Google+ Followers

Monday, July 31, 2017

जहाँ श्रीराम(रघुवंशीय/सूर्यवंशीय/कश्यप गोत्रीय) के गुरु जगतद्रस्ता वशिष्ठ जी थे बही श्रीकृष्ण(वृष्णिवंशीय/यदुवंशीय/चन्द्रवंशीय/कश्यप गोत्रीय) के गुरु संदीपन शांडिल्य मतलब शांडिल्य ऋषि की संतान (वशिष्ठ ऋषि की कश्मीर को मानव आवास योग्य बनाने वाले कश्यप ऋषि के कुल की कन्या से जन्म ली हुई वह संतान हैं जो वर्तमान आज़ाद कश्मीर में जन्म लिए थे)। शांडिल्य ऋषि का आश्रम शारदावन, कश्मीर बोलेयर घाटी में स्थित है। जो आधुनिक शारदा कस्बा नाम से जाना जाता है जो किसनगंगा नदी के किनारे आज़ाद कश्मीर में है। शांडिल्य= शान + दिलम = पूर्ण + चन्द्रमा=पूर्ण चन्द्र= पूर्ण चन्द्र के पुजारी या पूर्ण चन्द्र के पुजारी।

जहाँ श्रीराम(रघुवंशीय/सूर्यवंशीय/कश्यप गोत्रीय) के गुरु जगतद्रस्ता वशिष्ठ जी थे बही श्रीकृष्ण(वृष्णिवंशीय/यदुवंशीय/चन्द्रवंशीय/कश्यप गोत्रीय) के गुरु संदीपन शांडिल्य मतलब शांडिल्य ऋषि की संतान (वशिष्ठ ऋषि की कश्मीर को मानव आवास योग्य बनाने वाले कश्यप ऋषि के कुल की कन्या से जन्म ली हुई वह संतान हैं जो वर्तमान आज़ाद कश्मीर में जन्म लिए थे)। शांडिल्य ऋषि का आश्रम शारदावन, कश्मीर बोलेयर घाटी में स्थित है। जो आधुनिक शारदा कस्बा नाम से जाना जाता है जो किसनगंगा नदी के किनारे आज़ाद कश्मीर में है। शांडिल्य= शान + दिलम = पूर्ण + चन्द्रमा=पूर्ण चन्द्र= पूर्ण चन्द्र के पुजारी या पूर्ण चन्द्र के पुजारी। >>>>>>>>>><<<<<<HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

हम सब भारतीय और विश्वव्यापक मानवजन एक परमब्रह्म/ब्रह्म जनित तीन त्रिदेव(ब्रह्मा+विष्णु+महेश) जनित सात ब्रह्मर्षि /सप्तर्षि(कश्यप/गौतम, वशिष्ठ, गौतम/कश्यप, आंगिरस, भृगु, अत्रि, कौशिक:विश्वामित्र) जनित अष्टकऋषि (सप्तर्षि + विंध्यक्षेत्र को पार करने वाले प्रथम ऋषि जिन्होंने तमिल/तेलगु/मलयालम को सर्वप्रथम अपना निवास और कार्यस्थल बनाया, अगस्त्य/कुम्भज ऋषि) और इस अष्टक से जनित सवित/गायत्री मन्त्र साधक 24 मानक ऋषि जो अशोकचक्र/कालचक्र/समयचक्र/धर्मचक्र की 24 तीलियों द्वारा निरूपित किये जाते हैं और इन सभी से उद्भवित तीन धर्म/पंथ/सम्प्रदाय(ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ) और इन तीन धर्मों से जनित विश्वव्यापक पांच धर्म/पंथ/सम्प्रदाय (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैस्य, इस्लाम, ईसाइयत) व् उनके संगत जाति/धर्म/पंथ/सम्प्रदाय/मत-मतावलम्बी मानवजन का स्वरुप है अपना।>>>> तो इस प्रकार श्रिष्टि के आज तक के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रमदाचरण= प्रमद (सुन्दर) + आचरण( व्यवहार व् चरित्र) वाले मात्र दो सशरीर पुरुष हुए है जो की हैं सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म अवश्था प्राप्त विष्णु अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण| अतः अगर हम उनके अनुयायी और उनके सामानांतर चलने वाले (क्रमसः इस्लाम और ईसाइयत के अनुयायी हैं) हैं तो कम से कम हम उच्च आचरण तो रखे।(इस बात को ध्यान में रखते हुए की दो सामानांतर रेखाओं में से अगर कोई भी टूटती है तो दूसरी अनियंत्रित हो जाती है; और एक बात और की इस्लाम और ईसाइयत जैसे द्वन्दात्मक विचार जो अपने उद्देश्य में किशी परिस्थिति विशेष में सही है सामान्य से अलग हो वे प्रयागराज में सप्तर्षि के मानव सभ्यता प्रारम्भ से रहे हैं जो यरूसलेम/काबा में जाकर पहले इस्लाम और फिर ईसाइयत जैसे नए धर्म/पंथ/सम्प्रदाय के रूप में मानव समाज के सामने आये)।

हम सब भारतीय और विश्वव्यापक मानवजन एक परमब्रह्म/ब्रह्म जनित तीन त्रिदेव(ब्रह्मा+विष्णु+महेश) जनित सात ब्रह्मर्षि /सप्तर्षि(कश्यप/गौतम, वशिष्ठ, गौतम/कश्यप, आंगिरस, भृगु, अत्रि, कौशिक:विश्वामित्र) जनित अष्टकऋषि (सप्तर्षि + विंध्यक्षेत्र को पार करने वाले प्रथम ऋषि जिन्होंने तमिल/तेलगु/मलयालम को सर्वप्रथम अपना निवास और कार्यस्थल बनाया, अगस्त्य/कुम्भज ऋषि) और इस अष्टक से जनित सवित/गायत्री मन्त्र साधक 24 मानक ऋषि जो अशोकचक्र/कालचक्र/समयचक्र/धर्मचक्र की 24 तीलियों द्वारा निरूपित किये जाते हैं और इन सभी से उद्भवित तीन धर्म/पंथ/सम्प्रदाय(ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ) और इन तीन धर्मों से जनित विश्वव्यापक पांच धर्म/पंथ/सम्प्रदाय (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैस्य, इस्लाम, ईसाइयत) व् उनके संगत जाति/धर्म/पंथ/सम्प्रदाय/मत-मतावलम्बी मानवजन का स्वरुप है अपना।>>>> तो इस प्रकार श्रिष्टि के आज तक के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रमदाचरण= प्रमद (सुन्दर) + आचरण( व्यवहार व् चरित्र) वाले मात्र दो सशरीर पुरुष हुए है जो की हैं सशरीर परमब्रह्म/ब्रह्म अवश्था प्राप्त विष्णु अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण| अतः अगर हम उनके अनुयायी और उनके सामानांतर चलने वाले (क्रमसः इस्लाम और ईसाइयत के अनुयायी हैं) हैं तो कम से कम हम उच्च आचरण तो रखे।(इस बात को ध्यान में रखते हुए की दो सामानांतर रेखाओं में से अगर कोई भी टूटती है तो दूसरी अनियंत्रित हो जाती है; और एक बात और की इस्लाम और ईसाइयत जैसे द्वन्दात्मक विचार जो अपने उद्देश्य में किशी परिस्थिति विशेष में सही है सामान्य से अलग हो वे प्रयागराज में सप्तर्षि के मानव सभ्यता प्रारम्भ से रहे हैं जो यरूसलेम/काबा में जाकर पहले इस्लाम और फिर ईसाइयत जैसे नए धर्म/पंथ/सम्प्रदाय के रूप में मानव समाज के सामने आये)।>>>>>>>>>><<<<<<HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

आदित्रिदेवी/त्रिदेवियों(सरस्वती, लक्ष्मी और सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती) में आद्या/आद्या/महादेवी सरस्वती महिमा महतीमहीयताम्( सरस्वती की महिमा वेदों से भी परे है मतलब वेद(~ब्रह्मा) भी उनका वर्णन नहीं कर सकते हैं)-(गांधी स्मारक स्नातकोत्तर महा विद्यालय समोधपुर, जौनपुर/GANDHI SMARAK POST GRADUATE COLLEGE SAMODHPUR, JAUNPUR); सत्यम शिवम सुंदरम(इस्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुन्दर है)- (तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर/TILAKDHARI POST GRADUATE COLLEGE, JAUNPUR); तेजस्विनाधिमस्तु((स्वेताश्वरोपनिषद)/ अत्रि और सर्वश्रेष्ठ सती अनुसुइया के पुत्र कृष्ण/कृष्णात्रेय/दुर्वाशा ऋषि का अपने आज़मगढ़ और प्रयागराज समेत समस्त आश्रम के शिष्यों को निर्देश की तेजश्वी बनो)-(VEER BAHADUR SINGH PURVANCHAL UNIVERSITY); विद्ययाऽमृतमश्नुते (विद्वता से अमरत्व/यश प्राप्त होता है)-(काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी/BANARAS HINDU UNIVERSITY); AS MANY BRANCHES SO MANY TREES(बरगद के वृक्ष की शाखाओं की तरह एक-एक करके वृक्ष की तरह फैल जाओ और समस्त विश्व को छाया प्रदान करो/ बरगद जिसकी जड़ शिव, तना/शाखाएं विष्णु और पत्ते ब्रह्मा है)-(प्रयागराज विश्वविद्यालय/अल्लाह-आबाद विश्वविद्यालय/UNIVERSITY OF ALLAHABAD); ENLIGHTEN THE WORLD WITH LAMP OF KNOWLEDGE(पूरे विश्व को ज्ञान रूपी लैंप/दीपक की तरह प्रकाश से भर दो)-(भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलुरु /INDIAN INSTITUTE OF SCIENCE), साविद्यायाविमुक्तये (जो हमें सभी अवगुणों और अनैतिक बंधनो से मुक्त करे वही सच्ची विद्या है/WHICH MAKE DETACHMENT/FREED FROM ALL BAD/ILL WILL)-(सर प्रमदाचरण बनर्जी छात्रावास/SIR PRAMADAACHARAN BANERJEE HOSTEL, UNIVERSITY OF ALLAHABAD)|------------------If any thing looks disappear in my character from the above list then that lossed in binding energy of these cluster in fusion process to make all to come together and remaining part consumed in me as potential energy and kinetic energy like wise when Brahma, Vishnu and Mahesh make him one (PARAMBRAHM /BRAHM/ VISHNUKANT/ SHIVKANT) then some thing always missed as in independent nature of Brahma, Vishnu and Mahesh.---- [PRIMARI Education: 1st in BISHUNPUR-223103, then in RAMAPUR-223225, again from 5th in BISHUNPUR -223103; Junior High School; ARYANAGAR, BISHUNPUR-223103; हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा: नेशनल इण्टर कालेज, पट्टिनरेन्द्रपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश]

आदित्रिदेवी/त्रिदेवियों(सरस्वती, लक्ष्मी और सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती) में आद्या/आद्या/महादेवी सरस्वती महिमा महतीमहीयताम्( सरस्वती की महिमा वेदों से भी परे है मतलब वेद(~ब्रह्मा) भी उनका वर्णन नहीं कर सकते हैं)-(गांधी स्मारक स्नातकोत्तर महा विद्यालय समोधपुर, जौनपुर/GANDHI SMARAK POST GRADUATE COLLEGE SAMODHPUR, JAUNPUR); सत्यम शिवम सुंदरम(इस्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुन्दर है)- (तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर/TILAKDHARI POST GRADUATE COLLEGE, JAUNPUR); तेजस्विनाधिमस्तु((स्वेताश्वरोपनिषद)/ अत्रि और सर्वश्रेष्ठ सती अनुसुइया के पुत्र कृष्ण/कृष्णात्रेय/दुर्वाशा ऋषि का अपने आज़मगढ़ और प्रयागराज समेत समस्त आश्रम के शिष्यों को निर्देश की तेजश्वी बनो)-(VEER BAHADUR SINGH PURVANCHAL UNIVERSITY); विद्ययाऽमृतमश्नुते (विद्वता से अमरत्व/यश प्राप्त होता है)-(काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी/BANARAS HINDU UNIVERSITY); AS MANY BRANCHES SO MANY TREES(बरगद के वृक्ष की शाखाओं की तरह एक-एक करके वृक्ष की तरह फैल जाओ और समस्त विश्व को छाया प्रदान करो/ बरगद जिसकी जड़ शिव, तना/शाखाएं विष्णु और पत्ते ब्रह्मा है)-(प्रयागराज विश्वविद्यालय/अल्लाह-आबाद विश्वविद्यालय/UNIVERSITY OF ALLAHABAD); ENLIGHTEN THE WORLD WITH LAMP OF KNOWLEDGE(पूरे विश्व को ज्ञान रूपी लैंप/दीपक की तरह प्रकाश से भर दो)-(भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलुरु /INDIAN INSTITUTE OF SCIENCE), साविद्यायाविमुक्तये (जो हमें सभी अवगुणों और अनैतिक बंधनो से मुक्त करे वही सच्ची विद्या है/WHICH MAKE DETACHMENT/FREED FROM ALL BAD/ILL WILL)-(सर प्रमदाचरण बनर्जी छात्रावास/SIR PRAMADAACHARAN BANERJEE HOSTEL, UNIVERSITY OF ALLAHABAD)|------------------If any thing looks disappear in my character from the above list then that lossed in binding energy of these cluster in fusion process to make all to come together and remaining part consumed in me as potential energy and kinetic energy like wise when Brahma, Vishnu and Mahesh make him one (PARAMBRAHM /BRAHM/ VISHNUKANT/ SHIVKANT) then some thing always missed as in independent nature of Brahma, Vishnu and Mahesh.---- [PRIMARI Education: 1st in BISHUNPUR-223103, then in RAMAPUR-223225, again from 5th in BISHUNPUR -223103; Junior High School; ARYANAGAR, BISHUNPUR-223103; हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा: नेशनल इण्टर कालेज, पट्टिनरेन्द्रपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश] >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Sunday, July 30, 2017

शांख्य-कपिल (कपिल ऋषि न की कपिल मतलब गणेश/विनायक), मीमांशा/उत्तर मीमांशा - जैमिनी/बादरायण, वैश्लेषिक-महर्षि कणाद, न्याय- ब्रह्मर्षि गौतम, योग- महर्षि पतंजलि, वेदान्त-महर्षि व्यास भारतीय दर्शन हैं लेकिन मेरा विचार है की वेदान्त दर्शन ब्रह्म/परमब्रह्म और स्थूल जगत और जीवन के बीच सम्बन्ध की व्याख्या करने में पूर्णतः सक्षम और पर्याप्त है(Shankhya-Kapil but not Kapil means Ganesh/Vinayak, Mimansa/Uttar Mimansa-Jaimini/Badrayan, Vaisleshik-Kanad, Nyay-Gautam, Yog-Patanjali and Vedant-Vedvyas are Indian philosophy but I hope that Vedant Darshan is sufficient and perfect to relate the Brahm and Sthool/Materialistic World and life)|

शांख्य-कपिल (कपिल ऋषि न की कपिल मतलब गणेश/विनायक), मीमांशा/उत्तर मीमांशा - जैमिनी/बादरायण, वैश्लेषिक-महर्षि कणाद, न्याय- ब्रह्मर्षि गौतम, योग- महर्षि पतंजलि, वेदान्त-महर्षि व्यास भारतीय दर्शन हैं लेकिन मेरा विचार है की वेदान्त दर्शन ब्रह्म/परमब्रह्म और स्थूल जगत और जीवन के बीच सम्बन्ध की व्याख्या करने में पूर्णतः सक्षम और पर्याप्त है(Shankhya-Kapil but not Kapil means Ganesh/Vinayak, Mimansa/Uttar Mimansa-Jaimini/Badrayan, Vaisleshik-Kanad, Nyay-Gautam, Yog-Patanjali and Vedant-Vedvyas are Indian philosophy but I hope that Vedant Darshan is sufficient and perfect to relate the Brahm and Sthool/Materialistic World and life)| >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Friday, July 28, 2017

साँचा:ॐ प्रज्ञानं ब्रह्म इस महावाक्य का अर्थ है- 'प्रकट ज्ञान ब्रह्म(परमब्रह्म) है: जब नेचर/साइंस/वास्तविक सत्य/सत्यमेव जयते में प्रकाशित होने की बात न हो केवल मेरे मानने की बात ही है तो मै मानवता हित में सब कुछ मान सकता हूँ और सन 2000 से ही आप लोगों की ही बात मान रहा हूँ किन्तु जो व्यवहारिक हो उसे ही माना जाय लेकिन 16/29 मई, 2006 को, 11/18 सितम्बर, 2007 को ही अपने को प्रमाणित कर चुका हो तो फिर उससे ऐसे में न्यायालय से अपने को एकल अवश्था में इस संसार का सबसे ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ होने का प्रमाण क्यों लाने को कहा गया जब मै 29 की रात और 30 के प्रथम प्रहर अक्टूबर, 2009 को ही सैद्धान्ति और भौतिक सहित हर रूपों में विधिवत अपने को प्रमाणित कर चुका हूँ और 29/30 नवम्बर, 2016 को न्यायालय से भी पूर्ण रूपेण प्रमाणित हो गया है| मैं प्रमाणित होता ही क्यों न अपने सम्पूर्ण गुणों से क्योंकि प्रज्ञा जिसकी (विवेक:सरस्वती के ज्येष्ठ मानस पुत्र) संगत बहन हो प्रमा/प्रमाणिकता उसमे स्वयं निहित रहती है क्योंकि प्रमा/प्रमाणिकता का उद्भव प्रज्ञा से ही होता है| टिप्पणी: राम ही अपने में पूर्णतः विवेक है और इस प्रकार राम त्रिदेवियों में आद्या/आद्या/आदितृदेवी/महादेवी सरस्वती की चार मात्र मानस संतान विवेक(+संगत प्रज्ञा) और ज्ञान(+संगत विद्या) में से एक विवेक हैं जो अपने में परमब्रह्म/ब्रह्म है मतलब राम ही सनातन है जिनसे त्रिदेवों और त्रिदेवियों की उत्पत्ति हुई है जिससे सम्पूर्ण संसार की उत्पत्ति हुई है | साँचा:ॐ प्रज्ञानं ब्रह्म इस महावाक्य का अर्थ है- 'प्रकट ज्ञान ब्रह्म है|

साँचा:ॐ प्रज्ञानं ब्रह्म इस महावाक्य का अर्थ है- 'प्रकट ज्ञान ब्रह्म(परमब्रह्म) है: जब नेचर/साइंस/वास्तविक सत्य/सत्यमेव जयते में प्रकाशित होने की बात न हो केवल मेरे मानने की बात ही है तो मै मानवता हित में सब कुछ मान सकता हूँ और सन 2000 से ही आप लोगों की ही बात मान रहा हूँ किन्तु जो व्यवहारिक हो उसे ही माना जाय लेकिन 16/29 मई, 2006 को, 11/18 सितम्बर, 2007 को ही अपने को प्रमाणित कर चुका हो तो फिर उससे ऐसे में न्यायालय से अपने को एकल अवश्था में इस संसार का सबसे ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ होने का प्रमाण क्यों लाने को कहा गया जब मै 29 की रात और 30 के प्रथम प्रहर अक्टूबर, 2009 को ही सैद्धान्ति और भौतिक सहित हर रूपों में विधिवत अपने को प्रमाणित कर चुका हूँ और 29/30, नबम्वर, 2016को न्यायालय से भी पूर्ण रूपेण प्रमाणित हो गया| मैं प्रमाणित होता ही क्यों न अपने सम्पूर्ण गुणों से क्योंकि प्रज्ञा जिसकी (विवेक:सरस्वती के ज्येष्ठ मानस पुत्र) संगत बहन हो प्रमा/प्रमाणिकता उसमे स्वयं निहित रहती है क्योंकि प्रमा/प्रमाणिकता का उद्भव प्रज्ञा से ही होता है| टिप्पणी: राम ही अपने में पूर्णतः विवेक है और इस प्रकार राम त्रिदेवियों में आद्या/आद्या/आदितृदेवी/महादेवी सरस्वती की चार मात्र मानस संतान विवेक(+संगत प्रज्ञा) और ज्ञान(+संगत विद्या) में से एक विवेक हैं जो अपने में परमब्रह्म/ब्रह्म है मतलब राम ही सनातन है जिनसे त्रिदेवों और त्रिदेवियों की उत्पत्ति हुई है जिससे सम्पूर्ण संसार की उत्पत्ति हुई है | साँचा:ॐ प्रज्ञानं ब्रह्म इस महावाक्य का अर्थ है- 'प्रकट ज्ञान ब्रह्म है| >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।
Kedareshwar Banerjee Centre of Atmospheric and Ocean Studies
केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागरीय अध्ययन केंद्र




सभी पार्टीयों या सभी मतों/संगठनों/जाति/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन के राष्ट्रवादी और मानवतावादी व्यक्ति या जन नायक जो "सत्यमेव जयते" में आस्था रखते हैं और अपने व्यवहारिक कार्यों द्वारा पूर्ण सत्य तक पंहुचने का प्रयास करते है और स्थानीय मानवीय जीवन और उसके आधार पर वैश्विक मानवीय जीवन को उन्नत बनाये रखने और जारी रखने का कार्य करते है और इस प्रकार वैश्विक मानवता को समर्पित थे और आज भी हैं या आगे भी रहने की संभावना है उनके नैतिक कर्तव्य पालन को देखते हुए तो ऐसे में पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन से ऊपर उठाकर उनका सम्मान और उनको श्रध्दांजलि देना किसी पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन की नीतिगत अनुशासन हीनता की सीमा या अविश्वास की परिधि में नहीं आता है बल्कि यह मानवतावाद में आता है जिसमे एक समाज को संचालित करने वाली एक धनात्मक ऊर्जा वाला व्यक्ति दूसरी धनात्मक ऊर्जा वाले व्यक्ति के कार्यों को श्रेय देते हुए उसके मानवता वादी कार्य को अपने पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन के माध्यम से पूरा करने का व्रत लेता है।

सभी पार्टीयों या सभी मतों/संगठनों/जाति/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन के राष्ट्रवादी और मानवतावादी व्यक्ति या जन नायक जो "सत्यमेव जयते" में आस्था रखते हैं और अपने व्यवहारिक कार्यों द्वारा पूर्ण सत्य तक पंहुचने का प्रयास करते है और स्थानीय मानवीय जीवन और उसके आधार पर वैश्विक मानवीय जीवन को उन्नत बनाये रखने और जारी रखने का कार्य करते है और इस प्रकार वैश्विक मानवता को समर्पित थे और आज भी हैं या आगे भी रहने की संभावना है उनके नैतिक कर्तव्य पालन को देखते हुए तो ऐसे में पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन से ऊपर उठाकर उनका सम्मान और उनको श्रध्दांजलि देना किसी पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन की नीतिगत अनुशासन हीनता की सीमा या अविश्वास की परिधि में नहीं आता है बल्कि यह मानवतावाद में आता है जिसमे एक समाज को संचालित करने वाली एक धनात्मक ऊर्जा वाला व्यक्ति दूसरी धनात्मक ऊर्जा वाले व्यक्ति के कार्यों को श्रेय देते हुए उसके मानवता वादी कार्य को अपने पार्टी/मत/संगठन/जाती/धर्म/सम्प्रदाय/मतावलंबन के माध्यम से पूरा करने का व्रत लेता है।>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

हांथी को पालने हेतु/नियंत्रण में लाने हेतु पहले जंगली हांथी को एक बहुत बड़े खाई में गिराते हैं और बहुत दिनों तक भूखे हुए उसका बल जब कम हो जाता है तो उसे बाहर निकाल लोहे के रस्से और लोहे के अंकुश/भाले से नियंत्रण में ले मन मुताबिक नचाया जाता है। तो मेरे भद्रजन मै हांथी और घोड़ा नहीं एक विचारवान और व्यवहारिक व्यक्ति हूँ जो कार्य विशेष में व्यस्त था। अतः आप खाई में गिरा हुआ जंगली हांथी या अपने अंकुश और लोहे की रस्सी से नियंत्रित रहने वाला पालतू हांथी समझने की भूल नहीं कीजियेगा कभी। यह तो किशी को गुरु मान गुरु मर्यादा न तोड़ सकने की शक्ल में नियंत्रित रहता था। गुरुदक्षिणा पूर्ण हो चुकी है उसी नियंत्रण में एक समय विशेस तक रहते रहते पर अब वह स्थिति नहीं रही और न वह गुरु वह गुरु रहा।

हांथी को पालने हेतु/नियंत्रण में लाने हेतु पहले जंगली हांथी को एक बहुत बड़े खाई में गिराते हैं और बहुत दिनों तक भूखे हुए उसका बल जब कम हो जाता है तो उसे बाहर निकाल लोहे के रस्से और लोहे के अंकुश/भाले से नियंत्रण में ले मन मुताबिक नचाया जाता है। तो मेरे भद्रजन मै हांथी और घोड़ा नहीं एक विचारवान और व्यवहारिक व्यक्ति हूँ जो कार्य विशेष में व्यस्त था। अतः आप खाई में गिरा हुआ जंगली हांथी या अपने अंकुश और लोहे की रस्सी से नियंत्रित रहने वाला पालतू हांथी समझने की भूल नहीं कीजियेगा कभी। यह तो किशी को गुरु मान गुरु मर्यादा न तोड़ सकने की शक्ल में नियंत्रित रहता था। गुरुदक्षिणा पूर्ण हो चुकी है उसी नियंत्रण में एक समय विशेस तक रहते रहते पर अब वह स्थिति नहीं रही और न वह गुरु वह गुरु रहा।>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

भीम की जरूरत विप्पत्तिकाल और युद्ध काल में पड़ती ही पड़ती है चाहे अन्य किशी काल में हो न हो। इसे हर भारतीय परिदृश्य में देखे लिया जाय तो यह कथन सत्य निकलेगा।

भीम की जरूरत विप्पत्तिकाल और युद्ध काल में पड़ती ही पड़ती है चाहे अन्य किशी काल में हो न हो। इसे हर भारतीय परिदृश्य में देखे लिया जाय तो यह कथन सत्य निकलेगा। >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मैंने अपने ब्लॉग "Vivekanand and Modern Tradition " और आचरण से किशी भी धर्म का विरोध नहीं किया वरन इतना सन्देश जरूर दिया है की कोई बौद्धिस्ट अगर गौतम गोत्रीय सनातन ब्राह्मण से ऊपर कभी नहीं हो सकता तो कोई इस्लाम अनुयायी या ईसाइयत अनुयायी अपने संगत किशी कश्यप गोत्रीय ब्राह्मण कि संतान से ऊपर कैसे हो सकता है? और इसलिए सनातन हिन्दू धर्म का क्षरण होना इस्लाम, ईसाइयत बौद्धिस्ट समेत अन्य सभी जाती और पंथ के क्षरण होने का रास्ता साफ करेगा। पूरी दुनिया पर तो ईसाइयत, इस्लाम और बौद्धिस्ट का शासन है और उसे समृद्धिवान, ऊर्जावान(शक्तिशाली), शांतिमय-ज्ञानमय वे नहीं बना पा रहे हैं तो भारत में उनके अनुयायी बहुमत में आ गए तो क्या उनके पास जादू की छड़ी आ जाएगी की उसे घुमा दिया और सभी भारतीय जनता समृद्धिवान, ऊर्जावान(शक्तिशाली), शांतिमय-ज्ञानमय हो जाएगी।

मैंने अपने ब्लॉग "Vivekanand and Modern Tradition " और आचरण से किशी भी धर्म का विरोध नहीं किया वरन इतना सन्देश जरूर दिया है की कोई बौद्धिस्ट अगर गौतम गोत्रीय सनातन ब्राह्मण से ऊपर कभी नहीं हो सकता तो कोई इस्लाम अनुयायी या ईसाइयत अनुयायी अपने संगत किशी कश्यप गोत्रीय ब्राह्मण कि संतान से ऊपर कैसे हो सकता है? और इसलिए सनातन हिन्दू धर्म का क्षरण होना इस्लाम, ईसाइयत बौद्धिस्ट समेत अन्य सभी जाती और पंथ के क्षरण होने का रास्ता साफ करेगा। पूरी दुनिया पर तो ईसाइयत, इस्लाम और बौद्धिस्ट का शासन है और उसे समृद्धिवान, ऊर्जावान(शक्तिशाली), शांतिमय-ज्ञानमय वे नहीं बना पा रहे हैं तो भारत में उनके अनुयायी बहुमत में आ गए तो क्या उनके पास जादू की छड़ी आ जाएगी की उसे घुमा दिया और सभी भारतीय जनता समृद्धिवान, ऊर्जावान(शक्तिशाली), शांतिमय-ज्ञानमय हो जाएगी। >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Thursday, July 27, 2017

उत्तर में कोई उत्तर के ही सांवले वर से अपनी कन्या का विवाह किया हो उसपर टिप्पणी करते हैं और बेटा तमिल/तेलगु लड़की से विवाह करना चाहता है तो तुफान खड़ा कर देते है पर इतने समरस, सामाजिक न्यायप्रिय, पुरुषार्थी और समर्थ हैं कि की बेटी को तमिल/तेलगु लडके का पाँव पूजकर आजन्म के लिए विदा कर देते हैं?

उत्तर में कोई उत्तर के ही सांवले वर से अपनी कन्या का विवाह किया हो उसपर टिप्पणी करते हैं और बेटा तमिल/तेलगु लड़की से विवाह करना चाहता है तो तुफान खड़ा कर देते है पर इतने समरस, सामाजिक न्यायप्रिय, पुरुषार्थी और समर्थ हैं कि की बेटी को तमिल/तेलगु लडके का पाँव पूजकर आजन्म के लिए विदा कर देते हैं?>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मातृ शक्ति का भी अस्तित्व उसी परमब्रह्म राम से ही है उसका उदहारण मै दे देता हूँ की मै देश और विदेश में बैठकर उनकी तरह न तो हल्दीराम के स्नैक्स का आनलइन आर्डर दिया था न कभी पिकनिक मनाई है और न ही उनकी तरह और राजसी तरह से कोई समारोह मेरा हुआ है किसी भी जीवन से सम्बन्धित संस्कार का और न तो ही अंतर्जातीय/धार्मिक विवाह किया हूँ फिर भी मातृ शक्ति का मान बढ़ाया था, बढ़ाया हूँ और बढ़ाऊंगा और बढ़ता ही रहूँगा असुरों का नाश करते हुए|

मातृ शक्ति का भी अस्तित्व उसी परमब्रह्म राम से ही है उसका उदहारण मै दे देता हूँ की मै देश और विदेश में बैठकर उनकी तरह न तो हल्दीराम के स्नैक्स का आनलइन आर्डर दिया था न कभी पिकनिक मनाई है और न ही उनकी तरह और राजसी तरह से कोई समारोह मेरा हुआ है किसी भी जीवन से सम्बन्धित संस्कार का और न तो ही अंतर्जातीय/धार्मिक विवाह किया हूँ फिर भी मातृ शक्ति का मान बढ़ाया था, बढ़ाया हूँ और बढ़ाऊंगा और बढ़ता ही रहूँगा असुरों का नाश करते हुए| >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

एकल शक्ति परमब्रम्ह से उद्भावित त्रिशक्ति ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य से ही उद्भावित पञ्च प्यारों (ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य, इस्लाम व् ईसाइयत व् उनके अनुसांगिक जाती/धर्म/पंथ/मतवालबियों) मैंने ही कहा था की इस दुनिया से सब नकाब/पर्दा उठवा दूँ पर कहीं इस संसार के सूर्यों की ज्योति मध्यम न पड़ जाय? तो क्या समय अब आ गया है की इस दुनिया से सब नकाब/पर्दा उठवा दिया जाय (गंगा को तो मै छोड़ दूंगा किन्तु उन्हें संभालेगा कौन यह कहा था ब्रह्मा ने राजा भगीरथ से तो उचित प्रश्न उचित समय पर यही है की दुनिया का आडम्बर जिस हद तक व्यवश्थित रूप में है उसे सहनीय और रोचक ढंग से चलाते रहिये पर अब यह मत कहियेगा की सब कुछ के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य ही जिम्मदेदार हैं अपितु वैश्विक एक गाँव व्यवस्था (वैश्वीकरण) में अब यह समझियेगा की दो और लोग आप से ही निकले है वे भी बराबर के जिम्मेदार व् अधिकारी व् उत्तराधिकारी हैं जिनकी संख्या व् साम्राज्य आप से कहीं बहुत ज्यादा है और वे भी प्रयागराज को ही मानवता का मूल विन्दु/केंद्र मानते हैं)?

एकल शक्ति परमब्रम्ह से उद्भावित त्रिशक्ति ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य से ही उद्भावित पञ्च प्यारों (ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य, इस्लाम व् ईसाइयत व् उनके अनुसांगिक जाती/धर्म/पंथ/मतवालबियों) मैंने ही कहा था की इस दुनिया से सब नकाब/पर्दा उठवा दूँ पर कहीं इस संसार के सूर्यों की ज्योति मध्यम न पड़ जाय? तो क्या समय अब आ गया है की इस दुनिया से सब नकाब/पर्दा उठवा दिया जाय (गंगा को तो मै छोड़ दूंगा किन्तु उन्हें संभालेगा कौन यह कहा था ब्रह्मा ने राजा भगीरथ से तो उचित प्रश्न उचित समय पर यही है की दुनिया का आडम्बर जिस हद तक व्यवश्थित रूप में है उसे सहनीय और रोचक ढंग से चलाते रहिये पर अब यह मत कहियेगा की सब कुछ के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय व् वैश्य ही जिम्मदेदार हैं अपितु वैश्विक एक गाँव व्यवस्था (वैश्वीकरण) में अब यह समझियेगा की दो और लोग आप से ही निकले है वे भी बराबर के जिम्मेदार व् अधिकारी व् उत्तराधिकारी हैं जिनकी संख्या व् साम्राज्य आप से कहीं बहुत ज्यादा है और वे भी प्रयागराज को ही मानवता का मूल विन्दु/केंद्र मानते हैं)? >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

मेरे गुरुदेव और मामा/नाना (जौनपुर/प्रतापगढ़) जी लोगों के साम्राज्य प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय में मेरा 2000 में ही काशी से आगमन कैसा लगा जहाँ पहले ही दिन 11 मार्च, 2001 को ही प्रयागराज विश्विद्यालय में आगमन पर मामा/ नाना और छोटे/बड़े भाई लोग ही मिले मतलब उस समय से ही मै ब्रह्म ज्ञानी हो चुका था तो मै अपनो के बीच में ही सहस्राब्दीमाहापरिवर्तन/विश्वमहापरिवर्तन और उसके उत्तरकाल/संक्रमण काल हेतु संग्राम में किसकी तरफ से रहता तो मै गुट निरपेक्ष हो अपना उद्देश्य ही सर्वोपरि रखा जो 29/30 नवम्बर 2016 को पूर्ण रूपेण प्राप्त हो चुका है|

मेरे गुरुदेव और मामा/नाना (जौनपुर/प्रतापगढ़) जी लोगों के साम्राज्य प्रयागराज और प्रयागराज विश्विद्यालय में मेरा 2000 में ही काशी से आगमन कैसा लगा जहाँ पहले ही दिन 11 मार्च, 2001 को ही प्रयागराज विश्विद्यालय में आगमन पर मामा/ नाना और छोटे/बड़े भाई लोग ही मिले मतलब उस समय से ही मै ब्रह्म ज्ञानी हो चुका था तो मै अपनो के बीच में ही सहस्राब्दीमाहापरिवर्तन/विश्वमहापरिवर्तन और उसके उत्तरकाल/संक्रमण काल हेतु संग्राम में किसकी तरफ से रहता तो मै गुट निरपेक्ष हो अपना उद्देश्य ही सर्वोपरि रखा जो 29/30 नवम्बर 2016 को पूर्ण रूपेण प्राप्त हो चुका है| >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

सरस्वती स्वरूपा कौशल्या (जो चरमोत्कर्ष अवश्था में जाकर अपने पुत्र का अधिकार छीन जाने को भी वर्दास्त कर चूँ भी नहीं की त्यागमयी अवतार बनी); सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती स्वरूपा कैकई (जो दशरथ को असुरों के संग्राम में भी मूर्छित होने से बीच समरभूमि से निकालकर नव जीवन दिया और जिनको राम के सर्वगुण संपन्न होने और पुरुषार्थ पर भरोषा था की ये असुर समाज का नाश करने में समर्थ है उस हेतु उनका राज्याधिकार छीन वनवास देने हेतु दशरथ को विवस किया) ; और लक्ष्मी स्वरूपा सुमित्रा जिन्होंने अपने दोनों पुत्रों को राम (के साथ लक्ष्मण) और भरत (के साथ शत्रुघ्न) दोनों को संवर्धित और संरक्षित करने हेतु लगा दिया ऐसी मातृ त्रिशक्तियों को एक साथ नमन| इस प्रकार ये सम्मिलित रूप में स्वयं देवकाली/जगत जननी दुर्गा (महासरस्वती+महालक्ष्मी+ महागौरी) का स्वरुप हैं जो हर काल में असुरों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विनाश करने हेतु अवतरित होते रहती हैं|

सरस्वती स्वरूपा कौशल्या (जो चरमोत्कर्ष अवश्था में जाकर अपने पुत्र का अधिकार छीन जाने को भी वर्दास्त कर चूँ भी नहीं की त्यागमयी अवतार बनी); सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती स्वरूपा कैकई (जो दशरथ को असुरों के संग्राम में भी मूर्छित होने से बीच समरभूमि से निकालकर नव जीवन दिया और जिनको राम के सर्वगुण संपन्न होने और पुरुषार्थ पर भरोषा था की ये असुर समाज का नाश करने में समर्थ है उस हेतु उनका राज्याधिकार छीन वनवास देने हेतु दशरथ को विवस किया) ; और लक्ष्मी स्वरूपा सुमित्रा जिन्होंने अपने दोनों पुत्रों को राम (के साथ लक्ष्मण) और भरत (के साथ शत्रुघ्न) दोनों को संवर्धित और संरक्षित करने हेतु लगा दिया ऐसी मातृ त्रिशक्तियों को एक साथ नमन| इस प्रकार ये सम्मिलित रूप में स्वयं देवकाली/जगत जननी दुर्गा (महासरस्वती+महालक्ष्मी+ महागौरी) का स्वरुप हैं जो हर काल में असुरों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विनाश करने हेतु अवतरित होते रहती हैं| >>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

राम(विष्णु) के ईस्टदेव शिव/रामेश्वर/केदारेश्वर/रामनाथ और शिव के ईस्टदेव राम(विष्णु) तथा राम(विष्णु) के लिए माता तुल्य है सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती और शिव के लिए माता तुल्य है सीता (लक्ष्मी)। यह होता है सम्बन्ध शिव/रामेश्वर/केदारेश्वर/रामनाथ और रमानाथ/राम/कृष्ण(विष्णु) का आज तक के इतिहास में|

राम(विष्णु) के ईस्टदेव शिव/रामेश्वर/केदारेश्वर/रामनाथ और शिव के ईस्टदेव राम(विष्णु) तथा राम(विष्णु) के लिए माता तुल्य है सती/उमा/अपर्णा/गौरी/गिरिजा/पारवती और शिव के लिए माता तुल्य है सीता (लक्ष्मी)। यह होता है सम्बन्ध शिव/रामेश्वर/केदारेश्वर/रामनाथ और रमानाथ/राम/कृष्ण(विष्णु) का आज तक के इतिहास में|>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

प्रयागराज विश्विद्यालय के केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र में 7 फरवरी, 2003 को प्रयागराज विश्वविद्यालय में शोध हेतु नामांकित होने के साथ सैद्धांतिक और व्यवहारिक रूप से केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र को प्रयागराज विश्विद्यालय का केंद्र बना दिया था और मार्च, 2007 में पूर्ण शोधग्रंथ जमा करने, 11 सितम्बर, 2007 को उसकी मौखिक परिक्षा उत्तीर्ण करने के साथ तो इसे प्रयाग विश्विद्यालय का केंद्र होने से कोई अगर मना कर सकता था तो 18 सितम्बर, 2007 को विश्विद्यालय स्वयं अपने इसी केंद्र से स्वयं शैक्षिक शोध उपाधि देते हुए प्रथम शोध अध्येता मान ही लिया। और इस बीच मई, 2006 में मेरे जो पत्राचार किसी भी सरकारी विभाग से हुए उसमे मैंने जो भी माँगी गयी कागजी जानकारी विश्विद्यालय के सभी एक दर्जन नए अस्थायी केंद्र की दी थी उसके साथ मेरे इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र से प्रयागराज विश्विद्यालय का शोध छात्र होने और इसी के स्थायी करने के उद्देश्य से किया था यह अलग बात है की दाता लोग महान थे और 2006 दिसंबर जाते जाते लगभग 7 दहाई लोगों के भाग्य के साथ लगभग एक दर्जन केंद्र/विभाग के लिए इस विश्विद्यालय में हरियाली की नयी किरण आयी। तो कोई गुरुजन गुढली न गिने आम खाएं और यह न कहें की केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय का केंद्र नहीं और वायुमंडलीय एवम महासागर विज्ञान के 7 स्थाई शिक्षक पद किसी और केंद्र या विभाग के लिए है या यह दो केंद्रों के लिए पद है। ऐसी राजनीती से अच्छी बात तब होती जब ये गुरुजन अपनी काबिलियत उस विषय में दिखला उस विषय विशेष के केंद्र में पद लाएं और दूसरी बात की जब एक विषय का कोई केंद्र उपलब्ध है तो उसी विषय का दूसरा केंद्र या विभाग किस नियम के तहत खोला जाएगा या मान्यता पायेगा?

प्रयागराज विश्विद्यालय के केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र में 7 फरवरी, 2003 को प्रयागराज विश्वविद्यालय में शोध हेतु नामांकित होने के साथ सैद्धांतिक और व्यवहारिक रूप से केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र को प्रयागराज विश्विद्यालय का केंद्र बना दिया था और मार्च, 2007 में पूर्ण शोधग्रंथ जमा करने, 11 सितम्बर, 2007 को उसकी मौखिक परिक्षा उत्तीर्ण करने के साथ तो इसे प्रयाग विश्विद्यालय का केंद्र होने से कोई अगर मना कर सकता था तो 18 सितम्बर, 2007 को विश्विद्यालय स्वयं अपने इसी केंद्र से स्वयं शैक्षिक शोध उपाधि देते हुए प्रथम शोध अध्येता मान ही लिया। और इस बीच मई, 2006 में मेरे जो पत्राचार किसी भी सरकारी विभाग से हुए उसमे मैंने जो भी माँगी गयी कागजी जानकारी विश्विद्यालय के सभी एक दर्जन नए अस्थायी केंद्र की दी थी उसके साथ मेरे इसी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र से प्रयागराज विश्विद्यालय का शोध छात्र होने और इसी के स्थायी करने के उद्देश्य से किया था यह अलग बात है की दाता लोग महान थे और 2006 दिसंबर जाते जाते लगभग 7 दहाई लोगों के भाग्य के साथ लगभग एक दर्जन केंद्र/विभाग के लिए इस विश्विद्यालय में हरियाली की नयी किरण आयी। तो कोई गुरुजन गुढली न गिने आम खाएं और यह न कहें की केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवम महासागर अध्धयन केंद्र, प्रयागराज विश्विद्यालय का केंद्र नहीं और वायुमंडलीय एवम महासागर विज्ञान के 7 स्थाई शिक्षक पद किसी और केंद्र या विभाग के लिए है या यह दो केंद्रों के लिए पद है। ऐसी राजनीती से अच्छी बात तब होती जब ये गुरुजन अपनी काबिलियत उस विषय में दिखला उस विषय विशेष के केंद्र में पद लाएं और दूसरी बात की जब एक विषय का कोई केंद्र उपलब्ध है तो उसी विषय का दूसरा केंद्र या विभाग किस नियम के तहत खोला जाएगा या मान्यता पायेगा?>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

जो लोग इतने पिछड़े हैं की 11/18 सितम्बर, 2007 में पूर्ण कार्य को अभी तक नहीं समझ पाये तथा 29 अक्टूबर, 2009 को जो कार्य मेरे द्वारा अपनी अभीष्ट पूर्णता प्राप्त कर लिया स्पस्ट नियमो द्वारा परिभाषित होने पर भी उसे प्रयागराज न्यायालय में भेज दे रहे है अपनी मानसिक पिछड़ेपन की गवाही देते हुए, तो जो 6/7 वर्ष पीछे स्वयं चल रहा हो तो अगर वह कहे की मेरी मेरिट/प्रतिभा कम है और मै पीछे की सोचता हूँ तो उसके सनकीपन के भगवान हे मालिक और तो वह जिसका नेतृत्व करेगा उसकी भाग्य को हम क्या कहें? कारण की अगर मेरे सामने वाला पश्चगामी है तो मुझे भी पीछे से द्रिस्टान्त प्रस्तुत करने होते हैं और यही साजिस मेरे सामने वाले 29 अक्टूबर, 2009 से न करते रहे होते आज तक तो शायद उनका स्थान कही और ऊंचा हुआ होता और रास्ते निष्कंटक होते।

जो लोग इतने पिछड़े हैं की 11/18 सितम्बर, 2007 में पूर्ण कार्य को अभी तक नहीं समझ पाये तथा 29 अक्टूबर, 2009 को जो कार्य मेरे द्वारा अपनी अभीष्ट पूर्णता प्राप्त कर लिया स्पस्ट नियमो द्वारा परिभाषित होने पर भी उसे प्रयागराज न्यायालय में भेज दे रहे है अपनी मानसिक पिछड़ेपन की गवाही देते हुए, तो जो 6/7 वर्ष पीछे स्वयं चल रहा हो तो अगर वह कहे की मेरी मेरिट/प्रतिभा कम है और मै पीछे की सोचता हूँ तो उसके सनकीपन के भगवान हे मालिक और तो वह जिसका नेतृत्व करेगा उसकी भाग्य को हम क्या कहें? कारण की अगर मेरे सामने वाला पश्चगामी है तो मुझे भी पीछे से द्रिस्टान्त प्रस्तुत करने होते हैं और यही साजिस मेरे सामने वाले 29 अक्टूबर, 2009 से न करते रहे होते आज तक तो शायद उनका स्थान कही और ऊंचा हुआ होता और रास्ते निष्कंटक होते।>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

जिस सनातन ब्राह्मण के स्थान पर स्वयं सनातन ब्राह्मण में भी कोई टिक न सका उसके स्थान पर किस-किस को आप पेश करने की कोशिस किये चले जा रहे है? सनातन ब्राह्मण का स्थान स्वयं कोई अन्य प्रकार का ब्राह्मण भी नहीं ले सकता तो कोई और क्या लेगा? ब्रह्मा, विष्णु और महेश परमब्रह्म के ही अंश है इस हेतु महेश और विष्णु भी भिक्षाटन करते रहे हैं जबकि वे क्रमसः शक्ति और समृद्धि के स्वामी स्वयं रहे है। दोनों का भिक्षातन उदाहरण मानवता की रक्षा हेतु बार-बार मानवता के इतिहास में आया है जिससे आप ब्रह्मा, विष्णु और महेश को क्रमसः ज्ञान, समृद्धि और शक्ति के स्वामी कह सकते हैं और स्वयं हेतु नहीं वरन मानवता को बचाने हेतु शिव और विष्णु भी दाता होते हुए भी भिक्षाटन किये हैं।

जिस सनातन ब्राह्मण के स्थान पर स्वयं सनातन ब्राह्मण में भी कोई टिक न सका उसके स्थान पर किस-किस को आप पेश करने की कोशिस किये चले जा रहे है? सनातन ब्राह्मण का स्थान स्वयं कोई अन्य प्रकार का ब्राह्मण भी नहीं ले सकता तो कोई और क्या लेगा? ब्रह्मा, विष्णु और महेश परमब्रह्म के ही अंश है इस हेतु महेश और विष्णु भी भिक्षाटन करते रहे हैं जबकि वे क्रमसः शक्ति और समृद्धि के स्वामी स्वयं रहे है। दोनों का भिक्षातन उदाहरण मानवता की रक्षा हेतु बार-बार मानवता के इतिहास में आया है जिससे आप ब्रह्मा, विष्णु और महेश को क्रमसः ज्ञान, समृद्धि और शक्ति के स्वामी कह सकते हैं और स्वयं हेतु नहीं वरन मानवता को बचाने हेतु शिव और विष्णु भी दाता होते हुए भी भिक्षाटन किये हैं।>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

Wednesday, July 26, 2017

प्रेमचन्द(शिव)-रामापुर-223225 ने जोशी(ब्रह्मा)-प्रयागराज के कार्य की पूर्ती हेतु तीन बार बिशुनपुर-223103, जौनपुर(त्रिलोचन स्थल), मण्डल काशी जाकर श्रीधर(विष्णु) से आशीर्वाद लिया था और मै स्वयं नाम राशी गिरिधर [विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] दाँव पर लगा दिया गया था उस पर भी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र की स्थापना हर माने में पूर्ण रूपेण न होती? और न होती तो क्या फिर यह संसार गतिमान रह सकता है?

प्रेमचन्द(शिव)-रामापुर-223225 ने जोशी(ब्रह्मा)-प्रयागराज के कार्य की पूर्ती हेतु तीन बार बिशुनपुर-223103, जौनपुर(त्रिलोचन स्थल), मण्डल काशी जाकर श्रीधर(विष्णु) से आशीर्वाद लिया था और मै स्वयं नाम राशी गिरिधर [विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] दाँव पर लगा दिया गया था उस पर भी केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र की स्थापना हर माने में पूर्ण रूपेण न होती? और न होती तो क्या फिर यह संसार गतिमान रह सकता है? >>>>>>>>>><<<<<<HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

The 24 Spokes of Ashok Chakra/Samay Chakra/ Kalchakra

What are the 24 Spokes of Ashok Chakra/Samay Chakra/ Kalchakra/Dharmchakra? and what are the virtue(वैयक्तिक गुण) of these Spokes:
24 Vitues depicted by 24 Spokes. How many virtues(वैयक्तिक गुण) we hold?
• 1. Love (1st Rishi Vishvamitra/Kaushik/Vishwarath i.e. the Weapon Guru of Lord Shri Ram and Lakshaman)
• 2. Courage
• 3. Patience
• 4. Peacefulness
• 5. Magnanimity
• 6. Goodness
• 7. Faithfulness
• 8. Gentleness
• 9. Selflessness
• 10. Self-Control
• 11. Self Sacrifice
• 12. Truthfulness
• 13. Righteousness
• 14. Justice
• 15. Mercy
• 16. Gracefulness
• 17. Humility
• 18. Empathy
• 19. Sympathy
• 20. Spiritual Knowledge
• 21. Moral Values
• 22. Spiritual Wisdom
• 23. The Fear of God
• 24. The Faith or Trust or belief(24rth and last Rishi Yagyavalkya)
What are the 24 Spokes of Ashok Chakra (which is in Blue colour on white background of Tiranga: because here only three is prominent colour and 4rth colour means blue colour covered only very limited area) according Hindu religion:-------The real reason for having 24 spokes on the Chakra is: According to Hindu religion, Puranas mentioned that only 24 Rishis (source is 7 Brahmarshi/Saptarshi originated from Prayagraj in prak-yagya organised by Brahma and performed by Vishnu and Mahesh) wielded the whole power of the Gayatri/Savit Mantra(Gayatri=Savita is source of energy of Sun which is natural source of energy in this universe). These 24 rishi in Himalayas are represented through the 24 letters of Gayatri Mantra. The all the 24 spokes of Dharmachakra are representation of all these 24 rishi of Himalayas in which Vishvamitra is first and Yajnavalkya is last who governs the religion (Dharma). Ashok Chakra is symbol of Dharmchakra and also known as Samay Chakra or KALCHAKRA in which all the 24 spokes represented 24 hours of the day and symbol of the movement of the time.
• 1. Love (1st Rishi Vishvamitra i.e. the Weapon Guru of Lord Shri Ram and Lakshaman)
• 2. Courage
• 3. Patience
• 4. Peacefulness
• 5. Magnanimity
• 6. Goodness
• 7. Faithfulness
• 8. Gentleness
• 9. Selflessness
• 10. Self-Control
• 11. Self Sacrifice
• 12. Truthfulness
• 13. Righteousness
• 14. Justice
• 15. Mercy
• 16. Gracefulness
• 17. Humility
• 18. Empathy
• 19. Sympathy
• 20. Spiritual Knowledge
• 21. Moral Values
• 22. Spiritual Wisdom
• 23. The Fear of God
• 24. The Faith or Trust or belief(24rth and last Rishi YagyavalkyaI>>>>>>>>Hi! Five (Pandey)<<<<<<< A perfect Brahman, a perfect Kshariya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman. >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।