Google+ Followers

Wednesday, August 9, 2017

सीने पर पहाड़ रखकर मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर,व्यासी गौतम गोत्रीय मिश्र सनातन ब्राह्मण- श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर, त्रिफला कश्यप गोत्रीय पाण्डेय सनातन ब्राह्मण-प्रेमचन्द(शिव:सोमनाथ) ने केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र की स्थापना हेतु न की किसी विभाग की स्थापना मात्र हेतु ही मुझे 7 फरवरी, 2003 को दफनाते हुए कूर्मावतारी विष्णु बनाया था जबकि विषपान मैं पहले ही कर चुका था और अतिसय मानवीय अनिष्ट का आभाष मै अपने से सम्बन्धित मित्रों और सम्बन्धियों के माध्यम से दे चुका था| तो जो केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र अपने साथ एक दर्जन विभाग/केंद्र को आबाद किया हो इस इस प्रयागराज विश्वविद्यालय, इलाहाबाद/अल्लाहबाद/अल्लाह आबाद/अल्लाह आवास/इला आबाद/इला आवास/त्रिसंगम/त्रिवेणी/तीर्थराज/प्राक यज्ञ स्थल/सप्तर्षि प्राकट्य हेतु मानवता के प्राचीनतम प्रकृष्टा यज्ञ स्थल/प्रयागराज में तो ऐसे में इसमें भी किसी को खामी नजर आ रही है तो उनको मेरा सन्देश है की आपने भारतीय हिन्दू समाज के शास्त्रीय विवाह के नियम का उल्लंघन कर भारतीय हिन्दू समाज के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाते हुए भारतीय धर्म निरपेक्ष संविधान के नियमो का भी उल्लंघन किया है और इसे आप अच्छी तरह से समझते हुए केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र को पूर्ण रूप में प्रयागराज विश्वविद्यालय में शिक्षक युक्त पूर्ण केंद्र की स्थापना के सत्यापित/सैद्धांतिक/भौतिक/प्रमाणित सत्य को अंगीकार कीजिये और किसी सड़क छाप को पकड़कर उसे अपने तनाव से मुक्ति हेतु मेरा एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ बनाते रहने का प्रपंच छोड़िये क्योंकि यह 2057 तक तो कम से कम सम्भव नहीं है ऐसे में आगे के लिए कोई हो आप के पास तो उसे तैयार कीजिये क्योंकि यह रामानन्द/व्यासी गौतम गोत्रीय मिश्र सनातन ब्राह्मण और सारंगधर(देवव्रत)/त्रिफला कश्यप गोत्रीय पाण्डेय सनातन ब्राह्मण अपने को सिद्ध करते हुए ही आज इस स्थान पर पहुंचा है और अब इसे किसी जाति/धर्म/पन्थ/मजहब की महासभा का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए एक पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य और इस प्रकार से पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य तथा पूर्ण इस्लामी और पूर्ण ईसाइयत एक पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए कहलवाने में पर हाँ आप लोगों की सहमति हो तो और सम्पूर्ण मानवता को आप केवल तीन से ही नियंत्रित कर सकें तो केवल पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य के रूप ही इस चराचर जगत को दृष्टिगोचर होऊँ जैसा के आप अभी तक अपनी दृष्टि में देख रहे हैं|

सीने पर पहाड़ रखकर मेरे परमगुरु परमपिता परमेश्वर,व्यासी गौतम गोत्रीय मिश्र सनातन ब्राह्मण- श्रीधर(विष्णु) और परमपिता परमेश्वर, त्रिफला कश्यप गोत्रीय पाण्डेय सनातन ब्राह्मण-प्रेमचन्द(शिव:सोमनाथ) ने केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र की स्थापना हेतु न की किसी विभाग की स्थापना मात्र हेतु ही मुझे 7 फरवरी, 2003 को दफनाते हुए कूर्मावतारी विष्णु बनाया था जबकि विषपान मैं पहले ही कर चुका था और अतिसय मानवीय अनिष्ट का आभाष मै अपने से सम्बन्धित मित्रों और सम्बन्धियों के माध्यम से दे चुका था| तो जो केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र अपने साथ एक दर्जन विभाग/केंद्र को आबाद किया हो इस इस प्रयागराज विश्वविद्यालय, इलाहाबाद/अल्लाहबाद/अल्लाह आबाद/अल्लाह आवास/इला आबाद/इला आवास/त्रिसंगम/त्रिवेणी/तीर्थराज/प्राक यज्ञ स्थल/सप्तर्षि प्राकट्य हेतु मानवता के प्राचीनतम प्रकृष्टा यज्ञ स्थल/प्रयागराज में तो ऐसे में इसमें भी किसी को खामी नजर आ रही है तो उनको मेरा सन्देश है की आपने भारतीय हिन्दू समाज के शास्त्रीय विवाह के नियम का उल्लंघन कर भारतीय हिन्दू समाज के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाते हुए भारतीय धर्म निरपेक्ष संविधान के नियमो का भी उल्लंघन किया है और इसे आप अच्छी तरह से समझते हुए केदारेश्वर बनर्जी वायुमंडलीय एवं महासागर अध्ध्य्यन केंद्र को पूर्ण रूप में प्रयागराज विश्वविद्यालय में शिक्षक युक्त पूर्ण केंद्र की स्थापना के सत्यापित/सैद्धांतिक/भौतिक/प्रमाणित सत्य को अंगीकार कीजिये और किसी सड़क छाप को पकड़कर उसे अपने तनाव से मुक्ति हेतु मेरा एकल ज्येष्ठ, श्रेष्ठ और वरिष्ठ बनाते रहने का प्रपंच छोड़िये क्योंकि यह 2057 तक तो कम से कम सम्भव नहीं है ऐसे में आगे के लिए कोई हो आप के पास तो उसे तैयार कीजिये क्योंकि यह रामानन्द/व्यासी गौतम गोत्रीय मिश्र सनातन ब्राह्मण और सारंगधर(देवव्रत)/त्रिफला कश्यप गोत्रीय पाण्डेय सनातन ब्राह्मण अपने को सिद्ध करते हुए ही आज इस स्थान पर पहुंचा है और अब इसे किसी जाति/धर्म/पन्थ/मजहब की महासभा का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए एक पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य और इस प्रकार से पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य तथा पूर्ण इस्लामी और पूर्ण ईसाइयत एक पूर्ण ब्राह्मण रहते हुए कहलवाने में पर हाँ आप लोगों की सहमति हो तो और सम्पूर्ण मानवता को आप केवल तीन से ही नियंत्रित कर सकें तो केवल पूर्ण ब्राह्मण, पूर्ण क्षत्रिय और पूर्ण वैश्य के रूप ही इस चराचर जगत को दृष्टिगोचर होऊँ जैसा के आप अभी तक अपनी दृष्टि में देख रहे हैं| <<<<<HI FIVE (PANDEY)>>>>A perfect Brahman, a perfect Kshatriya and a perfect Vaishya in a perfect Brahman.>>>>>>>>>>>>>>>>>>> विवेक/त्रयम्बक/त्रिनेत्र/त्रिलोचन (शिव और शिवा:सती:पारवती की आतंरिक सुरक्षा शक्ति) [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)]] ((सार्वभौमिक प्रथम मानव/ऋषि मूल स्थल प्रयागराज से विस्तारित मूल कश्मीर मूल के बस्ती जनपद से आकर रामापुर-223225 (आजमगढ़ स्थित) समेत 5 गाँव ((ओरिल: रामापुर (500 बीघा मूल क्षेत्र) +गुमकोठी+बागबहार+लग्गुपुर+औराडार)) को एक मुस्लिम(इस्लाम अनुयायी गौतम गोत्रीय क्षत्रिय परिवार)) जागीरदार से दान में पाये सनातन कश्यप गोत्रीय त्रिफला(त्रिफल:त्रिपत्र:त्रिदेव:त्रिदेवी: त्रिफला: बेलपत्र: बिल्वपत्र:शिव और शिवा का आभूषण/आहार/अरपणेय/अर्पण्य/अस्तित्व रहा तो स्वयं शिव बना) पाण्डेय ब्राह्मण बाबा सारंगधर (अगर सारंग मतलब चंद्र से भावार्थित हो तो):चंद्रशेखर:चंद्रधर: शशांकधर: राकेशधर: शशिधर:महादेव:शिव, सारंग मतलब गंगा(अल्का: स्वर्गलोक की एक पारी का नाम भी है) से भावार्थित हो तो गंगा को अपने अल्को में रखने वाले गंगाधर:गंगानाथ:शिव (+सारंग (धनुष) धारण करने वाले विष्णु+श्रीराम+श्रीकृष्ण) कुल के देवव्रत(गंगापुत्र)/.../रामप्रसाद/बचनराम (बेचनराम) /प्रदीप : आदित्यनाथ:सत्यनारायण: रामजानकी:रामा का पुत्र और सारभौमिक मूल मानवता स्थल परयागराज से कैलाश परवत वासी होकर मूल जनपद गोरखपुर/गोरक्षपुर से आकर बिशुनपुर-223103 (जौनपुर स्थित) जैसे मूलतः 300 बीघे के एक गाँव को एक क्षत्रिय जागीरदार से दान में पाये सनातन गौतम गोत्रीय व्याशी(वशिष्ठ कुल के व्यासः से व्याशी तो कश्यप का गुरु हो सकता है) मिश्रा ब्राह्मण निवाजी बाबा के रामानंद/----/रामप्रसाद/ रमानाथ:विष्णु (+पारसनाथ:शिव)/श्रीकांत(+श्रीधर:विष्णु+श्रीप्रकाश) कुल का नाती, विवेक(सरस्वती का ज्येष्ठ मानस पुत्र)/त्रयम्बक/त्रिलोचन/त्रिनेत्र /सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम/महाशिव (शिव व् शिवा:सती:पार्वती की भी आतंरिक सुरक्षा शक्ति) जिसकी आंतरिक शक्ति राशिनाम गिरिधर/ गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण/11 शिवावतार धौलागिरी (हिमालय) धारी हनुमान/धरणीधर शेषनाग(लक्ष्मण)/मरुधर (मदिराचलधारी) कुर्मावतारी विष्णु))|| [[ विवेक ((विवेक/सरस्वती का जेष्ठ मानस पुत्र/शिवरामकृष्ण/श्रीरामकृष्ण/रामकृष्ण/श्रीराम/राम(महाशिव)) Born (Actual) on 11-11-1975, 9.15 AM,Tuesday (मंगलवार, कार्तिक शुक्ल पक्ष अस्टमी=गोपा/गोपी/गोवर्धन/गिरिधर/गिरिधारी:इंद्रजीत अस्टमी) ११ नवम्बर विशेष दिन: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, नक्षत्र: धनिष्ठा, राशि: 1/2 कुम्भ, 1/2 मकर राशि और राशिनाम: गिरिधर((गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण, मेरु:मदिराचलधारी कुर्मावतारी विष्णु, धरणीधर शेषनाग((लक्ष्मण)), धौलागिरी(हिमालय) धारी हनुमान/11th शिव अवतार)) शासकीय प्रमाणपत्र में जन्म दिन तिथि: रविवार, 1-08-1976 (तथाकथित दलित गुरु, श्री धनराज हरिजन (धंजू)द्वारा दी गयी जन्म तिथि)]]||*******जय हिन्द(जंम्बूद्वीप = यूरेशिया=यूरोप +एशिया या न्यूनतम ईरान से सिंगापुर और कश्मीर से कन्याकुमारी)--- जय भारत(भारतवर्ष=अखंड-भारत=भरतखण्ड)-- जय श्रीराम/कृष्ण।

No comments:

Post a Comment