प्रयास के तहत अपने उस भतीजे जिसका कोई धनात्मक और ऋणात्मक भविष्य नहीं था उसकी गुंडागर्दी भरी मुझे उत्तेजित करने वाली हरकते करवाना और तब से लेकर अब तक उसके माध्यम से और अब 16 वर्ष से उसी भतीजे जिसको दूसरे के घर में पलने का मौक़ा मिला था उसके माध्यम से बाधा पंहुंचाया जा रहा है और मैं उसके स्थान और मान को सदा से लेकर आज तक सुरक्षित रखा हूँ तो उसका कारन है की अंदर से तो वह आप का है आप जैसी क्रियाशीलता दिखा दानव समाज की मदद कर रहा पर लबादा और कवच मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(ए. डी. एम.) की ओढ़े रहा है और दुनिया उसे (एस. डी. एम.) के रूप में ही जानती है और मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है।>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

ऐसे बेसर्म ब्राह्मण जिस भी घर, गाँव, पार्टी या संगठन के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक होंगे उस घर, गाँव, पार्टी संगठन का बंटाधार कैसे नहीं होगा जो उस व्यक्तित्व को भी मिटा देना जाना चाहते थे (पर वस् नहीं चला) /हैं जो इनको तब भी आधार दिया जबकि वह यह जानता था उसके लिए आस्तीन के साँप यहीं मौजूद हैं। >>>>>>>>>>>>>सच्चाई क्यों कहलवाते हो? मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध की कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है। उच्च स्तर के पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले दूसरे के घर पल रहे एक भतीजे के उज्जवल भविष्य के लिए और हाई स्कूल की परिक्षा के मेरे अंक को देखकर बौखला मेरी शिक्षा में बाधा पहुचाने के प्रयास के तहत अपने उस भतीजे जिसका कोई धनात्मक और ऋणात्मक भविष्य नहीं था उसकी गुंडागर्दी भरी मुझे उत्तेजित करने वाली हरकते करवाना और तब से लेकर अब तक उसके माध्यम से और अब 16 वर्ष से उसी भतीजे जिसको दूसरे के घर में पलने का मौक़ा मिला था उसके माध्यम से बाधा पंहुंचाया जा रहा है और मैं उसके स्थान और मान को सदा से लेकर आज तक सुरक्षित रखा हूँ तो उसका कारन है की अंदर से तो वह आप का है आप जैसी क्रियाशीलता दिखा दानव समाज की मदद कर रहा पर लबादा और कवच मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर, श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(ए. डी. एम.) की ओढ़े रहा है और दुनिया उसे (एस. डी. एम.) के रूप में ही जानती है और मैं दादी के ननिहाल के रक्त सम्बन्ध कीमत निभा रहा हूँ पर मुझे ही पता है की यह श्रध्धेय श्री श्रीधर मिश्र(एस. डी. एम.) का चरित्र और व्यक्तित्व नहीं पर तेजी जरूर उनकी है।>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Sunday, August 21, 2016

समाजवाद/बहुजन समाजवाद/भारतीयजनवाद/सम्मिलनवाद(आप के अनुसार समाजवाद जिसको भी कहते है) लागू/प्रयोग में लाने या प्रयोग में चलते रहने के लिए परिस्थितियों अनुकूलता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए और जब अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से आप के समाज के अस्तित्व पर ही संकट हो तो कुछ समझ बूझकर काम लेते है, न की भारतीय समाज के अंदर युद्ध की स्थिति ला आतंरिक आत्म हत्या करते हैं (और न तो कोई नया बखेड़ा खड़ा करते हैं देश में जो अंतरराष्ट्रीय पटल पर हमे अघोषित गृहयुद्ध/आतंरिक सीत युद्ध में लिपटा हुआ मान लिया जाय,और अंतरराष्ट्रीय माफिया शक्तियां उसका मन माफिक लाभ उठायें)। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

समाजवाद/बहुजन समाजवाद/भारतीयजनवाद/सम्मिलनवाद(आप के अनुसार समाजवाद जिसको भी कहते है) लागू/प्रयोग में लाने या प्रयोग में चलते रहने के लिए परिस्थितियों अनुकूलता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए और जब अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से आप के समाज के अस्तित्व पर ही संकट हो तो कुछ समझ बूझकर काम लेते है, न की भारतीय समाज के अंदर युद्ध की स्थिति ला आतंरिक आत्म हत्या करते हैं (और न तो कोई नया बखेड़ा खड़ा करते हैं देश में जो अंतरराष्ट्रीय पटल पर हमे अघोषित गृहयुद्ध/आतंरिक सीत युद्ध में लिपटा हुआ मान लिया जाय,और अंतरराष्ट्रीय माफिया शक्तियां उसका मन माफिक लाभ उठायें)। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

मैं केवल यही चाहता था की तमिलनाडु एंड कंपनी/गोविंदाचार्य एंड कंपनी कम से कम अब नेता जी, प्रसाद जी, बुआ जी और बहन जी (छोटी बहन जी) तथा बड़े भाई साहब को पहचान ले ठीक से और शायद अब पहचान लिए भी होंगे और पता भी हो गया होगा या हो जाएगा की प्रयागराज-काशी पूरी दुनिया का बाप है और तमिलनाडु एंड कंपनी/गोविंदाचार्य एन्ड कंपनी उस दुनिया से अलग नहीं है। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

मैं केवल यही चाहता था की तमिलनाडु एंड कंपनी/गोविंदाचार्य एंड कंपनी कम से कम अब नेता जी, प्रसाद जी,  बुआ जी और बहन जी (छोटी बहन जी) तथा बड़े भाई साहब को पहचान ले ठीक से और शायद अब पहचान लिए भी होंगे और पता भी हो गया होगा या हो जाएगा की प्रयागराज-काशी पूरी दुनिया का बाप है और तमिलनाडु एंड कंपनी/गोविंदाचार्य एन्ड कंपनी उस दुनिया से अलग नहीं है। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

रूप-यौवन और पुरुषार्थ सभी लोगो द्वारा संभाले नहीं सँभलते हैं केवल आई. आई. टी. एवं एम. आई. टी. से शिक्षा क्या ली आप के बेटे ने कि युगों-युगों से इस आई. आई. टी. एवं एम. आई. टी. समेत नासा और कैम्ब्रिज-ऑक्सफ़ोर्ड और सम्पूर्ण शिक्षा समेत सभी पुरुषार्थ के स्वामी के बाप के बाप लोगों के भी बाप बन बैठे आप के बेटे? आप लोग किस मुख से कहते थे की चारित्रिक और आर्थिक भ्रस्टाचार केवल केवल सावर्ण और गोरे लोगों के लडके ही करते हैं? वस् गलती करने का मौक़ा और ओहदा/स्थान मिलना चाहिए यह गलती सबसे होती है पर जो जन्म जन्म से उच्च संस्कारों और उच्च अनुशासन में पला होता है उससे अवश्य गलतिया अन्य लोगों की तुलना में कम होती है समान मौक़ा और ओहदे/स्थान पर होते हुए भी? तो जिस प्रकार कर्म का असर होता है गतिज पुरुषार्थ/ऊर्जा के रूप में उसी प्रकार जन्म से मिलते रहने वाले संस्कारों से स्थितिज पुरुषार्थ/ ऊर्जा मिलती रहती है और जिसमे दोनों पुरुषार्थ/ऊर्जा होता है वही सर्वशक्तिमान होता है। तो जन्म के संस्कार जिस घर से प्राप्त होते हैं या जिस सामाजिक समूह के वातावरण की देन होते हैं वह परिवार और वह समाज विशेष भी माने रखता है। अतः सम्पूर्ण पृरुषार्थ की दृष्टि से जन्म और कर्म एक दुसरे के पूरक हैं और कोई आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति के साथ साथ उच्च गुण भी रखता है तो निश्चित रूप से वह श्रेष्ठ कहा जाएगा जबकी मौलिक अधिकार और कर्तव्य सबके भले ही समान हों।>>>>>>>>> आज वैश्विक चारित्रिक गिरावट के लिए वे सब जिम्मेदार हैं जो मेरा विरोध करते रहे हैं मतलब अधिकार तो दूसरों से छीना है पर उनकी तरह आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति इन पहलुओं के प्रति कर्तव्य जो उनका बनाता था/है उस स्थान को भरने के लिए उनके पास स्वयं कोई पैतृक आधारभूत गुण स्वयं नहीं रहा, केवल और केवल वे भौतिक अधिकार हांसिल किये जो आसानी से मिल सकता था पर वह सांस्कृतिक और नैतिक-आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार को दे सकने की अवस्था में वे न तो कभी थे और न हैं। एक युग रहता था की किशी तरह से अपने और अपने परिवार का पेट पालने वाले और नैतिक-आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति से सम्पन्न एक व्यक्ति की दहाड़ भी सौ शाहजादों पर भारी पड़ जाती थी। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

रूप-यौवन और पुरुषार्थ सभी लोगो द्वारा संभाले नहीं सँभलते हैं केवल आई. आई. टी. एवं एम. आई. टी. से शिक्षा क्या ली आप के बेटे ने कि युगों-युगों से इस आई. आई. टी. एवं एम. आई. टी. समेत नासा और कैम्ब्रिज-ऑक्सफ़ोर्ड और सम्पूर्ण शिक्षा समेत सभी पुरुषार्थ के स्वामी के बाप के बाप लोगों के भी बाप बन बैठे आप के बेटे? आप लोग किस मुख से कहते थे की चारित्रिक और आर्थिक भ्रस्टाचार केवल केवल सावर्ण और गोरे लोगों के लडके ही करते हैं? वस् गलती करने का मौक़ा और ओहदा/स्थान मिलना चाहिए यह गलती सबसे होती है पर जो जन्म जन्म से उच्च संस्कारों और उच्च अनुशासन में पला होता है उससे अवश्य गलतिया अन्य लोगों की तुलना में कम होती है समान मौक़ा और ओहदे/स्थान पर होते हुए भी? तो जिस प्रकार कर्म का असर होता है गतिज पुरुषार्थ/ऊर्जा के रूप में उसी प्रकार जन्म से मिलते रहने वाले संस्कारों से स्थितिज पुरुषार्थ/ ऊर्जा मिलती रहती है और जिसमे दोनों पुरुषार्थ/ऊर्जा  होता है वही सर्वशक्तिमान होता है। तो जन्म के संस्कार जिस घर से प्राप्त होते हैं या जिस सामाजिक समूह के वातावरण की देन होते हैं वह परिवार और वह समाज विशेष भी माने रखता है। अतः सम्पूर्ण पृरुषार्थ की दृष्टि से जन्म और कर्म एक दुसरे के पूरक हैं और कोई आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति के साथ साथ उच्च गुण भी रखता है तो निश्चित रूप से वह श्रेष्ठ कहा जाएगा जबकी मौलिक अधिकार और कर्तव्य सबके भले ही समान हों।>>>>>>>>> आज वैश्विक चारित्रिक गिरावट के लिए वे सब जिम्मेदार हैं जो मेरा विरोध करते रहे हैं मतलब अधिकार तो दूसरों से छीना है पर उनकी तरह आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति इन पहलुओं के प्रति कर्तव्य जो उनका बनाता था/है उस स्थान को भरने के लिए उनके पास स्वयं कोई पैतृक आधारभूत गुण स्वयं नहीं रहा, केवल  और केवल वे भौतिक अधिकार हांसिल किये जो आसानी से मिल सकता था पर वह सांस्कृतिक और नैतिक-आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार को दे सकने की अवस्था में वे न तो कभी थे और न हैं। एक युग रहता था की किशी तरह से अपने और अपने परिवार का पेट पालने वाले और नैतिक-आचार-विचार-व्यवहार-संस्कार-संस्कृति से सम्पन्न एक व्यक्ति की दहाड़ भी सौ शाहजादों पर भारी पड़ जाती थी। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Saturday, August 20, 2016

I am only reading who remained for doing my justice are able to judge me otherwise I never escape to justify my capacity and right every where in this Universe with conservation of right of others Guru, Parents, Elder and Junior brothers and sisters and other relative and every citizen of this world. But if a person want to bye the grief then he is free to do this

I am only reading who remained for doing my justice are able to judge me otherwise I never escape to justify my capacity and right every where in this Universe with conservation of right of others Guru, Parents, Elder and Junior brothers and sisters and other relative and every citizen of this world. But if a person want to bye the grief then he is free to do this.>>> Basic facts and Seniority of Dr. Vivek Kumar Pandey
Vivek_kumar_Pandey_KBCAOS
K._Banerjee_Centre_of_Atmospheric_and_Ocean_Studies
http://prabook.com/web/person-view.html?profileId=116713
https://allduniv.academia.edu/DrVivekKumarPandey/CurriculumVitae
http://alumni.iisc.ernet.in/profile/view/vivek-chandran-k-p
http://allduniv.ac.in/old/images/employees/Vivek_kumar_Pandey_KBCAOS.pdf

प्रभाकरन से लेकर गोविंदाचार्य और नारायणन तक का हिसाब पूरा हो चुका फिर भी आगे उनको कोई संदेह होगा तो 2057 तक उसका हिंसाब मैं स्वयं दूंगा और आगे मेरी संतति (विष्णुकांत/सशरीर परमब्रह/सशरीर ब्रह्म/राम और कृष्णकांत/द्वितीय सशरीर परमब्रह्म/सशरीर ब्रह्म/कृष्ण और उनके क्रमिक उत्तारधिकारी ) उनका हिंसाब चुकता करेगी (करेंगे)?*******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

प्रभाकरन से लेकर गोविंदाचार्य और नारायणन तक का हिसाब पूरा हो चुका फिर भी आगे उनको कोई संदेह होगा तो 2057 तक उसका हिंसाब मैं स्वयं दूंगा और आगे मेरी संतति (विष्णुकांत/सशरीर परमब्रह/सशरीर ब्रह्म/राम और कृष्णकांत/द्वितीय सशरीर परमब्रह्म/सशरीर ब्रह्म/कृष्ण और उनके क्रमिक उत्तारधिकारी ) उनका हिंसाब चुकता करेगी (करेंगे)?*******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Friday, August 19, 2016

देशों की सीमाएं और उसकी सुरक्षा में रत सैनिक हमें उस देश के नागरिकों द्वारा एक विशेष रूप में परिभाषित सुसंस्कारित, सुसंस्कृत, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण और अनुशासित जीवन जीते रहना सिखाते हैं और ऐसे माहौल में जीने देने का हमें अवसर देते हैं अपने अमूल्य जीवन का बलिदान देते हुए पर जब हम सुसंस्कारित, सुसंस्कृत, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण और अनुशासित जीवन न स्वयं दूसरों के प्रभाव में जी पा रहे हो और न दूसरे को जीने दे रहे हों तो फिर देशों की सीमाएं और उसकी सुरक्षा में रत सैनिक का अपमान हमें नहीं करना चाहिए और सीमा रहित विश्व या पूर्ण विश्व एक गाँव का जीवन अगर हम आतंरिक सुरक्षा कर्मियों (आम नागरिक जीवन हेतु सुरक्षा कर्मी) के माध्यम से जिए तो ज्यादा ही अच्छा और मानवीय कदम होगा। क्यों हम किशी सैनिक को दहाईयों के ऋणात्मक तापमान वाले उच्च शिखर, पाँच दहाई से ऊपर तक के तापमान वाले रेगिस्तान और अथाह गंभीर महासागर में दिन रात जीवन रत रहने को मजबूर करें? >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

देशों की सीमाएं और उसकी सुरक्षा में रत सैनिक हमें उस देश के नागरिकों द्वारा एक विशेष रूप में परिभाषित सुसंस्कारित, सुसंस्कृत, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण और अनुशासित जीवन जीते रहना सिखाते हैं और ऐसे माहौल में जीने देने का हमें अवसर देते हैं अपने अमूल्य जीवन का बलिदान देते हुए पर जब हम सुसंस्कारित, सुसंस्कृत, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण और अनुशासित जीवन न स्वयं दूसरों के प्रभाव में जी पा रहे हो और न दूसरे को जीने दे रहे हों तो फिर देशों की सीमाएं और उसकी सुरक्षा में रत सैनिक का अपमान हमें नहीं करना चाहिए और सीमा रहित विश्व या पूर्ण विश्व एक गाँव का जीवन अगर हम आतंरिक सुरक्षा कर्मियों (आम नागरिक जीवन हेतु सुरक्षा कर्मी) के माध्यम से जिए तो ज्यादा ही अच्छा और मानवीय कदम होगा। क्यों हम किशी सैनिक को दहाईयों के ऋणात्मक तापमान वाले उच्च शिखर, पाँच दहाई से ऊपर तक के तापमान वाले रेगिस्तान और अथाह गंभीर महासागर में दिन रात जीवन रत रहने को मजबूर करें? >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

शायद मुझे स्वयं यह बताना अनुचित लग रहा और मैं यह बताऊँगा भी नहीं की मेरे परिवार, घर, कुल, गाँव:ननिहाल-स्वयं, गरुकुल व् अस्थायी निवास स्थल के जाने पहचाने वे लोग जो रूप-रंग या रक्त सम्बन्ध के आधार पर सम्बंधित थे ने मेरा समर्थन और विरोध किया है पर सभी लोग घन चक्कर के शिकार रहे और सत्य को पहचानने से इनकार करते रहे क्योंकि अगर वे मेरे सत्य को पहचानते तो फिर उनको दिक्कत थी फिर भी वे मुझको आँख दिखाने से गुरेज नहीं किये न कर रहे और अपनी अज्ञानता के बल पर मुझे दीन-हीन ही समझे जा रहे लेकिन ज़रा सुन लें:-----ढांचागत/सशरीर पाण्डेय (पञ्च तत्व) होते हुए भी त्रिपाठी/तिवारी ((तीन मूल तत्व (जल, थल/मृदा, आकाश) के आधार पर ही पञ्च मूल तत्व (जल, थल, आकाश, वायु, अग्नि) की व्याख्या)) का पक्ष रखता चला जा रहा हूँ फिर भी आपत्ति है लोगों को? तो कृपया सुन लीजिये की परमपिता परमेश्वर के आदेशानुसार केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय अध्ययन केंद्र पर आने वालों में न की प्रयागराज विश्विद्यालय में आने वालों में स्थायी रूप से विद्यमान वर्तमान में मौजूद लोगों में मैं तीसरा व्यक्ति हूँ और स्थाई सेवा में भी आने वाले उन्ही तीन में से भी एक हूँ: 2001 में यहाँ आकर मैंने जो देखा था वह सबके सामने कहा था तो उससे जिन लोगों को आपत्ति हुयी थी और इस आपत्ति के बाद इसे मैंने उसे कहना भी बंद कर दिया था तो अब ऐसे वे लोग कभी भी मेरे ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकते है किशी भी प्रकार और मैंने केवल इतना कहा था की केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय अध्ययन केंद्र "मेरा घर" है और अब बताइये इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सामाजिक न्याय और विधि की गूढ़ता को और अंदर तक नहीं ले जाना होगा?>>>ऐसा मैंने ऐसे नहीं कहा था जिनका यहाँ से जीवन बना और जिनके लिए यह समृद्धि और ख्याति हांसिल करने की प्रथम कड़ी साबित हुआ और जो मेरे साथ संघर्ष किये और आज अच्छे सेवा कार्य में है उनसे लेकर इसके रणनीतिकार तक सब के सब चाहे उसमे से कुछ लोग कूटनीतिक रूप से अंदर से विरोध इस केंद्र निहित स्वार्थ और वाह्य दबाव में किये हो जीवन में उनका सब कुछ उनके इसी केंद्र से केंद्रित हो पाने की वजह से वे सब के सब घर और ननिहाल के माध्यम से किशी न किशी प्रकार सम्बंधित लगे थे। परंतु भितरघात और शीतयुद्ध भी जारी देख मैंने स्वयं संकल्पित किये जाने के बावजूद इस सम्पूर्ण विधी से नाता तोड़ लेने का निश्चय लिया था फरवरी 2003 में पर परमगुरु परमपिता परमेश्वर के विशेष अनुरोध पर जो परोक्ष रूप से परमपिता परमेश्वर के ही प्रयास से था मैं यहाँ इस प्रयागराज विश्विद्यालय के इस केंद्र के माध्यम से प्रयागराज विश्विद्यालय में नामांकित हुआ था और सितम्बर, 2007 में प्रयागराज विश्विद्यालय के इसी केंद्र से प्रथम शोध छात्र उपाधि अर्जित कर प्रयागराज विश्विद्यालय का गौरवशाली छात्र बना। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

शायद मुझे स्वयं यह बताना अनुचित लग रहा और मैं यह बताऊँगा भी नहीं की मेरे परिवार, घर, कुल, गाँव:ननिहाल-स्वयं, गरुकुल व् अस्थायी निवास स्थल के जाने पहचाने वे लोग जो रूप-रंग या रक्त सम्बन्ध के आधार पर सम्बंधित थे ने मेरा समर्थन और विरोध किया है पर सभी लोग घन चक्कर के शिकार रहे और सत्य को पहचानने से इनकार करते रहे क्योंकि अगर वे मेरे सत्य को पहचानते तो फिर उनको दिक्कत थी फिर भी वे मुझको आँख दिखाने से गुरेज नहीं किये न कर रहे और अपनी अज्ञानता के बल पर मुझे दीन-हीन ही समझे जा रहे लेकिन ज़रा सुन लें:-----ढांचागत/सशरीर पाण्डेय (पञ्च तत्व) होते हुए भी त्रिपाठी/तिवारी ((तीन मूल तत्व (जल, थल/मृदा, आकाश) के आधार पर ही पञ्च मूल तत्व (जल, थल, आकाश, वायु, अग्नि) की व्याख्या)) का पक्ष रखता चला जा रहा हूँ फिर भी आपत्ति है लोगों को? तो कृपया सुन लीजिये की परमपिता परमेश्वर के आदेशानुसार केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय अध्ययन केंद्र पर आने वालों में न की प्रयागराज विश्विद्यालय में आने वालों में स्थायी रूप से विद्यमान वर्तमान में मौजूद लोगों में मैं तीसरा व्यक्ति हूँ और स्थाई सेवा में भी आने वाले उन्ही तीन में से भी एक हूँ: 2001 में यहाँ आकर मैंने जो देखा था वह सबके सामने कहा था तो उससे जिन लोगों को आपत्ति हुयी थी और इस आपत्ति के बाद इसे मैंने उसे कहना भी बंद कर दिया था तो अब ऐसे वे लोग कभी भी मेरे ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकते है किशी भी प्रकार और मैंने केवल इतना कहा था की केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागरीय अध्ययन केंद्र "मेरा घर" है और अब बताइये इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सामाजिक न्याय और विधि की गूढ़ता को और अंदर तक नहीं ले जाना होगा?>>>ऐसा मैंने ऐसे नहीं कहा था जिनका यहाँ से जीवन बना और जिनके लिए यह समृद्धि और ख्याति हांसिल करने की प्रथम कड़ी साबित हुआ और जो मेरे साथ संघर्ष किये और आज अच्छे सेवा कार्य में है उनसे लेकर इसके रणनीतिकार तक सब के सब चाहे उसमे से कुछ लोग कूटनीतिक रूप से अंदर से विरोध इस केंद्र निहित स्वार्थ और वाह्य दबाव में किये हो जीवन में उनका सब कुछ उनके इसी केंद्र से केंद्रित हो पाने की वजह से वे सब के सब घर और ननिहाल के माध्यम से किशी न किशी प्रकार सम्बंधित लगे थे। परंतु भितरघात और शीतयुद्ध भी जारी देख मैंने स्वयं संकल्पित किये जाने के बावजूद इस सम्पूर्ण विधी से नाता तोड़ लेने का निश्चय लिया था फरवरी 2003 में पर परमगुरु परमपिता परमेश्वर के विशेष अनुरोध पर जो परोक्ष रूप से परमपिता परमेश्वर के ही प्रयास से था मैं यहाँ इस प्रयागराज विश्विद्यालय के इस केंद्र के माध्यम से प्रयागराज विश्विद्यालय में नामांकित हुआ था और सितम्बर, 2007 में प्रयागराज विश्विद्यालय के इसी केंद्र से प्रथम शोध छात्र उपाधि अर्जित कर प्रयागराज विश्विद्यालय का गौरवशाली छात्र बना। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

शायद सशरीर परमब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश)/ब्रह्म जिससे सातो ब्रह्मर्षि/सप्तर्षि जन्म लिए तो वह सबसे बड़ा ब्राह्मण होता है जैसा कि सशरीर परमब्रह्म श्रीराम/कृष्ण? फिर भी मैं सबसे उच्च ब्राह्मण समाजों को बताना चाहूँगा की-----1999-2000 दौरान रामकृष्ण छात्रावास, काशी हिन्दू विश्विद्यालय, वाराणसी/बनारस/काशी में ही नहीं उससे पूर्व भी तथाकथित पिछड़ा, दलित, मुस्लिम और सावर्ण छात्रों के बीच जौनपुर/जमदग्निपुर से ही नेताजी, प्रसाद जी और बुआ जी की बिना वैश्विक समाज पर दुष्प्रभाव को भी ध्यान में रखे केवल अन्ध सामाजिक न्याय की नीतियों के विरोध में सबसे मुखर स्वर रखने वाला और अधिकांसतः अपनी बात पर कायम रहने वाला कोई और नहीं था वरन>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

शायद सशरीर परमब्रह्म(ब्रह्मा+विष्णु+महेश)/ब्रह्म जिससे सातो ब्रह्मर्षि/सप्तर्षि जन्म लिए तो वह सबसे बड़ा ब्राह्मण होता है जैसा कि सशरीर परमब्रह्म श्रीराम/कृष्ण? फिर भी मैं सबसे उच्च ब्राह्मण समाजों को बताना चाहूँगा की-----1999-2000 दौरान रामकृष्ण छात्रावास,  काशी हिन्दू विश्विद्यालय, वाराणसी/बनारस/काशी में ही नहीं उससे पूर्व भी तथाकथित पिछड़ा, दलित, मुस्लिम और सावर्ण छात्रों के बीच जौनपुर/जमदग्निपुर से ही नेताजी, प्रसाद जी और बुआ जी की बिना वैश्विक समाज पर दुष्प्रभाव को भी ध्यान में रखे केवल अन्ध सामाजिक न्याय की नीतियों के विरोध में सबसे मुखर स्वर रखने वाला और अधिकांसतः अपनी बात पर कायम रहने वाला कोई और नहीं था वरन>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Thursday, August 18, 2016

जिस कश्यप गोत्र से हूँ उस कश्यप गोत्र का ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो इनसे सृजित अन्य जाती/धर्म का कश्यप गोत्रीय हो उसको किशी भी वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन के सामने झुकना ही पड़ता है तो ऐसे वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन समाज के सामने झुकना और आज्ञा पालन ही मेरी नियति है। और उसमे वशिष्ठ के वंसज स्वयं वशिष्ठ, व्यास, शांडिल्य (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जन्मे वशिष्ठ पुत्र व् स्वयं कश्यप के भांजे) , उपमन्यु या और कोई ब्राह्मण हो तो फिर विशेष श्रद्धा के साथ दंडवत नमन होता है। यही विनित्यक गुन हमें शक्ति देता है की हम संसार के हर जाती/धर्म का विलय सनातन धर्म में अपने इस कश्यप गोत्र माध्यम से कर लेते हैं और सामंजस्य बैठा समाज सञ्चालन करने की कला इस संसार को प्रदान करते है और अपने कर्मों से इसे प्रदर्शित करते हैं। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

जिस कश्यप गोत्र से हूँ उस कश्यप गोत्र का ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो  इनसे सृजित अन्य जाती/धर्म का कश्यप गोत्रीय हो उसको किशी भी वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन के सामने झुकना ही पड़ता है तो ऐसे वास्तविक ब्राह्मण/सज्जन  समाज के सामने झुकना और आज्ञा पालन ही मेरी नियति है।  और उसमे वशिष्ठ के वंसज स्वयं वशिष्ठ, व्यास, शांडिल्य (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जन्मे वशिष्ठ पुत्र व् स्वयं कश्यप के भांजे) , उपमन्यु या और कोई ब्राह्मण हो तो फिर विशेष श्रद्धा के साथ दंडवत नमन होता है।  यही विनित्यक गुन हमें शक्ति देता है की हम संसार के हर जाती/धर्म का विलय सनातन धर्म में  अपने इस कश्यप गोत्र  माध्यम से कर लेते हैं और सामंजस्य बैठा समाज सञ्चालन करने की कला  इस संसार को प्रदान करते है और अपने कर्मों से इसे प्रदर्शित करते हैं। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

भारत से बाहर का संसार गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य से भरा पड़ा है फिर भी सुख, शान्ति, नैतिकता और समृध्धी का चरम हांशिल नहीं किया जा सका पूरे विश्व द्वारा तो केवल भारत या भारत में भी उत्तर मध्य भारत विशेष रूप से अगर गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य हो जाएगा तो क्या कुछ सकारात्मक परिणाम और हो जाएंगे। मेरे विचार से भारत या भारत में भी उत्तर मध्य भारत विशेष रूप से अगर गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य हो जाएगा तो इस संसार का सत्यानाश अवश्य इससे हो सकता है? >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

भारत से बाहर का संसार गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य से भरा पड़ा है फिर भी सुख, शान्ति, नैतिकता  और समृध्धी का चरम हांशिल नहीं किया जा सका पूरे विश्व द्वारा तो केवल भारत या भारत में भी उत्तर मध्य भारत विशेष रूप से अगर गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य हो जाएगा तो क्या कुछ सकारात्मक परिणाम और हो जाएंगे। मेरे विचार से भारत या भारत में भी उत्तर मध्य भारत विशेष रूप से अगर गैर ब्राह्मण, गैर क्षत्रिय और गैर वैश्य हो जाएगा तो इस संसार का सत्यानाश अवश्य इससे हो सकता है? >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

इस दुनिया में केवल दलित/ईसाई का ही शोषण नहीं होता है वरन यहां तो हर किशी सज्जन व्यक्तित्व का शोषण होता है (साम, दाम, दंड, भेद द्वारा दिग्भ्रमित दलित/ईसाई समाज को माध्यम बना) जो सज्जन व्यक्ति सम्मान सहित जीना चाहता है और अज्ञानता का शिकार हो अपने तथाकथित सम्मान की रक्षा की तब भी कोशिस करता है जबकी संख्याबल के आधार पर उसका वास्तविक बलात्कार कर ये लोग कर चुके होते हैं। तो मेरा केवल इतना कहना है की व्यवहारिकता अपनाइये और तथाकथित विश्वमहाशक्ति के सह पर हुये आपने सम्मान के साथ वास्तविक बलात्कार को बचाने की हर संभव कोशिस कीजिये और उसके प्रति उसी तरह से जागरूक और मुखर होइए जैसे दलित/ईसाई मुखर होते हैं। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

इस दुनिया में केवल दलित/ईसाई का ही शोषण नहीं होता है वरन यहां तो हर किशी सज्जन व्यक्तित्व का शोषण होता है (साम, दाम, दंड, भेद द्वारा दिग्भ्रमित दलित/ईसाई समाज को माध्यम बना) जो सज्जन व्यक्ति सम्मान सहित जीना चाहता है और अज्ञानता का शिकार हो अपने तथाकथित सम्मान की रक्षा की तब भी कोशिस करता है जबकी संख्याबल के आधार पर उसका वास्तविक बलात्कार कर ये लोग कर चुके होते हैं। तो मेरा केवल इतना कहना है की व्यवहारिकता अपनाइये और तथाकथित विश्वमहाशक्ति के सह पर हुये आपने सम्मान के साथ वास्तविक बलात्कार को बचाने की हर संभव कोशिस कीजिये और उसके प्रति उसी तरह से जागरूक और मुखर होइए जैसे दलित/ईसाई मुखर होते हैं। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

जो विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो:---- जो सहस्राब्दी परिवर्तन के संक्रमण काल में सभी शोषक देशों द्वारा बनाई भविष्य काल की अनीतियों से प्रभावित हो उपजी विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवमं महासागर अध्धययन केंद्र में आये और गए सिद्धगत जनों का भी तो अब उसी का का वरिष्ठ और कनिष्ठ प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय वाले क्या तय करेंगे उसके सहकर्मियों के अंदर ही जब अपने क्षेत्र का कोई सिद्धगत उम्रगत वरिष्ठ भी उसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकता? टिप्पणी: अगर व्यवहारिक ही संयोग है तो फिर अगर गर्ग ऋषी को ही ब्रह्मा मान लिया जाय तो फिर उनके (गर्ग गोत्र से ही परंतु ब्राह्मण या क्षत्रिय या वैश्य में से कोई सनातन हिन्दू धर्म का कोई एक अभिन्न अंग) द्वारा बनाये गए अभिलेखों के अनुसार सम्पूर्ण विश्व को निरूपित करने वाले प्रयागराज में सबके निरूपक व्यक्तित्व जन ढ़ंचागत पंचतत्व और पंचतत्व के बीच में समाहित हो अस्तित्व में थे। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

जो विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो:---- जो सहस्राब्दी परिवर्तन के संक्रमण काल में सभी शोषक देशों द्वारा बनाई भविष्य काल की अनीतियों से प्रभावित हो उपजी विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवमं महासागर अध्धययन केंद्र में आये और गए सिद्धगत जनों का भी तो अब उसी का का वरिष्ठ और कनिष्ठ प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय वाले क्या तय करेंगे उसके सहकर्मियों के अंदर ही जब अपने क्षेत्र का कोई सिद्धगत उम्रगत वरिष्ठ भी उसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकता? टिप्पणी:  अगर व्यवहारिक ही संयोग है तो फिर अगर गर्ग ऋषी को ही ब्रह्मा मान लिया जाय तो फिर उनके (गर्ग गोत्र से ही परंतु ब्राह्मण या क्षत्रिय या वैश्य में से कोई सनातन हिन्दू धर्म का कोई एक अभिन्न अंग) द्वारा बनाये गए अभिलेखों के अनुसार सम्पूर्ण विश्व को निरूपित करने वाले प्रयागराज में सबके निरूपक व्यक्तित्व जन ढ़ंचागत पंचतत्व और पंचतत्व के बीच में समाहित हो  अस्तित्व में थे। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।
https://archive.is/aKXW
https://archive.is/7ocui

वास्तविक विश्वमहाशक्ति का दूसरा सन्देश: तथाकथित विश्वमहाशक्ति की मूर्खता के कारन उपजे विषाद और क्रोध के फलस्वरूप जिसके 36 घंटे के अनवरत आंसुओं के शैलाब में यह पूरा संसार वह जाता उसे पहले 2001 में परमपिता परमेश्वर और उसके बाद 2003 में परमपिता परमेश्वर और परमगुरु परमपिता परमेश्वर के माध्यम से उसी आंशुओं से उपजे शैलाब के जल का प्रवाह रुकवाया गया था। तो तथाकथित विश्वमहाशक्ति इससे अपनी अवकात का पता हो जाना चाहिए? इस वास्तविक विश्वमशक्ति को न कुछ करना पड़ता है और न कोई कमाण्ड देना पड़ता है और न कोई सेंसर किशी युग में बना जो इसे कैप्चर कर सकता है। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

वास्तविक विश्वमहाशक्ति का दूसरा सन्देश:  तथाकथित विश्वमहाशक्ति की मूर्खता के कारन उपजे विषाद और क्रोध के फलस्वरूप  जिसके 36 घंटे के अनवरत आंसुओं के शैलाब में यह पूरा संसार वह जाता उसे पहले 2001 में परमपिता परमेश्वर और उसके बाद 2003 में परमपिता परमेश्वर और परमगुरु परमपिता परमेश्वर के माध्यम से उसी आंशुओं से उपजे शैलाब के जल का प्रवाह रुकवाया गया था। तो तथाकथित विश्वमहाशक्ति इससे अपनी अवकात का पता हो जाना चाहिए? इस वास्तविक विश्वमशक्ति को न कुछ करना पड़ता है और न कोई कमाण्ड देना पड़ता है और न कोई सेंसर किशी युग में बना जो इसे कैप्चर कर सकता है। >>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

वास्तविक महाशक्ति का सन्देश: तो तथाकथित महाशक्ति के दबाब में कार्य करना और यह किशी जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ का किशी को कनिष्ठ बनाने का धंधा यह प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज और यह हिंदुस्तान अब से बंद कर दे अन्यथा यह संसार पुनः 14 वर्ष पूर्व की स्थिति में पुनः आने को तैयार रहे? व्यहारिकता में रहेंगे तो व्यहारिकता अपनाई जाएगी तथाकथित महाशक्ति के साथ भी और उसकी चाटुकारिता करने वालों और पाँव पूजने वालों के साथ भी पर अव्यवहारिकता करोगे और किशी जबाने में मेरे पर ही आश्रित और परिजीवी रहे लोगों को भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ के रूप में खड़ा करोगे तो उचित यही नहीं है। हिंदुस्तान के अधिकाँश नेताजन जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ को किशी का कनिष्ठ बनाने का यह कार्य स्वयं किये हैं या इसके स्रोत रहे है अपने जीवन के अंतिम क्षण इसका अंजाम ईस्वर द्वारा प्रदान दंड के माध्यम से भुगत कर गए हैं अथवा भुगत रहे हैं ? >>>>>>>>>इस दुनिया में जिसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ तक दृष्टिगत/भौतिक रूप में उपस्थित नहीं हो इस सृष्टि के इतिहास में और जो सहस्राब्दी परिवर्तन के संक्रमण काल में सभी शोषक देशों द्वारा बनाई भविष्य काल की अनीतियों से प्रभावित हो उपजी विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवमं महासागर अध्धययन केंद्र में आये और गए सिद्धगत जनों का भी तो अब उसी का का वरिष्ठ और कनिष्ठ प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय वाले क्या तय करेंगे उसके सहकर्मियों के अंदर ही जब अपने क्षेत्र का कोई सिद्धगत उम्रगत वरिष्ठ भी उसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकता?>>>>>>>तो तथाकथित महाशक्ति के दबाब में कार्य करना और यह किशी जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ का किशी को कनिष्ठ बनाने का धंधा यह प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज और यह हिंदुस्तान अब से बंद कर दे अन्यथा यह संसार पुनः 14 वर्ष पूर्व की स्थिति में पुनः आने को तैयार रहे? व्यहारिकता में रहेंगे तो व्यहारिकता अपनाई जाएगी तथाकथित महाशक्ति के साथ भी और उसकी चाटुकारिता करने वालों और पाँव पूजने वालों के साथ भी पर अव्यवहारिकता करोगे और किशी जबाने में मेरे पर ही आश्रित और परिजीवी रहे लोगों को भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ के रूप में खड़ा करोगे तो उचित यही नहीं है। हिंदुस्तान के अधिकाँश नेताजन जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ को किशी का कनिष्ठ बनाने का यह कार्य स्वयं किये हैं या इसके स्रोत रहे है अपने जीवन के अंतिम क्षण इसका अंजाम ईस्वर द्वारा प्रदान दंड के माध्यम से भुगत कर गए हैं अथवा भुगत रहे हैं ?>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

वास्तविक महाशक्ति का सन्देश: तो तथाकथित महाशक्ति के दबाब में कार्य करना और यह किशी जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ का किशी को कनिष्ठ बनाने का धंधा यह प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज और यह हिंदुस्तान अब से बंद कर दे अन्यथा यह संसार पुनः 14 वर्ष पूर्व की स्थिति में पुनः आने को तैयार रहे? व्यहारिकता में रहेंगे तो व्यहारिकता अपनाई जाएगी तथाकथित महाशक्ति के साथ भी और उसकी चाटुकारिता करने वालों और पाँव पूजने वालों के साथ भी पर अव्यवहारिकता करोगे और किशी जबाने में मेरे पर ही आश्रित और परिजीवी रहे लोगों को भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ के रूप में खड़ा करोगे तो उचित यही नहीं है। हिंदुस्तान के अधिकाँश नेताजन जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ को किशी का कनिष्ठ बनाने का यह कार्य स्वयं किये हैं या इसके स्रोत रहे है अपने जीवन के अंतिम क्षण इसका अंजाम ईस्वर द्वारा प्रदान दंड के माध्यम से भुगत कर गए हैं अथवा भुगत रहे हैं ? >>>>>>>>>इस दुनिया में जिसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ तक दृष्टिगत/भौतिक रूप में उपस्थित नहीं हो इस सृष्टि के इतिहास में और जो सहस्राब्दी परिवर्तन के संक्रमण काल में सभी शोषक देशों द्वारा बनाई भविष्य काल की अनीतियों से प्रभावित हो उपजी विश्व महाविभीषिका के दौर में अपने से उम्रगत ज्येष्ठ और वरिष्ठ सबका आधार और शिखर सिद्ध हुआ हो इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवमं महासागर अध्धययन केंद्र में आये और गए सिद्धगत जनों का भी तो अब उसी का का वरिष्ठ और कनिष्ठ प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय वाले क्या तय करेंगे उसके सहकर्मियों के अंदर ही जब अपने क्षेत्र का कोई सिद्धगत उम्रगत वरिष्ठ भी उसका जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ नहीं हो सकता?>>>>>>>तो तथाकथित महाशक्ति के दबाब में कार्य करना और यह किशी जेष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ का किशी को कनिष्ठ बनाने का धंधा यह प्रयागराज विश्विद्यालय, प्रयागराज और यह हिंदुस्तान अब से बंद कर दे अन्यथा यह संसार पुनः 14 वर्ष पूर्व की स्थिति में पुनः आने को तैयार रहे? व्यहारिकता में रहेंगे तो व्यहारिकता अपनाई जाएगी तथाकथित महाशक्ति के साथ भी और उसकी चाटुकारिता करने वालों और पाँव पूजने वालों के साथ भी पर अव्यवहारिकता करोगे और किशी जबाने में मेरे पर ही आश्रित और परिजीवी रहे लोगों को भी मेरा ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ के रूप में खड़ा करोगे तो उचित यही नहीं है। हिंदुस्तान के अधिकाँश नेताजन जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ को किशी का कनिष्ठ बनाने का यह कार्य स्वयं किये हैं या इसके स्रोत रहे है अपने जीवन के अंतिम क्षण इसका अंजाम ईस्वर द्वारा प्रदान दंड के माध्यम से भुगत कर गए हैं अथवा भुगत रहे हैं ?>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

Friday, August 12, 2016

1st August 2016, (Monday), Savan/Shravan Masa (Mashik) Shiva Ratri when Lord Shiva drank the poison of Great event of the Churning of Ocean. Question! Can capability of Physical Lord Parambrahm(Brahma +Vishnu+ Mahesh)/Brahma be achieved by Lord Shiv? then Answer is Yes, why not? if solar planet condition is favorable as in case of Lord Vishnu| Lord Shiv has achieved this(Physical Lord Parambrahm(Brahma +Vishnu+ Mahesh)/Brahma), which is the first ever in the history of humanity.>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।


1st August 2016, (Monday), Savan/Shravan Masa (Mashik) Shiva Ratri when Lord Shiva drank the poison of Great event of the Churning of Ocean.
Question! Can capability of Physical Lord Parambrahm(Brahma +Vishnu+ Mahesh)/Brahma be achieved by Lord Shiv? then
Answer is Yes, why not? if solar planet condition is favorable as in case of Lord Vishnu|
Lord Shiv has achieved this(Physical Lord Parambrahm(Brahma +Vishnu+ Mahesh)/Brahma), which is the first ever in the history of humanity.>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में विज्ञान परियोजना में शोध सहायक सेवा (RESEARCH ASSISTANT) में आया था दो वर्ष बाद विज्ञान परियोजना में शोध छात्र (JUNIOR/SENIOR RESEARCH FELLOW) बना था और उसी वर्ष प्रयागराज विश्विद्यालय में इसी केंद्र के छात्र के रूप में प्रयागराज विश्विद्यालय में शोध छात्र बना और चार वर्ष बाद इसी केंद्र के छात्र के रूप में प्रयागराज विश्विद्यालय में प्रथम शोध छात्र के रूप में प्रथम उपाधी से गौरवान्वित किया गया और प्रयागराज विश्विद्यालय का गौरव शाली छात्र बना। इसके दो वर्ष बाद इसी केंद्र में सहायक आचार्य बना और उसके एक वर्ष बाद इसी केंद्र में नियमितीकरण हुआ और इसी केंद्र में प्रोन्नत हुई और 19 दिन पहले पद भार ग्रहण करने और किशी की भी प्रभावी पक्ष की पूर्व सेवा न जोड़ने के बावजूद कनिष्ठ ठहराए जाने पर प्रयाग उच्च न्यायालय में दो बार प्रयागराज विश्विद्यालय कुलसचिव/उपकुलसचिव के जिन दो आदेशों के विरूद्ध गुहार लगाया हूँ उन दो आदेशों पर भी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र के ही शिक्षक के रूप में निरूपित किया गया हूँ अन्य किशी केंद्र या वायुमंडलीय एवं महासागर विज्ञान विभाग में नहीं। तो अब केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र के अस्तित्व पर कोई प्रश्न चिन्ह अगर लगाता है या वेबसाइट पर या अन्य जगह कुछ गलत लिखता है तो वह स्वयं दंडाधिकारी है? भाई यह तो गाँव या शहर में दूसरे को चिढाने या उलझने हेतु उसके सीमा अंदर जाकर कोई अस्थायी निर्माणकार्य या जुताई-बुवाई, झाडू लगाकर उसकी जमीन पर पशुपालन करने जैसी हरकत हुई। तो मैं केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में ही अस्थायी सेवा/शोध छात्र के रूप में आया था और उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में शिक्षक हूँ तो अब उसके साथ किशी और में या दूसरे विभाग में शिक्षक हूँ इस प्रश्न का कोई औचित्य नहीं बनाता जब तक की नए सिरे से कोई प्रयास भविष्य में इसे विभाग घोषित करने के लिए आज के बाद से वैधानिक तरीके से न हो?(प्रयागराज उच्च न्यायालय वाद 42934, अगस्त, 2014 और वाद 48553, सितम्बर, 2014: सम्बंधित प्रयागराज विश्विद्यालय का सम्बंधित वादी और परिवादी की वरिष्ठता व् कनिष्ठता केंद् केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद्र में ही निरूपित है जिस वरिष्ठता सूची संशोधित कर अंतिम वरिष्ठता सूची प्रदान करने को तो कहा गया था पर पुनः वही वरिष्ठता सूची उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद्र में दे दी गयी है तो यह सब प्रयागराज विश्विद्यालय के उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद् में ही इस सम्बंधित प्रभावी पक्ष के स्थायी शिक्षक बंधू की सेवा की स्वीकारोक्ति तहत नहीं चल रहा है तो और क्या है? तो इस प्रकार अभीष्ट सफलता अगस्त 2014 में ही मिल चुकी है मतलब 14 वर्ष की अवधि दौरान ही जबकी 11/18 सितम्बर, 2007 को ही सैद्धांतिक रूप से सफलता मिल चुकी थी) >>>>>>>>विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।

केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में विज्ञान परियोजना में शोध सहायक सेवा (RESEARCH ASSISTANT) में आया था दो वर्ष बाद विज्ञान परियोजना में शोध छात्र (JUNIOR/SENIOR RESEARCH FELLOW) बना था और उसी वर्ष प्रयागराज विश्विद्यालय में इसी केंद्र के छात्र के रूप में प्रयागराज विश्विद्यालय में शोध छात्र बना और चार वर्ष बाद इसी केंद्र के छात्र के रूप में प्रयागराज विश्विद्यालय में प्रथम शोध छात्र के रूप में प्रथम उपाधी से गौरवान्वित किया गया और प्रयागराज विश्विद्यालय का गौरव शाली छात्र बना। इसके दो वर्ष बाद इसी केंद्र में सहायक आचार्य बना और उसके एक वर्ष बाद इसी केंद्र में नियमितीकरण हुआ और इसी केंद्र में प्रोन्नत हुई और 19 दिन पहले पद भार ग्रहण करने और किशी की भी प्रभावी पक्ष की पूर्व सेवा न जोड़ने के बावजूद कनिष्ठ ठहराए जाने पर प्रयाग उच्च न्यायालय में दो बार प्रयागराज विश्विद्यालय कुलसचिव/उपकुलसचिव के जिन दो आदेशों के विरूद्ध गुहार लगाया हूँ उन दो आदेशों पर भी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र के ही शिक्षक के रूप में निरूपित किया गया हूँ अन्य किशी केंद्र या वायुमंडलीय एवं महासागर विज्ञान विभाग में नहीं। तो अब केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र के अस्तित्व पर कोई प्रश्न चिन्ह अगर लगाता है या वेबसाइट पर या अन्य जगह कुछ गलत लिखता है तो वह स्वयं दंडाधिकारी है? भाई यह तो गाँव या शहर में दूसरे को चिढाने या उलझने हेतु उसके सीमा अंदर जाकर कोई अस्थायी निर्माणकार्य या जुताई-बुवाई, झाडू लगाकर उसकी जमीन पर पशुपालन करने जैसी हरकत हुई। तो मैं केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में ही अस्थायी सेवा/शोध छात्र के रूप में आया था और उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ययन केंद्र में शिक्षक हूँ तो अब उसके साथ किशी और में या दूसरे विभाग में शिक्षक हूँ इस प्रश्न का कोई औचित्य नहीं बनाता जब तक की नए सिरे से कोई प्रयास भविष्य में इसे विभाग घोषित करने के लिए आज के बाद से वैधानिक तरीके से न हो?(प्रयागराज उच्च न्यायालय वाद 42934, अगस्त, 2014 और वाद 48553, सितम्बर, 2014: सम्बंधित प्रयागराज विश्विद्यालय का सम्बंधित वादी और परिवादी की वरिष्ठता व् कनिष्ठता केंद् केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद्र में ही निरूपित है जिस वरिष्ठता सूची  संशोधित कर अंतिम वरिष्ठता सूची प्रदान करने को तो कहा गया था पर पुनः वही वरिष्ठता सूची उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद्र में दे दी गयी है तो यह सब प्रयागराज विश्विद्यालय के उसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर केंद् में ही इस सम्बंधित प्रभावी पक्ष के स्थायी शिक्षक बंधू की सेवा की स्वीकारोक्ति तहत नहीं चल रहा है तो और क्या है? तो इस प्रकार अभीष्ट सफलता अगस्त 2014 में ही मिल चुकी है मतलब 14 वर्ष की अवधि  दौरान ही जबकी 11/18 सितम्बर, 2007 को ही सैद्धांतिक रूप से सफलता मिल चुकी थी) >>>>>>>>विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) ((बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी क्षत्रिय परिवार) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर:चंद्रशेखर:महादेव:शिव कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम(बेचनराम)/प्रदीप:सूर्यकांत:सूर्यस्वामी: आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म तिथि: 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]|| *******जय हिन्द ((जम्बूद्वीप=यूरेशिया=यूरोप +एशिया) या कम से कम ईरान से लेकर सिंगापुर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी)), जय भारत(अखंडभारत=भरतखंड=भारतवर्ष), जय श्रीराम/कृष्ण।